Sambhal: कांवड़ यात्रा पर AIMIM का सरकार पर हमला, बोले- आस्था का सम्मान हो, लेकिन रोज़गार पर न लगे ताला
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासत तेज़ हो गई है। एआईएमआईएम के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव
उवैस दानिश, सम्भल
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासत तेज़ हो गई है। एआईएमआईएम के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव सय्यद असलम ने कांवड़ यात्रा और उससे जुड़े प्रशासनिक प्रतिबंधों को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।
सय्यद असलम ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी धार्मिक यात्रा है और उनकी पार्टी इसका सम्मान करती है। लेकिन यात्रा के दौरान मीट, चिकन और मछली की दुकानों को बंद कराने तथा कारोबार पर रोक लगाने से हजारों-लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि इससे सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में हिंदू व्यापारी और मजदूर भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपद्रवियों पर सख्ती की जाए, लेकिन आम कारोबारियों और मजदूरों को नुकसान न पहुंचाया जाए। उनका कहना था कि लंबे समय तक कारोबार बंद रहने से गरीब परिवारों की आय प्रभावित होती है और बच्चों की पढ़ाई तक पर असर पड़ता है। नमाज और कांवड़ यात्रा की तुलना पर पूछे गए सवाल के जवाब में सय्यद असलम ने आरोप लगाया कि सड़क पर नमाज को लेकर सख्ती दिखाई जाती है, जबकि कांवड़ यात्रा के दौरान अलग रवैया अपनाया जाता है। उन्होंने इसे "दोहरा मापदंड" बताते हुए सरकार से सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार करने की मांग की। हालांकि, यह बयान एआईएमआईएम की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन अपनी ओर से आवश्यक इंतजाम करता है। इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की राय भी अलग-अलग है।
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