Ayodhya: नाली निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पार्षद की शिकायत के बाद भी अधिकारी मौन।
नगर निगम के आचार्य नरेंद्र वार्ड में चल रहा नाली निर्माण कार्य अब सवालों के घेरे में आ गया है। करोड़ों रुपये के विकास
अयोध्या। नगर निगम के आचार्य नरेंद्र वार्ड में चल रहा नाली निर्माण कार्य अब सवालों के घेरे में आ गया है। करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के बीच स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि नाली निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा और जिम्मेदार अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य में 4:1 के मसाले और अव्वल दर्जे की ईंटों के उपयोग का प्रावधान है, लेकिन मौके की तस्वीरें और स्थानीय लोगों के दावे कुछ और कहानी बयां कर रहे हैं। वार्ड के पार्षद अनूप श्रीवास्तव भी स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने गुणवत्ता संबंधी शिकायतों से अधिकारियों को अवगत कराया था।
सबसे अधिक चर्चा जूनियर इंजीनियर अमित जायसवाल के रवैये को लेकर है। जब उनसे निर्माण मानकों और मौके पर हो रहे कार्य की गुणवत्ता के बारे में सवाल पूछे गए तो उन्होंने औपचारिक जवाब देने के बाद फोन काट दिया। बाद में दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
अब जनता पूछ रही है कि क्या पुरानी नाली के ऊपर ही नई नाली बनाई जा रही है? स्वीकृत बजट और धरातल पर दिखाई दे रहे कार्य में कितना सामंजस्य है? और सबसे बड़ा सवाल—अगर सब कुछ मानक के अनुरूप है तो जिम्मेदार अधिकारी सवालों से बच क्यों रहे हैं? नगर निगम और प्रशासन की साख दांव पर है। ऐसे में आवश्यकता है कि निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विकास हो रहा है या विकास के नाम पर किसी बड़े खेल की पटकथा लिखी जा रही है।
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