हरियाणा के अंबाला में खूनी रंजिश का खौफनाक तांडव, पैसों के विवाद में कलयुगी युवक ने ली तीन अपनों की जान
हरियाणा के अंबाला जिले से रिश्तों को कलंकित करने वाली एक ऐसी रूहकँपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे
- शहजादपुर के बिचपड़ी गांव में अंधाधुंध गोलीबारी से दहल उठे ग्रामीण, एक ही आंगन में बिछीं तीन लाशे
- जमीन और रेत की कमाई के बंटवारे ने ली रिश्तों की बलि, तीन की मौत और एक महिला जिंदगी व मौत के बीच जूझ रही
हरियाणा के अंबाला जिले से रिश्तों को कलंकित करने वाली एक ऐसी रूहकँपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे सूबे की कानून व्यवस्था और पारिवारिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। जिले के शहजादपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांत बिचपड़ी गांव में शनिवार की ढलती शाम उस समय गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी, जब एक बाइस वर्षीय कलयुगी युवक ने महज चंद रुपयों और पैतृक जमीन के लालच में आकर अपने ही हंसते-खेलते परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया। पैसों के लेनदेन को लेकर घर के भीतर शुरू हुआ मामूली सा विवाद कुछ ही पलों में इस कदर हिंसक रूप अख्तियार कर गया कि आरोपी ने अपने पास छिपे हुए पिस्तौल से एक के बाद एक कई राउंड फायर झोंक दिए। इस अंधाधुंध गोलीबारी में आरोपी की सगी बुजुर्ग दादी, सगे चाचा और सगे बड़े भाई की मौके पर व अस्पताल ले जाते समय तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
इस खौफनाक तिहरे हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह पैतृक भूमि और उस जमीन से होने वाली अवैध रेत की कमाई का विवाद बताया जा रहा है। दरअसल, परिवार के पास जो हिस्से की जमीन थी, उसमें से भारी मात्रा में रेत बेची गई थी, लेकिन इस बिक्री से मिलने वाली मोटी रकम का बंटवारा समान रूप से नहीं किया गया था। आरोपी और उसके माता-पिता ने मिलकर रेत की पूरी कमाई आपस में बांट ली थी और इस बड़ी धनराशि में से अपने सगे चाचा और बड़े भाई को फूटी कौड़ी भी नहीं दी थी। इसी आर्थिक असमानता और अपने हिस्से की वाजिब मांग को लेकर परिवार के भीतर पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव और कलह की स्थिति बनी हुई थी, जो आखिरकार शनिवार की शाम को एक खूनी नरसंहार में तब्दील हो गई।
घटना के समय जब घर के सभी सदस्य आंगन में मौजूद थे, तब इसी वित्तीय विवाद को लेकर एक बार फिर बहसबाजी का दौर शुरू हुआ जो देखते ही देखते गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गया। इसी बीच, पंचकुला के एक कॉलेज से फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे बाइस वर्षीय आरोपी अभिषेक ने अचानक अपनी कमर से एक अर्ध-स्वचालित पिस्तौल निकाली और सीधे अपने परिजनों पर तान दी। इससे पहले कि घर का कोई भी सदस्य संभल पाता या अपनी जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागता, आरोपी ने बिल्कुल करीब से गोलीबारी शुरू कर दी। सबसे पहला प्रहार उसने अपनी नब्बे वर्षीय बुजुर्ग दादी इसरो देवी पर किया, जिन्होंने अपनी आंखों के सामने परिवार की तीन पीढ़ियों को बढ़ते देखा था। वृद्ध महिला के सिर में गोली लगते ही उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिसके बाद घर के भीतर चीख-पुकार मच गई।
दादी को खून से लथपथ गिरता देख जब आरोपी के चालीस वर्षीय बड़े भाई संदीप कुमार और पचास वर्षीय चाचा महिंदर सिंह ने उसे दबोचने का प्रयास किया, तो सनकी युवक ने उन दोनों के सीने और पेट को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां दाग दीं। घर के भीतर छिड़े इस खूनी ड्रामे के दौरान जब चाचा की पैंतालीस वर्षीय पत्नी सुनीता अपने पति और जेठ के बेटे को बचाने के लिए बीच में आईं, तो आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पिस्तौल को सीधे उनके चेहरे के पास ले जाकर ट्रिगर दबा दिया। गोली लगने से चारों लोग आंगन में अलग-अलग जगहों पर गिरकर तड़पने लगे, और इस भीषण रक्तपात को अंजाम देने के बाद आरोपी हाथ में हथियार लहराता हुआ बड़ी ही आसानी से मौके से फरार होने में कामयाब हो गया।
गोलियों की गूंज और चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के ग्रामीण दौड़कर घर के भीतर पहुंचे, तो वहां का खौफनाक मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चारों तरफ खून फैला हुआ था और पूरा परिवार अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था। ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित किया और अपनी गाड़ियों की मदद से तड़प रहे संदीप, महिंदर सिंह और सुनीता को अत्यंत गंभीर हालत में नजदीकी नागरिक अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद चाचा महिंदर सिंह और भाई संदीप को भी मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल चाची सुनीता को प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
इस रूहकँपा देने वाले तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही अंबाला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, भारी पुलिस बल और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें तुरंत बिचपड़ी गांव पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल को पूरी तरह से सील कर दिया और वहां से खाली खोखे, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए। मृतक संदीप की पत्नी नेहा की लिखित शिकायत के आधार पर स्थानीय शहजादपुर थाने में मुख्य आरोपी अभिषेक, उसके पिता सतबीर सिंह (जो स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं) और उसकी मां ऊषा के खिलाफ सोची-समझी साजिश के तहत हत्या करने का एक गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि एक कॉलेज के छात्र के पास इतना अत्याधुनिक और घातक हथियार कहां से आया और क्या इसके लिए कोई अवैध नेटवर्क काम कर रहा था।
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