मशहूर अभिनेत्री रवीना टंडन की मां की देखभाल करने वाली केयरटेकर ने तिजोरी से उड़ाए लाखों के गहने, गिरफ्तार, जांच जारी।
मुंबई के सबसे वीआईपी और पाश इलाकों में शुमार जुहू क्षेत्र से मनोरंजन जगत की एक बेहद मशहूर हस्ती के परिवार के साथ बड़ी
- सालों तक घर का सदस्य बनकर जीती वफादारी, फिर मौका पाकर 25 लाख रुपये के सोने और हीरे के आभूषणों पर साफ किया हाथ
- त्योहार की तैयारियों के दौरान खुला टूटा हुआ लॉकर, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी महिला को किया गिरफ्तार, जांच जारी
मुंबई के सबसे वीआईपी और पाश इलाकों में शुमार जुहू क्षेत्र से मनोरंजन जगत की एक बेहद मशहूर हस्ती के परिवार के साथ बड़ी धोखाधड़ी और चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बॉलीवुड की दिग्गज और लोकप्रिय अभिनेत्री रवीना टंडन की बुजुर्ग मां के घर पर एक बेहद भरोसेमंद घरेलू सहायिका और केयरटेकर ने लाखों रुपये के कीमती आभूषणों और घड़ियों पर साफ हाथ कर दिया। आरोपी महिला ने पिछले कई सालों से परिवार के भीतर अपनी ऐसी जगह बना ली थी कि घर का हर सदस्य उस पर आंख मूंदकर भरोसा करता था। हालांकि, इस घने विश्वास की आड़ में वह महिला धीरे-धीरे घर की तिजोरी को खोखला करने की बड़ी साजिश को अंजाम दे रही थी, जिसका खुलासा होने के बाद अब स्थानीय पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
इस पूरे आपराधिक घटनाक्रम की शुरुआत साल 2020 के वैश्विक महामारी काल के दौरान हुई थी, जब आपसी परिचितों और रिश्तेदारों के माध्यम से इस महिला का परिचय टंडन परिवार से हुआ था। आरोपी महिला की पहचान 47 वर्षीय राशी छाबड़िया के रूप में हुई है, जो मुंबई के ही खार इलाके की रहने वाली है। व्यक्तिगत जीवन में अपने पति और माता-पिता को खोने के बाद वह काफी अकेली और आर्थिक रूप से परेशान थी, जिसके बाद अभिनेत्री के परिवार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उसे अपने जुहू स्थित आवास पर पनाह दी थी। उसे मुख्य रूप से अभिनेत्री की 86 वर्षीय वृद्ध मां वीणा टंडन की दैनिक देखभाल, दवाइयों के प्रबंधन और स्वास्थ्य की निगरानी करने की बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसे वह पिछले पांच वर्षों से निभा रही थी।
समय बीतने के साथ-साथ राशी ने अपने सौम्य व्यवहार, सेवा भाव और मीठी बातों से परिवार के सभी सदस्यों का दिल पूरी तरह से जीत लिया था। वह केवल एक कर्मचारी बनकर नहीं रही, बल्कि टंडन परिवार उसे अपने घर के एक अभिन्न सदस्य की तरह ही सम्मान और स्नेह देने लगा था। वह अक्सर घर के रसोई घर में जाकर खाना भी बनाती थी और उसकी इसी कथित ईमानदारी को देखते हुए उसे बंगले के सबसे संवेदनशील और निजी हिस्सों में भी बेरोकटोक आने-जाने की खुली छूट मिल गई थी। विशेष रूप से बंगले की दूसरी मंजिल पर स्थित बेडरूम और उससे जुड़े वार्डरोब रूम तक उसकी पहुंच बेहद आसान हो गई थी, जहां परिवार के अत्यंत कीमती सामान और पुश्तैनी जेवरात रखे हुए थे। इस सुनियोजित चोरी की घटना की शुरुआत अगस्त 2025 के महीने के दौरान हुई थी, जब टंडन परिवार के इस जुहू स्थित बंगले में बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार और रिनोवेशन (Renovation) का कार्य चल रहा था। घर में निर्माण कार्य चलने और बाहरी मजदूरों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से परिवार ने कई कीमती सामानों को शिफ्ट किया था, लेकिन मां वीणा टंडन के मुख्य जेवरात दूसरी मंजिल पर बने एक वार्डरोब रूम के भीतर स्थित मजबूत डिजिटल लोहे के सेफ (Safe) में ही लॉक रखे गए थे, जिसकी जानकारी केवल परिवार और इस भरोसेमंद केयरटेकर को थी।
इस बड़ी चोरी का भंडाफोड़ तब हुआ जब अक्टूबर 2025 के पहले सप्ताह में दशहरा और दिवाली के आगामी त्योहारों की तैयारियों के सिलसिले में परिवार के सदस्यों ने आभूषणों को निकालने और उनकी सफाई करने के लिए उस अलमारी और सेफ को खोला। लॉकर को देखते ही सबके होश उड़ गए क्योंकि आधुनिक सुरक्षा प्रणाली वाले उस लॉकर के मुख्य लॉक को किसी धारदार औजार से बेहद शातिर तरीके से कटर की मदद से क्षतिग्रस्त किया गया था। जब लॉकर के भीतर की जांच की गई, तो उसमें से करीब 25 लाख रुपये की अनुमानित कीमत के सोने, हीरे और प्लैटिनम के कीमती हार, कंगन, अंगूठियां, झुमके और एक बेहद बेशकीमती हीरा जड़ित पारंपरिक मंगलसूत्र पूरी तरह से गायब थे। इसके साथ ही, अभिनेत्री के फिल्म निर्माता भाई राजीव टंडन की दो बेहद महंगी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की कलाई घड़ियां भी अपनी जगह पर मौजूद नहीं थीं।
चोरी की बात सामने आते ही परिवार ने घर के तमाम कर्मचारियों से कड़ाई से पूछताछ शुरू की, लेकिन राशी छाबड़िया ने बेहद शातिर अंदाज में रोने का नाटक करते हुए इस पूरी घटना से किसी भी प्रकार के संबंध होने से साफ इंकार कर दिया। हालांकि, जब भाई राजीव टंडन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की बात कही, तो कानूनी शिकंजे के डर से आरोपी महिला का हौसला टूट गया और उसने रोते हुए परिवार के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि उसने रिनोवेशन के दौरान मिले एकांत मौकों का फायदा उठाकर धीरे-धीरे लॉकर को तोड़ा था और वहां से सामान चुराया था। उसने तुरंत अपने पास छिपाई गई दोनों महंगी घड़ियां तो परिवार को लौटा दीं, लेकिन गहनों को वापस करने के नाम पर वह लगातार नए बहाने बनाने लगी।
What's Your Reaction?




