महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम शिंदे की पीएम मोदी से मुलाकात- पोते रुद्रांश की फाइटर प्लेन की मांग ने जीता सबका दिल।

Maharashtra: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 6 अगस्त 2025 को अपने परिवार के साथ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस....

By INA News Desk
Aug 8, 2025 - 13:12
482 Views
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम शिंदे की पीएम मोदी से मुलाकात- पोते रुद्रांश की फाइटर प्लेन की मांग ने जीता सबका दिल।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम शिंदे की पीएम मोदी से मुलाकात- पोते रुद्रांश की फाइटर प्लेन की मांग ने जीता सबका दिल।
Advertisement
Advertisement

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 6 अगस्त 2025 को अपने परिवार के साथ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात में उनके साथ उनकी पत्नी लता शिंदे, बेटे और लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे, और बहू वृषाली शिंदे मौजूद थे। हालांकि, इस मुलाकात की सबसे बड़ी सुर्खियां शिंदे के पांच साल के पोते रुद्रांश ने बटोर लीं, जो वहां मौजूद नहीं थे। रुद्रांश ने अपनी मासूमियत भरी मांग से सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने अपने दादाजी से कहा कि वह "मोदी बाबा" से फाइटर प्लेन और खिलौने लाएं। इस मांग पर प्रधानमंत्री मोदी जोर से हंस पड़े और जवाब में कहा, "जरूर देंगे।" यह मुलाकात न केवल एकनाथ शिंदे और पीएम मोदी के बीच मजबूत गठबंधन का प्रतीक थी, बल्कि इसने रुद्रांश की मासूमियत के कारण देशभर में चर्चा बटोरी।

6 अगस्त 2025 को दोपहर में एकनाथ शिंदे अपने परिवार के साथ दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास, लोक कल्याण मार्ग, पहुंचे। यह मुलाकात संसद के मानसून सत्र के दौरान हुई, और शिंदे विशेष रूप से इस मुलाकात के लिए दिल्ली आए थे। मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसमें एक घंटा परिवार के साथ और आधा घंटा शिंदे और मोदी के बीच महाराष्ट्र और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा में बीता।

मुलाकात शुरू होते ही प्रधानमंत्री मोदी ने शिंदे परिवार से पूछा, "विशेष मेहमान कहां है?" उनका इशारा रुद्रांश की ओर था, जो इससे पहले 2023 में हुई मुलाकात में पीएम मोदी से मिल चुका था। शिंदे ने बताया कि रुद्रांश घर पर खेल रहा है, लेकिन उसने एक विशेष मांग की है। शिंदे ने हंसते हुए कहा, "रुद्रांश ने कहा कि दादाजी, मोदी बाबा से फाइटर प्लेन और खिलौने लाना।" इस मांग पर पीएम मोदी हंस पड़े और जवाब में कहा, "जरूर देंगे।" इस हल्के-फुल्के पल ने मुलाकात को यादगार बना दिया।

शिंदे ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "रुद्रांश की यह मांग बहुत अच्छी है। फाइटर प्लेन हमारी लड़ाई के लिए भी काम आएंगे।" यह टिप्पणी उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कही, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की ओर इशारा किया। इस मुलाकात के दौरान शिंदे परिवार ने पीएम मोदी को भगवान शिव की एक तस्वीर भेंट की, जो हाल ही में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सफल ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव का प्रतीक थी। इस तस्वीर को एक स्थानीय कलाकार ने दो दिनों में बनाया था।

  • शिंदे और मोदी का रिश्ता

एकनाथ शिंदे और नरेंद्र मोदी के बीच का रिश्ता केवल राजनीतिक गठबंधन तक सीमित नहीं है। शिंदे की शिवसेना (शिंदे गुट) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है, और यह गठबंधन 25 साल से अधिक पुराना है। शिंदे ने इस मुलाकात को गठबंधन की मजबूती और व्यक्तिगत तालमेल का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, "हमारा गठबंधन बालासाहेब ठाकरे के समय से मजबूत है, और हम एनडीए के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेंगे।"

इस मुलाकात से पहले, शिंदे ने उसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने शिवसेना के सांसदों के साथ मिलकर अमित शाह को भारत के सबसे लंबे समय तक गृह मंत्री रहने की उपलब्धि के लिए बधाई दी। शिंदे ने शाह की नेतृत्व क्षमता की तारीफ की और कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने, आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई, और सहकारी विकास में उनकी भूमिका अनुकरणीय है। शिंदे ने यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी 9 सितंबर 2025 को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार का बिना शर्त समर्थन करेगी।

  • रुद्रांश की मासूम मांग

रुद्रांश, जो श्रीकांत शिंदे और वृषाली शिंदे का बेटा है, खिलौनों, खासकर फाइटर प्लेन के शौकीन है। हाल ही में भारत के ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता से प्रभावित होकर, उसने फाइटर जेट को अपना पसंदीदा खिलौना बताया। सूत्रों के अनुसार, रुद्रांश भविष्य में फाइटर जेट पायलट बनने की इच्छा रखता है। उसकी इस मासूम मांग ने न केवल मुलाकात को हल्का-फुल्का बनाया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।

प्रधानमंत्री मोदी का बच्चों के साथ विशेष लगाव जगजाहिर है। पहले भी कई मौकों पर उनकी बच्चों के साथ आत्मीयता देखी गई है। उदाहरण के लिए, 2019 में अनंत कुमार के पोते ने पीएम मोदी से कहा था कि वह बड़ा होकर हनुमान बनना चाहता है, और पूनम महाजन की बेटी ने उन्हें "सबसे कूल दादाजी" बताया था। रुद्रांश की मांग ने इस सूची में एक और यादगार पल जोड़ दिया।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई, जब महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिवसेना-शिंदे गुट, और अजीत पवार की एनसीपी) के भीतर कुछ तनाव की खबरें थीं। शिंदे की यह दिल्ली यात्रा पिछले एक महीने में उनकी तीसरी यात्रा थी, जिसने राजनीतिक हलकों में अटकलों को जन्म दिया। कुछ लोगों का मानना था कि शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच सत्ता साझेदारी को लेकर मतभेद हैं। हालांकि, शिंदे ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा, "मैं खुलकर दिल्ली आता हूं और नेताओं से मिलता हूं। इसमें कोई रहस्य नहीं है।"

शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति गठबंधन के साथ मिलकर लड़ेगी। उन्होंने कहा, "हमने दो चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया है, और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में भी जीत हासिल करेंगे।" इस दौरान उन्होंने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) पर निशाना साधते हुए कहा, "हम ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की बात कर रहे हैं, ऑपरेशन टाइगर की नहीं।" यह टिप्पणी उद्धव ठाकरे की शिवसेना को कमजोर करने की कथित रणनीति की ओर इशारा थी।

इसी दिन, उद्धव ठाकरे भी अपने परिवार के साथ दिल्ली में थे, जहां वे इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करने आए थे। शिंदे ने इस पर तंज कसते हुए कहा, "वे 10 जनपथ गए, और हम लोक कल्याण मार्ग आए, जैसा कि बालासाहेब ठाकरे ने कहा था।"

रुद्रांश की मांग ने सोशल मीडिया मंच X पर खूब चर्चा बटोरी। कई यूजर्स ने इस मासूम मांग की तारीफ की और पीएम मोदी की बच्चों के प्रति आत्मीयता की सराहना की। एक यूजर ने लिखा, "रुद्रांश की मांग ने सबका दिल जीत लिया। पीएम मोदी का बच्चों से ऐसा लगाव उन्हें और खास बनाता है।" एक अन्य यूजर ने कहा, "शिंदे और मोदी की यह मुलाकात गठबंधन की ताकत दिखाती है, और रुद्रांश ने इसे और यादगार बना दिया।"

कुछ यूजर्स ने इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा। एक यूजर ने लिखा, "शिंदे की लगातार दिल्ली यात्राएं कुछ तो इशारा करती हैं। क्या महायुति में सब ठीक नहीं है?" हालांकि, शिंदे के बयानों ने इन अटकलों को शांत करने की कोशिश की। 

Also Read- ममता बनर्जी का भाजपा को कड़ा संदेश: 'मैं जिंदा शेरनी हूं, 2026 में बंगाल की जीत सुनिश्चित करूंगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement