बाढ़ के बीच नाव पर बारात: आपदा में शादी, मोहब्बत की मिसाल, बाढ़ और तूफां में भी चमका, प्यार का जयमाल

Ballia: बलिया में एक अनोखा नजारा सामने आया। जब हाथी, घोड़े बैंड बाजा के साथ नहीं बल्कि सादगी पूर्ण तरीके गंगा किनारे दूल्हे राजा नाव....

By INA News Desk
Aug 8, 2025 - 12:53  · Updated: Aug 8, 2025 - 17:09
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बाढ़ के बीच नाव पर बारात: आपदा में शादी, मोहब्बत की मिसाल, बाढ़ और तूफां में भी चमका, प्यार का जयमाल
आपदा मे अवसर तो सुना होगा पर आपदा मे शादी: नाव पर सवार होकर दूल्हा-बाराती पहुंचे बलिया के बेयासी।
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REPORT S.ASIF HUSSAIN ZAIDI 

Ballia: बलिया और बिहार के बक्सर जिले में गंगा नदी की बाढ़ ने भले ही सड़कों को जलमग्न कर दिया, लेकिन एक परिवार ने हिम्मत और प्रेम के साथ इस आपदा को अवसर में बदल दिया। 5 अगस्त 2025 को बिहार के बक्सर जिले के सिमरी दियारा क्षेत्र से एक अनोखी बारात उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बेयासी गांव पहुंची। यह बारात न घोड़े पर थी, न गाड़ियों में, और न ही बैंड-बाजे के साथ। दूल्हा राजेश कुमार और उनके बाराती नाव पर सवार होकर गंगा की लहरों को चीरते हुए दुल्हन के घर पहुंचे। यह नजारा न केवल स्थानीय लोगों के लिए अनोखा था, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हुई।

बिहार के बक्सर जिले के नैनीजोर लाल डेरा गांव के रहने वाले कमलेश राम के बेटे राजेश कुमार की शादी बलिया जिले के बेयासी गांव में विरेंद्र राम की बेटी से तय थी। शादी की तारीख कई महीने पहले तय हो चुकी थी, और दोनों परिवारों ने तैयारियां पूरी कर ली थीं। लेकिन जुलाई 2025 के अंत में बक्सर और बलिया में भारी बारिश और गंगा नदी के उफान ने हालात बदल दिए। सिमरी दियारा क्षेत्र में गंगा का जलस्तर इतना बढ़ गया कि सड़क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए। चौसा-मोहनिया हाईवे पर दो फीट तक पानी बह रहा था, और कई गांवों का संपर्क टूट गया। ऐसे में बारात को ले जाना लगभग असंभव लग रहा था। कमलेश राम ने बताया कि शादी की तारीख रद्द करना उनके लिए संभव नहीं था। परिवार की प्रतिष्ठा और सामाजिक रीति-रिवाजों को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों ने मिलकर एक साहसिक फैसला लिया। उन्होंने तय किया कि बारात नाव से दुल्हन के गांव पहुंचेगी।

फिर भी, परिवार ने हिम्मत नहीं हारी और गंगा की लहरों के बीच इस शादी को यादगार बनाने का संकल्प लिया। 5 अगस्त 2025 को सुबह गंगौली गांव के पास तटबंध से बारात रवाना हुई। दूल्हा राजेश कुमार पारंपरिक पोशाक में साफा पहने एक रंग-बिरंगी सजी नाव पर बैठे थे। बारिश से बचने के लिए उनके साफे पर पॉलीथिन लगाई गई थी, जो दूल्हे के सिर का ताज यानी सेहरा था। उनके साथ करीब 20-25 बाराती दो अलग-अलग नावों पर सवार थे। आमतौर पर बारात में ढोल-नगाड़े, डीजे, और बैंड-बाजे की धूम होती है, लेकिन इस बार गंगा की लहरों की थपकियां और नाविकों की ताल ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। बारातियों ने ढोलक की जगह तालियां बजाईं और गीत गुनगुनाकर उत्साह बनाए रखा।

यह नजारा स्थानीय लोगों के लिए अनोखा था। गांव वालों ने अपने मोबाइल फोन से इस विशेष बारात की तस्वीरें और वीडियो बनाए, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। लोग इस साहस और सादगी की तारीफ कर रहे थे। एक ग्रामीण ने कहा, "हमने पहले कभी ऐसी बारात नहीं देखी। बाढ़ के बीच भी परिवार ने शादी को इतने हर्षोल्लास से पूरा किया, यह वाकई प्रेरणादायक है।" शादी की तैयारियां दोनों पक्षों ने मिलकर की थीं। दुल्हन के पिता विरेंद्र राम ने भी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की थीं। बेयासी गांव में भी सड़कें पानी से भरी थीं, और मेहमानों के लिए आवागमन मुश्किल था। फिर भी, परिवार ने हार नहीं मानी। कमलेश राम ने बताया कि बाढ़ ने उनके सामने कई चुनौतियां खड़ी की थीं।

नावों की व्यवस्था करना, बारातियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, और सही समय पर दुल्हन के घर पहुंचना आसान नहीं था। लेकिन गंगा मैया की कृपा और परिवार के सामूहिक प्रयासों से यह शादी संभव हो पाई। नाविकों ने भी इस विशेष अवसर पर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। उन्होंने नावों को सजाया और बारात को सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाया। बारात के दौरान बारिश भी हो रही थी, जिससे दूल्हे और बारातियों को पॉलीथिन और छतरियों का सहारा लेना पड़ा। फिर भी, सभी के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था।  बक्सर और बलिया में गंगा नदी का जलस्तर अगस्त 2025 में खतरे के निशान से ऊपर था। बक्सर के सिमरी दियारा क्षेत्र में कई गांव जलमग्न हो गए थे। चौसा प्रखंड के कई गांवों में सड़क संपर्क टूट गया था, और लोगों के घरों में पानी घुस गया था। बलिया में भी गंगा का पानी निचले इलाकों में फैल गया था, जिससे खेती और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू किए थे, और नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा था।

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