Hardoi : आंधी और तूफान से संडीला में जनजीवन बेपटरी, पेड़ गिरने से रास्ते बंद और बिजली गुल
इस प्राकृतिक आपदा का असर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पर भी बहुत बुरा पड़ा। शाम के समय अचानक कटी बिजली देर रात तक बहाल नहीं हो सकी थी। कई घंटों तक लगातार बिजली गुल रहने की वजह से लोगों को भीषण गर्मी और उमस में परेशान होना पड़ा। बिजली आपूर्ति
संवाददाता : मुकेश सिंह सोमवंशी
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित संडीला और आसपास के इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ हुई जोरदार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं के कारण क्षेत्र में कई जगहों पर विशालकाय पेड़ और उनकी डालियां टूटकर मुख्य सड़कों पर गिर गईं। इस वजह से संडीला-बेनीगंज मार्ग सहित कई ग्रामीण संपर्क रास्तों पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह रुक गया। इमलियाबाग से लोनी पुलिया के बीच कई जगहों पर रास्ता बंद होने से नौकरीपेशा लोग, छात्र, व्यापारी और आम मुसाफिर घंटों तक जाम में फंसे रहे और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस प्राकृतिक आपदा का असर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पर भी बहुत बुरा पड़ा। शाम के समय अचानक कटी बिजली देर रात तक बहाल नहीं हो सकी थी। कई घंटों तक लगातार बिजली गुल रहने की वजह से लोगों को भीषण गर्मी और उमस में परेशान होना पड़ा।
बिजली आपूर्ति ठप होने का सीधा असर पानी की सप्लाई पर पड़ा, जिससे पूरे इलाके में पेयजल का संकट खड़ा हो गया। पानी की मोटर और सबमर्सिबल न चलने से घरों और दुकानों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गईं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के काफी समय बीत जाने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिसके चलते सड़कों से पेड़ों को हटाने का काम समय पर शुरू नहीं हो सका। दूसरी तरफ, बिजली विभाग के कर्मचारी तकनीकी कमियों को सुधारने का प्रयास करते दिखे, लेकिन देर रात तक सफलता नहीं मिल सकी। सड़कों पर पड़े पेड़ों के कारण हादसों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। प्रभावित जनता ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सड़कों से पेड़ों को हटाकर रास्ते तुरंत साफ कराए जाएं और बिजली-पानी की व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए।
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