Lakhimpur- Kheri : बारिश के बाद यूरिया की किल्लत, सहकारी समितियों पर खाद खत्म होने से महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर किसान
क्षेत्र के किसान यूरिया की आस में लगातार सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें वहां से खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समितियों से समय पर खाद न मिलने के कारण फसलों की बुआई और उनकी देखरेख का काम बुरी
लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में हुई बारिश के बाद किसानों ने खरीफ फसलों की तैयारी तेज कर दी है। खेतों में पर्याप्त नमी आने की वजह से यूरिया खाद की मांग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। लेकिन क्षेत्र की ज्यादातर सहकारी समितियों में खाद का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है। समितियों पर खाद न होने के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे मजबूर होकर उन्हें बाजार का रुख करना पड़ रहा है जहां दुकानदार ऊंचे दामों पर खाद बेच रहे हैं।
क्षेत्र के किसान यूरिया की आस में लगातार सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें वहां से खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समितियों से समय पर खाद न मिलने के कारण फसलों की बुआई और उनकी देखरेख का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बारिश के तुरंत बाद खेतों में उर्वरक डालना बेहद जरूरी होता है, ऐसे में प्रशासन को खाद की उपलब्धता तुरंत करानी चाहिए।
इस संबंध में धौरहरा बी-पैक्स के सचिव शिवा त्रिवेदी ने बताया कि समिति के पास जितना भी यूरिया का स्टॉक था, वह सब किसानों को बांटा जा चुका है। खाद की नई खेप मंगवाने के लिए बड़े अधिकारियों को मांग पत्र भेज दिया गया है। जैसे ही ऊपर से खाद उपलब्ध होगी, किसानों को उसका वितरण तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में यूरिया की आपूर्ति कराई जाए ताकि खेती का काम समय पर पूरा हो सके।
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