दारुल उलूम देवबंद की मजलिस-ए-शूरा बैठक संपन्न: कर्मचारियों का बढ़ा वेतन, बजट को मिली मंजूरी
दारुल उलूम देवबंद की मजलिस-ए-शूरा बैठक में शिक्षकों का वेतन बढ़ाने और बजट वृद्धि के प्रस्ताव पारित हुए। कई नए शिक्षकों की नियुक्ति को भी हरी झंडी।
विश्व प्रसिद्ध इस्लामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था मजलिस-ए-शूरा की तीन दिवसीय बैठक संपन्न हो गई। बैठक में संस्थान के वार्षिक बजट में बढ़ोतरी के साथ-साथ शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन में एकमुश्त वृद्धि का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त नए अध्यापकों की नियुक्ति और विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर सहमति बनी।
दारुल उलूम के अतिथि गृह में आयोजित इस बैठक में शिक्षा, निर्माण, लेखा और संगठन समेत विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिन्हें सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी। बढ़ती महंगाई के मद्देनजर कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी को जरूरी बताया गया। वहीं, नए निर्माण कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर फिलहाल निर्णय टाल दिया गया है।
मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने जानकारी दी कि यह नियमित वित्तीय बैठक थी, जिसमें संस्थान की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बैठक में मौलाना अरशद मदनी, मौलाना महमूद मदनी, मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना अनवारुल रहमान बिजनौरी, हकीम कलीमुल्लाह अलीगढ़ी, मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी और मुफ्ती इस्माइल (मालेगांव) समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।
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