Deoband News: दारुल उलूम में शाम के समय बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक, प्रबंधन ने दी सफाई
देवबंद दारुल उलूम में मगरिब और ईशा के बीच बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक। हॉस्टल प्रभारी मौलाना अशरफ अब्बास ने सुरक्षा और पढ़ाई का हवाला देकर दी सफाई।
देवबंद दारुल उलूम में शाम के समय बिना काम प्रवेश पर रोक, प्रबंधन ने सुरक्षा को बताया वजह
सहारनपुर जिले के देवबंद स्थित इस्लामी शिक्षा केंद्र दारुल उलूम में महिलाओं के प्रवेश पर पहले से लागू नियमों के बाद अब शाम के समय मगरिब से ईशा की नमाज के बीच बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इस निर्णय पर संस्था प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह व्यवस्था स्थानीय नागरिकों के खिलाफ नहीं, बल्कि ऐसे लोगों के लिए है जिनका संस्थान से कोई शैक्षणिक संबंध नहीं है।
दारुल उलूम के छात्रावास प्रभारी मौलाना मुफ्ती अशरफ अब्बास ने बताया कि संस्था एक पूर्ण शैक्षणिक केंद्र है, जहां शाम को मगरिब और ईशा के बीच का समय छात्रों के अध्ययन के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिन काम के लोगों से इस दौरान परिसर में न आने का आग्रह किया गया है। उन्होंने साफ किया कि जारी दिशा-निर्देशों में किसी विशेष वर्ग या शहर के निवासियों के लिए रोक शब्द का इस्तेमाल नहीं है। आपात स्थिति या किसी काम से आने वाले लोगों के प्रवेश पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी।
प्रबंधन के अनुसार हाल के दिनों में संदिग्ध लोगों द्वारा छात्रों का वेश बनाकर परिसर में घुसने और चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश के मामले सामने आए थे। इन्हीं सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा न पहुंचे। दिन के समय आम आवाजाही पर कोई रोक नहीं रहेगी और संस्था का उद्देश्य पढ़ाई के माहौल को सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखना है।
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