Sitapur: डायरिया से बचाव के लिए जागरूकता अभियान तेज, उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित।

जिले में डायरिया और ओआरएस के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.आर. समददर

Jul 29, 2026 - 23:04
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Sitapur: डायरिया से बचाव के लिए जागरूकता अभियान तेज, उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित।
डायरिया से बचाव के लिए जागरूकता अभियान तेज, उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित।

 संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

सीतापुर: जिले में डायरिया और ओआरएस के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.आर. समददर की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्टॉप डायरिया अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ता को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. कमलेश कुमार (अधीक्षक, मछरेहटा), डॉ. दीपांशु शुक्ला (अधीक्षक, महोली), देश दीपक त्रिपाठी (फार्मासिस्ट, कॉर्पोरेशन स्टोर), आफताब (फार्मासिस्ट, मुंशीगंज) तथा सदर क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता बबली देवी शामिल रहीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.आर. समददर ने कहा कि जिले में डायरिया जागरूकता प्रचार वाहन गांव-गांव और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया के लक्षण, कारण, बचाव तथा ओ आर एस और जिंक के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी ने अभियान के दौरान घर-घर ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार तक डायरिया से बचाव का संदेश पहुंचाना आवश्यक है। वहीं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा कि छोटे बच्चों को डायरिया से सुरक्षित रखने के लिए जन जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है। 

जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी के.एन. मिश्रा ने बताया कि जिले में 'डायरिया रोको अभियान' चलाया जा रहा है, जिसमें पीएसआई इंडिया और केनव्यू भी "डायरिया से डर नहीं" कार्यक्रम के माध्यम से सहयोग कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य बच्चों में डायरिया की रोकथाम, ओ आर एस और जिंक के उपयोग को बढ़ावा देना तथा समुदाय में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बताया कि बारिश और उमस के मौसम में दूषित पानी, गंदे हाथों से भोजन बनाने या खिलाने तथा स्वच्छता की कमी के कारण डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शौच के बाद, बच्चों का मल साफ करने के बाद तथा भोजन बनाने और खिलाने से पहले साबुन से हाथ धोना जरूरी है। यदि बच्चे को दिन में तीन या उससे अधिक बार दस्त हों तो उसे तुरंत ओ आर एस का घोल दें और निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। कार्यक्रम में डॉ. पीयूष रंजन (एसएमओ, WHO), डॉ. राहिल फरीद, डॉ. शानू कुमार वर्मा, डॉ. विवेक कनौजिया, डॉ. अनूप श्रीवास्तव, आईसीडीएस प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी कमलेश कुमारी, पीएसआई इंडिया से कमलेश कुमार, अश्विनी मिश्रा, आलोक कुमार वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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