Lucknow : विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर लखनऊ में वरिष्ठ नागरिकों को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण व कल्याण अधिनियम दो हजार सात के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बुजुर्गों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके साथ होने वाले किसी भी प्रकार के
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर लखनऊ में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा के दिशा-निर्देश पर यह कार्यक्रम उम्मीद संस्था द्वारा संचालित एक शेल्टर होम में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण व कल्याण अधिनियम दो हजार सात के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बुजुर्गों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके साथ होने वाले किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, उपेक्षा या शोषण को रोकने के लिए समाज को संवेदनशील होना पड़ेगा। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया।
इस मौके पर केयरटेकर अरुण शुक्ला, अधिवक्ता परमानन्द और पराविधिक स्वयं सेवक राजेश कुमार मौजूद रहे। उन्होंने बुजुर्गों को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अधिकारों के हनन की स्थिति में वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता का लाभ उठा सकते हैं। इस आयोजन का मुख्य मकसद समाज में बुजुर्गों के प्रति आदर और सुरक्षा का माहौल तैयार करना था।
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