Pilibhit : गोमती नदी हमारी सनातन संस्कृति की पहचान, सरकार कर रही है पुनरुद्धार: विधायक बाबूराम पासवान
पीलीभीत जिले में इस समय शासन और प्रशासन की देखरेख में गोमती नदी को नया जीवन देने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में नदी के पुनरुद्धार के आठवें चरण की शुरुआत पूरनपुर तहसील के अजीतपुर बिल्हा और गोपालपुर ग्राम पंचायत के संयुक्त कार्यक्रम के रूप में
Report : कुँवर निर्भय सिंह, आईएनए- पीलीभीत- उत्तर प्रदेश
पीलीभीत के माधोटांडा से निकलने वाली आदिगंगा मां गोमती नदी केवल एक नदी नहीं है, बल्कि यह हमारी सनातन संस्कृति की संवाहक है। पौराणिक धार्मिक ग्रंथों में भी इस मोक्षदायिनी नदी का खास महत्व बताया गया है। केंद्र और राज्य सरकार लगातार नदियों को बचाने और उन्हें दोबारा जीवित करने के काम में जुटी हुई है।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशन, जिला प्रशासन और आम लोगों के सहयोग से गोमती नदी के पुनरुद्धार का काम तेजी से चल रहा है। यह बात पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बाबूराम पासवान ने गोमती पुनरुद्धार के आठवें चरण के मौके पर कही। विधायक और जिला प्रशासन के बुलावे पर बड़ी संख्या में आम लोगों ने मिलकर नदी की साफ-सफाई की और फावड़े से खुदाई का काम संभाला।
पीलीभीत जिले में इस समय शासन और प्रशासन की देखरेख में गोमती नदी को नया जीवन देने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में नदी के पुनरुद्धार के आठवें चरण की शुरुआत पूरनपुर तहसील के अजीतपुर बिल्हा और गोपालपुर ग्राम पंचायत के संयुक्त कार्यक्रम के रूप में हुई। गोपालपुर के गोमती घाट पर सबसे पहले पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
इसके बाद पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्या ने फावड़ा चलाकर खुदाई के काम की शुरुआत की। इसके साथ ही जेसीबी मशीनों को भी नदी की खुदाई के काम में लगाया गया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, डीसी मनरेगा हेमंत कुमार यादव, गोमती ट्रस्टी निर्भय सिंह, योगेश्वर सिंह और लक्ष्मण प्रसाद समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सभी ने नदी के किनारे घूमकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
विधायक बाबूराम पासवान ने कहा कि लखनऊ की जीवनदायिनी मानी जाने वाली गोमती नदी के पुनरुद्धार का काम माधोटांडा स्थित उद्गम स्थल से शुरू हुआ था, जो अब जिले की सोलह ग्राम पंचायतों में अलग-अलग चरणों में चलाया जा रहा है। अजीतपुर बिल्हा और गोपालपुर में बड़ी संख्या में गोमती भक्तों ने सफाई अभियान चलाकर योगदान दिया है, जिससे नदी की धारा फिर से बहने लगेगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर नदी के बहाव को बेहतर बनाने के लिए विशेष आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस पर एकोहत्तर नाथ में होने वाले नौवें चरण के काम में भी लोगों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि गोमती नदी को बचाना एक बहुत ही पुण्य का काम है और सभी को इसमें अपना सहयोग देना चाहिए। इसी नदी के किनारे राज्य की राजधानी लखनऊ बसी हुई है। आने वाले समय में माधोटांडा को देश-विदेश में एक बड़े पर्यटन स्थल के रूप में पहचान मिलेगी क्योंकि पीलीभीत की असली पहचान गोमती नदी से ही है।
इस दौरान उन्होंने गांव के लोगों की समस्याओं को भी सुना और उनके तुरंत समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद को मिलना चाहिए और जिले को पूरी तरह झोपड़ी मुक्त बनाकर सबको पक्के आवास दिए जाएंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्या ने भी मुख्यमंत्री के इस पसंदीदा प्रोजेक्ट में सबको साथ आने और नदी के किनारों पर पौधे लगाने की बात कही। डीसी मनरेगा हेमंत कुमार यादव ने इस पूरे अभियान की रूपरेखा सामने रखी। कार्यक्रम में सिंचाई, विकास खंड, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ हजारों की संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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