एमबीए छात्रा के गायब होने का मामला- आधी रात को कैंपसाइट से अचानक.... परिजनों ने साथ गए दो दोस्तों पर जताया अपहरण का संदेह

देवभूमि उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन और ट्रैकिंग के बढ़ते क्रेज के बीच उत्तरकाशी जिले से एक बेहद ही

Jun 9, 2026 - 12:34
 0  8
एमबीए छात्रा के गायब होने का मामला- आधी रात को कैंपसाइट से अचानक.... परिजनों ने साथ गए दो दोस्तों पर जताया अपहरण का संदेह
एमबीए छात्रा के गायब होने का मामला- आधी रात को कैंपसाइट से अचानक.... परिजनों ने साथ गए दो दोस्तों पर जताया अपहरण का संदेह
  • उत्तराखंड के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रैक पर लापता हुई एमबीए छात्रा, ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर रहस्यमयी ढंग से हुई गायब
  • फर्जी परमिट रैकेट के भंडाफोड़ से जांच में आया नया मोड़, थलसेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और निम के जवान खोजबीन में जुटे

देवभूमि उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन और ट्रैकिंग के बढ़ते क्रेज के बीच उत्तरकाशी जिले से एक बेहद ही रहस्यमयी और चिंताजनक घटना सामने आई है। नैनीताल जनपद के रामनगर (चिल्किया गांव) की रहने वाली चौबीस वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रैकिंग रूट पर स्थित 'गोई बेस कैंप' से अचानक लापता हो गई हैं। ग्यारह हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर घटित इस घटना के बाद से ही पूरे राज्य के प्रशासनिक महकमे और पीड़ित परिवार में हड़कंप मचा हुआ है। मखमली घास के मैदानों और खूबसूरत वादियों के लिए विख्यात दयारा बुग्याल की पहाड़ियों में बबीता किस प्रकार और किन परिस्थितियों में ओझल हो गईं, यह सवाल अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक अभेद्य पहेली बन चुका है। घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय पुलिस पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं।

इस रहस्यमयी अंतर्धान की कड़ियों को जोड़ने पर यह तथ्य सामने आता है कि बबीता पांडे अपने दो पुरुष मित्रों के साथ उत्तरकाशी के इस साहसिक दौरे पर आई थीं। पुलिस की शुरुआती समय-रेखा के अनुसार, यह त्रिकोणीय समूह पच्चीस मई को रामनगर से रवाना होकर देहरादून और हर्षिल होते हुए अट्ठाइस मई को रैथल गांव पहुंचा था, जहां वे आखिरी बार एक स्थानीय सीसीटीवी फुटेज में साथ देखे गए थे। इसके बाद, उनतीस मई की सुबह इन तीनों ने दयारा बुग्याल के लिए अपनी पैदल चढ़ाई शुरू की और शाम ढलने पर वे 'गोई कैंपसाइट' पहुंचे, जहां उन्होंने रात गुजारने के लिए अपने टेंट लगाए थे। सह-यात्रियों के दावों के मुताबिक, उनतीस और तीस मई की मध्यरात्रि को लगभग बारह बजे बबीता अपने मोबाइल फोन पर संगीत सुनते हुए अचानक टेंट से बाहर निकली थीं, जिसके बाद वे वापस नहीं लौटीं और उनका पूरा वजूद मानो हवा में विलीन हो गया।

इस संवेदनशील मामले ने उस समय एक बेहद गंभीर और नया कानूनी रूप ले लिया, जब लापता छात्रा के भाई और पीड़ित परिजनों ने उत्तरकाशी पहुंचकर साथ गए दोनों युवकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का स्पष्ट मानना है कि बबीता पहाड़ों के रास्तों से भली-भांति परिचित एक अनुभवी ट्रैकर थीं, इसलिए उनका इतनी आसानी से रास्ता भटक जाना या गायब हो जाना गले नहीं उतरता। परिवार की लिखित शिकायत और तीखे संदेह के आधार पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 140(3) के तहत अपहरण और गुप्त रूप से बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने ऊधमसिंह नगर के दिनेशपुर निवासी हरमनपाल सिंह और उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी हरमनप्रीत सिंह को हिरासत में लेकर मनेरी थाने में कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है, हालांकि शुरुआती दौर में दोनों युवकों के बयान पूरी तरह से एक समान पाए गए हैं।

  • फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा

इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पर्यटन और वन विभाग की संयुक्त जांच में एक बहुत बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। आधिकारिक पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि जिस ट्रैकिंग एजेंसी 'प्रो माउंटेन' के जरिए इस समूह को पहाड़ों पर भेजा गया था, उसने नियमों को ताक पर रखकर एक पुराने और एक्सपायर्ड हो चुके भौतिक परमिट पर कूट-रचित तरीके से बबीता और उसके दोस्तों के नाम पेस्ट कर दिए थे। इस जाली दस्तावेज के कारण ही प्रशासन के डिजिटल पोर्टल 'एक्सप्लोर उत्तरकाशी' पर इस समूह का कोई आधिकारिक डेटा दर्ज नहीं हो सका, जिसने शुरुआती खोजबीन के दौरान आपातकालीन बचाव दलों की ट्रैकिंग गति को बेहद धीमा कर दिया।

इस हाई-प्रोफाइल लापता मामले को सुलझाने और बबीता का सुराग लगाने के लिए उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक ने अपनी पूरी प्रशासनिक ताकत झोंक दी है। पहाड़ियों के अत्यंत दुर्गम भूगोल को देखते हुए एक व्यापक और संयुक्त खोजबीन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें भारत सरकार के विभिन्न सुरक्षा विंग्स शामिल हैं। इस खोजी अभियान में थलसेना के जांबाज जवान, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), स्थानीय वन विभाग और पुलिस की विशेष अभियान समूह (एसओजी) की टीमें संयुक्त रूप से जमीन पर पसीना बहा रही हैं। लगभग एक सौ पचास से अधिक सशस्त्र जवानों की यह विशाल टीम गोई कैंपसाइट के आसपास के पांच किलोमीटर के पूरे दायरे को पूरी तरह से छान रही है।

मैनुअल सर्चिंग और विषम मौसम की चुनौतियों के बीच आधुनिक तकनीकी उपकरणों का भी बड़े पैमाने पर सहारा लिया जा रहा है, ताकि पहाड़ियों के उन हिस्सों तक पहुंचा जा सके जहां इंसानी पहुंच बेहद कठिन है। घने जंगलों, गहरी खाइयों, प्राकृतिक गुफाओं और खड़ी ढलानों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक विजुअल और थर्मल ड्रोन कैमरों को हवा में उड़ाया जा रहा है। इसके साथ ही, एनडीआरएफ के विशेष खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) को भी पगडंडियों पर सुराग ढूंढने के काम में लगाया गया है। इस खोजबीन के दौरान रेस्क्यू टीमों का एक विशेष दस्ता कैंपसाइट के ठीक बगल में स्थित एक गहरी प्राकृतिक झील (गोई तालाब) और उसके आसपास के दलदली इलाकों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसके लिए विशेष डीप-डाइविंग विशेषज्ञों को नावों और आधुनिक गोताखोरी उपकरणों के साथ पानी की गहराइयों को खंगालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

समय बीतने के साथ-साथ जब जमीनी प्रयासों से कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी, तो जिला प्रशासन ने देश के सबसे प्रतिष्ठित पर्वतारोहण संस्थान, नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (निम) के शीर्ष विशेषज्ञों से इस मिशन में शामिल होने का विशेष आग्रह किया। संस्थान के तीन अत्यधिक अनुभवी प्रशिक्षकों और पर्वतीय गाइडों की एक विशेष हाई-अल्टीट्यूड टीम को दयारा बुग्याल के सबसे ऊपरी और दुर्गम ग्लेशियर क्षेत्रों में भेजा गया है, क्योंकि ये लोग अत्यधिक ऊंचाई और प्रतिकूल मौसम में जीवित रहने और रेस्क्यू करने की विशेष ट्रेनिंग से लैस होते हैं। इसके साथ ही, रविवार को घाटी के ऊपर एक विशेष हेलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण भी किया गया, ताकि आसमान से किसी भी प्रकार के वस्त्र, कैंपिंग गियर या अन्य महत्वपूर्ण सुरागों का आकलन किया जा सके।

Also Read- पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारी भूचाल, नेपाल सीमा के पास से तृणमूल कांग्रेस के रसूखदार नेता जहांगीर खान गिरफ्तार

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।