बॉक्स ऑफिस पर राम चरण के तूफान के आगे बेदम हुआ 'लॉर्ड बॉबी' का जादू, पहले वीकेंड में ही दोनों फिल्मों के बीच दिखा जमीन-आसमान का फासला
भारतीय सिनेमाघरों में इस बार का सप्ताहांत एक बहुत बड़े और ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस महामुकाबले का गवाह बना, जहां
- स्पोर्ट्स ड्रामा 'पेड्डी' ने चार दिनों में पार किया 233 करोड़ का जादुई वैश्विक आंकड़ा, सिनेमाघरों में दिखा तेलुगु सुपरस्टार का असली जलवा
- अदालती ड्रामे और सोशल मीडिया ट्रायल पर आधारित 'बंदर' को दर्शकों ने नकारा, बेहतर समीक्षाओं के बाद भी शुरुआती सप्ताहांत में बमुश्किल जुटा सकी ढाई करोड़
भारतीय सिनेमाघरों में इस बार का सप्ताहांत एक बहुत बड़े और ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस महामुकाबले का गवाह बना, जहां दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज वैश्विक स्टार राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'पेड्डी' और बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता बॉबी देओल की बहुचर्चित थ्रिलर 'बंदर' एक साथ टिकट खिड़की पर टकराईं। इस बहुकोणीय मुकाबले में राम चरण के दमदार स्टारडम और स्क्रीन प्रेजेंस के आगे बॉबी देओल का कथित भौकाल पूरी तरह से हवा होता हुआ नजर आया। दोनों ही फिल्मों के व्यावसायिक प्रदर्शन और कमाई के आंकड़ों में जमीन-आसमान का एक बहुत बड़ा और स्पष्ट अंतर देखने को मिला है। जहां एक तरफ राम चरण की फिल्म ने देश और दुनिया के सिनेमाघरों में एकतरफा राज करते हुए अपनी बेजोड़ धमक दर्ज कराई है, वहीं दूसरी तरफ बॉलीवुड के 'लॉर्ड बॉबी' की फिल्म को शुरुआती दिनों में दर्शकों के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है, जिसने व्यापार विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है।
इस बड़े बॉक्स ऑफिस मुकाबले में सबसे बड़ी और क्रांतिकारी बढ़त हासिल करने वाली फिल्म 'पेड्डी' ने अपने शुरुआती चार दिनों के भीतर ही वैश्विक स्तर पर 233 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन करके पूरे फिल्म उद्योग में सनसनी फैला दी है। इस फिल्म ने अपनी रिलीज के चौथे दिन यानी सोमवार को भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी और भारतीय बाजार से लगभग 31.90 करोड़ रुपये का शानदार नेट बिजनेस किया, जो कि इसके तीसरे दिन की कमाई से भी लगभग दस प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही फिल्म का कुल घरेलू नेट कलेक्शन 157.15 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। अगर भारत के कुल ग्रॉस कलेक्शन की बात की जाए तो यह लगभग 187.02 करोड़ रुपये हो चुका है, जबकि विदेशी बाजारों से फिल्म को लगभग 46 करोड़ रुपये की शानदार वित्तीय मदद मिली है, जिसने इस फिल्म को 2026 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की कतार में खड़ा कर दिया है।
प्रशासनिक और रणनीतिक स्तर पर देखा जाए तो इस फिल्म की अपार व्यावसायिक सफलता का मुख्य केंद्र और इंजन इसका मूल तेलुगु संस्करण रहा है, जिसने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सिनेमाघरों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। हालांकि, फिल्म के हिंदी डब संस्करण ने भी अपनी रिलीज के पहले दिन यानी शुक्रवार को तीन करोड़ रुपये का ठीक-ठाक नेट कलेक्शन करके उत्तर भारत के बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। ग्रामीण आंध्र प्रदेश की पृष्ठभूमि पर आधारित यह कहानी एक ऐसे युवक के जीवन और संघर्ष को दर्शाती है जो अपने और अपने समुदाय की पहचान को वापस पाने के लिए खेल, विशेष रूप से क्रिकेट, कुश्ती (पारंपरिक कुश्ती) और स्प्रिंटिंग का सहारा लेता है। फिल्म के निर्देशक बुची बाबू सना के शानदार निर्देशन और एआर रहमान के रोंगटे खड़े कर देने वाले संगीत ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में एक बेहद निर्णायक भूमिका निभाई है। बॉक्स ऑफिस पर मिल रही अपार सफलता के समानांतर यह फिल्म सिनेमाई पर्दे पर महिलाओं के चित्रण को लेकर एक बड़े सामाजिक विवाद के केंद्र में भी आ गई है। फिल्म में मुख्य अभिनेत्री जान्हवी कपूर द्वारा निभाए गए चरित्र 'अचियम्मा' के परिचय दृश्य और कुछ विशिष्ट दृश्यों को लेकर दर्शकों के एक बड़े वर्ग ने आपत्ति जताई है, जिसके बाद निर्देशक ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए आलोचना वाले हिस्सों में कुछ आवश्यक संपादन और बदलाव करने का आधिकारिक निर्णय लिया है।
इसके विपरीत, बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता बॉबी देओल और गंभीर सिनेमा के लिए जाने जाने वाले निर्देशक अनुराग कश्यप की बहुचर्चित फिल्म 'बंदर' बॉक्स ऑफिस पर एक बेहद सुस्त और निराशाजनक शुरुआत के साथ पिछड़ती हुई दिखाई दे रही है। पांच जून को सिनेमाघरों में आई इस फिल्म को देश भर के काउंटरों पर बेहद सीमित स्क्रीन और शो मिले, जिसके कारण पहले दिन यह फिल्म बमुश्किल पचास लाख रुपये का ही नेट बिजनेस कर सकी। अपने पूरे पहले वीकेंड यानी शुरुआती तीन दिनों के सप्ताहांत के दौरान भी यह फिल्म दर्शकों की भारी भीड़ जुटाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई और इसका कुल भारतीय नेट कलेक्शन महज 2.45 करोड़ रुपये के आसपास ही सिमट कर रह गया। फिल्म को समीक्षकों और फिल्म बिरादरी की तरफ से काफी सराहना और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, लेकिन यह तारीफ टिकट्स की बिक्री और नकदी के रूप में तब्दील होने में पूरी तरह असफल रही।
इस फिल्म की कहानी की गहराई और इसके कथानक की बात करें तो यह बॉलीवुड के पारंपरिक और घिसे-पिटे कोर्टरूम ड्रामा से बिल्कुल अलग एक बेहद संवेदनशील और आधुनिक विषय पर आधारित है। फिल्म में बॉबी देओल ने समीर मेहरा नामक एक ऐसे ढलते हुए और पुराने फिल्मी सितारे की भूमिका निभाई है जो अपनी खोई हुई शोहरत और जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिशों में जुटा है। इसी बीच उसकी एक पूर्व प्रेमिका उस पर अत्यंत गंभीर और घिनौने आरोप लगा देती है, जिसके बाद वह सोशल मीडिया ट्रायल, जनभावनाओं के दबाव और एक सुस्त न्याय प्रणाली के चक्रव्यूह में पूरी तरह फंस जाता है। सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी द्वारा लिखित इस बेहतरीन कहानी को दर्शकों का वह समर्थन नहीं मिल सका जिसकी उम्मीद इसके निर्माताओं को थी, क्योंकि इसके सामने दो बड़ी व्यावसायिक फिल्मों की सीधी और कड़ी चुनौती मौजूद थी।
बॉक्स ऑफिस के इस कड़े मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन की रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' ने भी एक बड़ी भूमिका निभाई, जिसने उत्तर भारत के मल्टीप्लेक्सों में बॉबी देओल की फिल्म के पैर पूरी तरह उखाड़ दिए। वरुण धवन की इस फिल्म ने अपनी रिलीज के पहले ही दिन साढे सात करोड़ रुपये से अधिक की शानदार ओपनिंग लेकर हिंदी पट्टी के दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया, जिसके कारण 'बंदर' को सिनेमाघरों में बेहद सीमित शोज़ से ही संतोष करना पड़ा। इस तरह, एक तरफ दक्षिण से आ रही राम चरण की आंधी और दूसरी तरफ घरेलू बाजार में वरुण धवन की मजबूत व्यावसायिक पकड़ के बीच फंसकर बॉबी देओल का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बॉक्स ऑफिस की इस रेस में बहुत पीछे छूट गया।
What's Your Reaction?




