हाथरस में नकली खाद फैक्ट्री का पर्दाफाश, डीएम के आदेश पर प्रशासन की टीम ने मारा छापा, गोदाम सील, भारी मात्रा में यूरिया बरामद।
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में अवैध रूप से संचालित हो रही नकली खाद फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। यह घटना सासनी क्षेत्र में हुई, जहां
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में अवैध रूप से संचालित हो रही नकली खाद फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। यह घटना सासनी क्षेत्र में हुई, जहां जिलाधिकारी अतुल वत्स को गोपनीय सूचना मिली थी कि एक गोदाम में नकली खाद का उत्पादन हो रहा है। सूचना के आधार पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और एक टीम गठित की गई। टीम में एसडीएम नीरज शर्मा, कृषि विभाग के अधिकारी और पुलिस शामिल थे। छापेमारी के दौरान गोदाम से बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। छापेमारी शुक्रवार को की गई, जब टीम गोदाम पर पहुंची। गोदाम सासनी के तहसील क्षेत्र के पास स्थित था। टीम ने गोदाम को घेर लिया और अंदर प्रवेश किया। वहां पर नकली खाद बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। जांच में पाया गया कि सरकारी सब्सिडी वाली खाद को कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जा रहा था। नामी कंपनियों की बोरियों में नकली खाद भरकर बाजार में बेची जा रही थी। यह किसानों के साथ धोखाधड़ी का मामला था, क्योंकि नकली खाद फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
टीम ने गोदाम से 50 कुंतल यूरिया खाद बरामद की। इसके अलावा, खाद बनाने के लिए उपयोग होने वाली मशीनें, बोरियां और अन्य सामग्री भी जब्त की गई। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने खुद टीम के साथ छापेमारी में हिस्सा लिया। छापेमारी के दौरान गोदाम मालिक मौके से फरार हो गया। टीम ने गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और सैंपल लेकर लैब परीक्षण के लिए भेज दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि गोदाम में अवैध रूप से खाद का उत्पादन हो रहा था। सरकारी खाद को मिलाकर नकली उत्पाद तैयार किया जा रहा था, जो बाजार में उच्च कीमत पर बेचा जाता। यह प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। टीम ने गोदाम के सभी दस्तावेजों की जांच की और पाया कि कोई वैध लाइसेंस नहीं था।
छापेमारी टीम में एसडीएम नीरज शर्मा के अलावा कृषि विभाग के जिला कृषि अधिकारी, उप जिलाधिकारी और स्थानीय पुलिस शामिल थे। टीम ने गोदाम को पूरी तरह से घेर लिया था ताकि कोई सामग्री बाहर न निकल सके। गोदाम सील करने के बाद जिलाधिकारी ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने गोदाम मालिक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता चला कि नकली खाद को आसपास के जिलों में सप्लाई किया जा रहा था। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना हाथरस जिले में नकली खाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। जिला प्रशासन ने पहले भी ऐसी कई कार्रवाइयां की हैं। इस बार की छापेमारी से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि नकली खाद से फसल उत्पादन प्रभावित होता है। टीम ने गोदाम से बरामद सामग्री की सूची तैयार की, जिसमें यूरिया के अलावा अन्य रसायन भी शामिल थे। जांच दल ने गोदाम के अंदर की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए। इनसे साबित होता है कि नकली खाद बनाने की पूरी व्यवस्था थी। मशीनों से खाद को मिक्स किया जा रहा था और बोरियों में पैक किया जा रहा था। गोदाम में कोई सुरक्षा उपाय नहीं थे, जो अवैध गतिविधि की पुष्टि करता है।
- बरामद सामग्री
बरामद सामग्री में 50 कुंतल यूरिया, नामी कंपनियों की खाली बोरियां, मिक्सिंग मशीनें और रसायन शामिल हैं। सैंपल को सील कर लैब भेजा गया है। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि ऐसी गतिविधियां किसानों के हितों के खिलाफ हैं। प्रशासन ऐसे मामलों पर सख्ती से निपटेगा। छापेमारी के बाद गोदाम को सील कर दिया गया और वहां पुलिस तैनात की गई है ताकि कोई छेड़छाड़ न हो। जांच रिपोर्ट आने तक गोदाम बंद रहेगा। पुलिस ने गोदाम मालिक की तलाश शुरू कर दी है। मालिक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की तैयारी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नकली खाद की सप्लाई कहां-कहां हुई थी। आसपास के किसानों से पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की सतर्कता का उदाहरण है। गोपनीय सूचना के आधार पर ऐसी छापेमारियां जारी रहेंगी। नकली खाद से किसानों को आर्थिक नुकसान होता है और फसल की गुणवत्ता प्रभावित होती है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत दुकानों से खाद खरीदें। छापेमारी के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। टीम ने स्थिति को नियंत्रित किया और कार्रवाई पूरी की। गोदाम को सील करने के बाद टीम वापस लौटी। जांच में सहयोग करने वाले अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रिपोर्ट जल्द तैयार करें।
- जिलाधिकारी का निर्देश
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मुकदमा दर्ज करने और गोदाम मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया होगी। सैंपल की लैब रिपोर्ट से पता चलेगा कि खाद में कितनी मिलावट थी। यदि मिलावट पुष्ट हो गई तो मामला और गंभीर हो जाएगा। प्रशासन ने अन्य गोदामों की भी जांच शुरू कर दी है। यह अभियान पूरे जिले में चलाया जाएगा। नकली खाद बनाने में उपयोग होने वाले रसायनों की जांच भी की जा रही है। ये रसायन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। जांच दल ने सभी सामग्रियों को जब्त कर लिया है। गोदाम की लोकेशन ऐसी थी कि आसानी से ट्रांसपोर्ट हो सकता था। यह घटना सासनी क्षेत्र में हुई, जो हाथरस का महत्वपूर्ण कृषि क्षेत्र है। यहां किसान मुख्य रूप से गेहूं और अन्य फसलों पर निर्भर हैं। नकली खाद से उत्पादन कम हो सकता है। प्रशासन ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। छापेमारी के बाद जिला कृषि अधिकारी ने रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट में गोदाम की स्थिति और बरामद सामग्री का विवरण है। यह रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
सैंपल को लैब में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मिलावट की मात्रा पता चलेगी। पुलिस गोदाम मालिक की तलाश में जुटी है। प्रशासन ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। नकली खाद के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। किसानों की शिकायतों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना जिले में नकली सामग्रियों के खिलाफ सख्ती दिखाती है। गोदाम सील होने से स्थानीय बाजार प्रभावित हुआ है। अन्य दुकानदारों की भी जांच हो रही है। प्रशासन ने सभी गोदामों को वैध दस्तावेज रखने के निर्देश दिए हैं। यह छापेमारी गोपनीय सूचना पर आधारित थी। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा गया है। जांच पूरी होने तक और अपडेट्स आने की उम्मीद है।
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