ओडिशा के अंगुल में गैस सिलेंडर फटने से भीषण आग, 10 से अधिक दुकानें जलकर राख।

ओडिशा के अंगुल जिले में गुरुवार 12 मार्च 2026 को बंतला चौक पर एक टिफिन दुकान में एलपीजी सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई,

Mar 13, 2026 - 15:13
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ओडिशा के अंगुल में गैस सिलेंडर फटने से भीषण आग, 10 से अधिक दुकानें जलकर राख।
ओडिशा के अंगुल में गैस सिलेंडर फटने से भीषण आग, 10 से अधिक दुकानें जलकर राख।
  • बंतला चौक पर टिफिन दुकान में विस्फोट, चार सिलेंडर फटने से फैली आग ने मचाया कोहराम
  • कोई हताहत नहीं, लेकिन लाखों का नुकसान, फायर ब्रिगेड ने नियंत्रित किया आग

ओडिशा के अंगुल जिले में गुरुवार 12 मार्च 2026 को बंतला चौक पर एक टिफिन दुकान में एलपीजी सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई, जिसने आसपास की 10 से अधिक दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना दोपहर के समय हुई जब दुकान में खाना बनाने के दौरान सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया। शुरुआत में एक सिलेंडर फटा, लेकिन आग की लपटों से बाकी तीन सिलेंडर भी फट गए, जिससे आग तेजी से फैल गई। बंतला चौक बाजार क्षेत्र होने के कारण आसपास कई छोटी-बड़ी दुकानें, स्नैक्स शॉप, मिठाई की दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान थे, जो आग की लपटों में घिर गए। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरा कॉम्प्लेक्स जलने लगा और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि दूर तक सुनाई दी और धुआं पूरे बाजार में फैल गया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना में कोई मौत या गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।

घटना बंतला चौक के एक सड़क किनारे वाली टिफिन दुकान में शुरू हुई, जहां खाना बनाने के लिए इस्तेमाल हो रहे एलपीजी सिलेंडर में लीकेज या ओवरहीटिंग के कारण विस्फोट हुआ। दुकान में चार सिलेंडर रखे थे, जिनमें से पहले एक फटा और आग की लपटों ने बाकी को प्रभावित किया। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान मालिक और कर्मचारी मुश्किल से बाहर निकल पाए। आसपास की दुकानें भी लकड़ी, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री से बनी होने के कारण आग ने तेजी से पकड़ ली। बाजार में मौजूद लोग दौड़कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचे, जबकि कुछ ने दुकानों से सामान बचाने की कोशिश की। फायर ब्रिगेड को सूचना मिलने के बाद तुरंत 5-6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और पानी की बौछारें चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया। आग बुझाने में स्थानीय लोगों और पुलिस ने भी मदद की, लेकिन नुकसान रोक पाना मुश्किल रहा। जांच में पता चला कि सिलेंडरों की सुरक्षा जांच नियमित नहीं थी और दुकान में ओवरलोडिंग या पुराने सिलेंडर इस्तेमाल हो रहे थे।

आग से प्रभावित दुकानों में टिफिन सेंटर के अलावा मिठाई की दुकान, जनरल स्टोर, कपड़े की दुकानें और अन्य छोटे व्यवसाय शामिल थे। अनुमान के अनुसार 10 से 11 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि कुछ में आंशिक नुकसान हुआ। दुकानदारों ने बताया कि सामान, फर्नीचर, स्टॉक और नकदी सब कुछ जल गया। नुकसान लाखों रुपये में होने का अनुमान है, क्योंकि बाजार व्यस्त क्षेत्र में है और दुकानें रोजाना अच्छा कारोबार करती हैं। कोई हताहत नहीं होने से राहत मिली, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि उनका रोजगार प्रभावित हो गया है। कई परिवार इस घटना से आर्थिक संकट में पड़ गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावितों के लिए राहत कार्य शुरू किए और नुकसान का आकलन करने के लिए टीम गठित की। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है ताकि सिलेंडर फटने का सटीक कारण पता चल सके।

फायर ब्रिगेड और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया से आग को पूरे बाजार में फैलने से रोका गया। फायर ऑफिसर्स ने बताया कि सिलेंडर फटने से उत्पन्न ब्लास्ट वेव और आग की लपटों ने स्थिति को जटिल बना दिया था। पानी की कमी और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में पहुंचने में थोड़ा समय लगा, लेकिन टीम ने प्रभावी ढंग से काम किया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और अन्य दुकानों में सिलेंडरों की जांच शुरू की गई। प्रशासन ने बाजार एसोसिएशन को निर्देश दिए कि सभी दुकानों में फायर सेफ्टी उपकरण रखे जाएं और सिलेंडरों का नियमित मेंटेनेंस हो। यह घटना एलपीजी सिलेंडरों के सुरक्षित उपयोग पर सवाल उठाती है, खासकर छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जहां अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है।

यह घटना अंगुल जिले में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी आग की घटनाओं में से एक है, जहां बाजार क्षेत्र में सिलेंडर विस्फोट से इतना नुकसान हुआ। स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है और लोग सिलेंडरों के सुरक्षित रखरखाव पर जोर दे रहे हैं। प्रशासन ने पीड़ित दुकानदारों को तत्काल सहायता देने का आश्वासन दिया है, जिसमें आर्थिक मदद और पुनर्वास शामिल है। जांच में यदि लापरवाही पाई गई तो दुकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। घटना ने पूरे ओडिशा में एलपीजी सुरक्षा जागरूकता अभियान की जरूरत को रेखांकित किया है।

आग बुझने के बाद दुकानदारों ने मलबा हटाने और सामान बचाने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश चीजें जल चुकी थीं। बाजार में सामान्य जीवन धीरे-धीरे बहाल हो रहा है लेकिन प्रभावित दुकानदारों के लिए यह बड़ा झटका है। प्रशासन ने राहत शिविर लगाने और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। यह घटना छोटे व्यापारियों की कमजोर स्थिति को सामने लाती है, जहां एक छोटी लापरवाही से सब कुछ खत्म हो सकता है।

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