Bajpur: यशपाल आर्य ने बाजपुर के 20 गांव की भूमि का मुद्दा विधानसभा सत्र में उठाया।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बाजपुर के बहुत चर्चित 20 गांव की भूमि का मुद्दा विधानसभा सत्र में उठाया किसानों को भूमि धरी
ब्यूरो चीफ:आमिर हुसैन
बाजपुर। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बाजपुर के बहुत चर्चित 20 गांव की भूमि का मुद्दा विधानसभा सत्र में उठाया किसानों को भूमि धरी अधिकार देने की की मांग। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा 20 गाँव की 5838 एकड़ भूमि को लगभग 50 वर्ष पहले ही श्रेणी 1 की संक्रमणीय भूमिधरी प्रदान कर दी गई थी। इसका अर्थ यह है कि वहाँ के निवासियों को विधिवत भूमिधर के रूप में मान्यता मिल चुकी थी और उन्हें अपनी भूमि पर सभी वैधानिक अधिकार प्राप्त थे। लेकिन अत्यंत आश्चर्यजनक स्थिति यह उत्पन्न हो गई कि कुछ वर्ष पहले जिलाधिकारी नीरज खैरवाल द्वारा एक आदेश जारी कर इन भूमि की खरीद और बिक्री पर रोक लगा दी गई। इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि जो लोग विधिवत भूमिधर हैं, वे भी अपने अधिकारों का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं।
वे अपनी भूमि का क्रय–विक्रय नहीं कर सकते, भूमि का स्वतंत्र उपयोग नहीं कर सकते और कई मामलों में उन्हें बैंक ऋण या अन्य आर्थिक सुविधाएँ प्राप्त करने में भी कठिनाई होती है। यह स्थिति न केवल कानूनी रूप से भ्रमित करने वाली है बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए अत्यंत पीड़ा दायक भी है जो दशकों से उस भूमि पर रह रहे हैं और जिनके जीवन की सारी योजनाएँ उसी भूमि पर आधारित हैं।इन गाँवों में आज दर्जनों विद्यालय, बैंक, बाजार और अन्य संस्थान स्थापित हो चुके हैं। वहाँ की पूरी सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था उसी भूमि के आधार पर विकसित हुई है।ऐसे में यदि भूमिधर होने के बावजूद लोगों को अपने अधिकारों का उपयोग करने से रोका जाता है, तो यह उनके साथ अन्याय के समान है।पहले ही श्रेणी–1 की संक्रमणीय भूमिधरी प्रदान की जा चुकी है, तो फिर उनके अधिकारों पर इस प्रकार की रोक क्यों लगाई गई है।सरकार को इस विषय की गंभीरता को समझते हुए तत्काल इस मामले की समीक्षा करनी चाहिए और बाजपुर तहसील के इन गाँवों के निवासियों को उनके वैधानिक अधिकार पुनः प्रदान करने चाहिए।
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