Bajpur: बीस गांव के भूमिधरी अधिकार मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष- बाजवा
भूमि बचाओ मुहिम का स्थापना दिवस आज श्रद्धा एवं संकल्प के साथ मनाया गया। बाजपुर के 20 गांवों की 5838 एकड़
ब्यूरो चीफ:आमिर हुसैन
बाजपुर। भूमि बचाओ मुहिम का स्थापना दिवस आज श्रद्धा एवं संकल्प के साथ मनाया गया। बाजपुर के 20 गांवों की 5838 एकड़ भूमि की मिट्टी एकत्रित कर तैयार किए गए थाती कलशों का पूजन एवं तिलक कर किसानों, मजदूरों और व्यापारियों के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।
भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि बाजपुर क्षेत्र के 20 गांवों की 5838 एकड़ भूमि से जुड़े किसानों, मजदूरों और व्यापारियों के भूमिधरी अधिकार सरकार द्वारा लगभग छह वर्ष पूर्व छीन लिए गए थे। तब से प्रभावित लोग लगातार अपने अधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
और क्षेत्र के हजारों परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं आधी सदी से भी अधिक समय से प्राप्त भूमि धरी अधिकारों को छीनना कत्तई न्यायोचित नहीं है
उन्होंने कहा कि अनेक आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों तथा सरकार की ओर से मिले आश्वासनों के बावजूद आज तक भूमिधरी अधिकार बहाल नहीं किए गए हैं, जिससे क्षेत्र के हजारों परिवारों में निराशा और असंतोष व्याप्त है। भूमि बचाओ मुहिम स्थापना दिवस पर सभी ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि जब तक प्रभावित लोगों को उनके भूमिधरी अधिकार वापस नहीं मिल जाते, तब तक आंदोलन और संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
बाजवा ने कहा कि भूमि केवल किसानों की आजीविका का साधन नहीं, बल्कि उनकी पहचान और भविष्य का आधार है। यह भूमिधरी अधिकार बाजपुर के अस्तित्व का सवाल है इसलिए अधिकारों की बहाली के लिए हर लोकतांत्रिक स्तर पर संघर्ष किया जाएगा तथा सरकार को अपने वादे पूरे करने होंगे।
स्थापना दिवस कार्यक्रम में उपस्थित किसानों, मजदूरों, व्यापारियों एवं क्षेत्रवासियों ने थाती कलशों का पूजन कर भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प दोहराया।
What's Your Reaction?




