चीन में पैर पसार रहा अनोखा सामाजिक ट्रेंड, अब ब्रेकअप करने पर पार्टनर को देना होगा भारी आर्थिक मुआवजा।
बदलते दौर के साथ दुनिया भर में इंसानी रिश्तों के मायने और उन्हें निभाने के तौर-तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। इसी कड़ी में भारत
- क्या है यह 'फेनशौ फेई' प्रथा, जिसने आधुनिक प्रेम संबंधों और कानूनी सीमाओं के बीच छेड़ दी है एक नई बहस
- रिश्ते में बिताए समय और भावनाओं की कीमत वसूलने का चलन तेज, युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा ब्रेकअप फीस का कॉन्सेप्ट
बदलते दौर के साथ दुनिया भर में इंसानी रिश्तों के मायने और उन्हें निभाने के तौर-तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। इसी कड़ी में भारत के पड़ोसी देश चीन से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाला सामाजिक ट्रेंड सामने आया है, जो इन दिनों वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। चीन की युवा पीढ़ी के बीच आजकल 'फेनशौ फेई' (Fenshou Fei) यानी 'ब्रेकअप फीस' नाम की एक अनोखी सामाजिक प्रथा बहुत तेजी से पैर पसार रही है। इस नए और अनोखे चलन के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी प्रेम संबंध (रिलेशनशिप) को अपनी मर्जी से खत्म करता है या अपने पार्टनर से ब्रेकअप करता है, तो उसे रिश्ता तोड़ने के बदले में अपने साथी को एक निश्चित रकम या आर्थिक मुआवजा देना पड़ता है। इस प्रथा ने पारंपरिक रिश्तों की अवधारणा को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है।
यह अनोखा ट्रेंड चीन के आधुनिक समाज में प्रेम, प्रतिबद्धता और पैसों के बीच के जटिल अंतर्संबंधों को प्रदर्शित करता है। यद्यपि पहली नजर में यह व्यवस्था बेहद हैरान करने वाली लगती है, लेकिन वहां के समाज में इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। इस प्रथा के पीछे मुख्य सोच यह है कि जब दो लोग एक लंबे समय तक किसी रिश्ते में रहते हैं, तो वे एक-दूसरे पर न केवल अपनी भावनाएं और ऊर्जा खर्च करते हैं, बल्कि अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण समय भी निवेश करते हैं। ऐसे में जब कोई एक पार्टनर अचानक उस रिश्ते से पीछे हटने का फैसला करता है, तो दूसरे पार्टनर को होने वाले मानसिक आघात, समय की बर्बादी और भावनात्मक नुकसान की भरपाई इस आर्थिक मुआवजे के जरिए करने की कोशिश की जाती है।
कानूनी दृष्टिकोण से देखा जाए तो चीन के आधिकारिक कानून व्यवस्था या न्यायपालिका में इस 'ब्रेकअप फीस' को लेकर कोई भी स्पष्ट या वैधानिक नियम मौजूद नहीं है। अर्थात, चीन की कोई भी अदालत किसी नागरिक को जबरन अपने पार्टनर को ब्रेकअप फीस देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं कर सकती है। इसके बावजूद, यह पूरी तरह से एक स्वैच्छिक और सामाजिक सहमति पर आधारित नियम बनता जा रहा है। कई मामलों में तो युवा इस बात को लेकर इतने गंभीर हैं कि वे बकायदा आपसी सहमति से एक लिखित समझौता पत्र (ब्रेकअप एग्रीमेंट) भी तैयार करवा रहे हैं, ताकि भविष्य में रिश्ता टूटने की स्थिति में मुआवजे की राशि को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद या गतिरोध उत्पन्न न हो। इस प्रथा के अंतर्गत मुआवजे की राशि कोई निश्चित नहीं होती है। यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि रिश्ता कितने वर्षों तक चला, दोनों पार्टनर्स की आर्थिक स्थिति कैसी है, और रिश्ते के दौरान किसने किस पर कितना वित्तीय खर्च किया था। कई बार इसमें महंगे उपहारों की कीमत भी जोड़ दी जाती है।
इस आधुनिक सामाजिक चलन के बढ़ने के पीछे चीन की वर्तमान जनसांख्यिकीय और आर्थिक परिस्थितियां भी एक बहुत बड़ा कारण मानी जा रही हैं। चीन में विवाह की दरों में आ रही लगातार कमी और युवाओं के बीच अकेले रहने की बढ़ती प्रवृत्ति के बीच लोग प्रेम संबंधों को लेकर बेहद सुरक्षात्मक रुख अपना रहे हैं। विशेषकर कामकाजी और आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिलाएं इस ट्रेंड को अपनी सुरक्षा और सम्मान से जोड़कर देख रही हैं। उनका मानना है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को किसी भी रिश्ते के टूटने के बाद सामाजिक और जैविक रूप से अधिक नुकसान उठाना पड़ता है, इसलिए यह आर्थिक मुआवजा उन्हें एक तरह की सामाजिक सुरक्षा और मानसिक संबल प्रदान करने का काम करता है।
इस विषय पर समाजशास्त्रियों और मनोवैज्ञानिकों के बीच भी व्यापक मंथन और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस विषय के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने वाले विद्वानों का मानना है कि प्रेम जैसे पवित्र और शुद्ध अहसास को पैसों के तराजू में तोलना दीर्घकालिक रूप से सामाजिक ताने-बाने के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। यदि हर रिश्ते के अंत को एक व्यावसायिक सौदे की तरह देखा जाने लगेगा, तो लोगों के भीतर से आपसी विश्वास, निस्वार्थ प्रेम और त्याग जैसी भावनाएं पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगी। इसके विपरीत, इस प्रथा का समर्थन करने वाले लोगों का तर्क है कि यह आधुनिक युग की व्यावहारिक आवश्यकता है, जो धोखेबाजी और कैजुअल डेटिंग संस्कृति पर लगाम लगाने में मददगार साबित हो सकती है।
चीन के विभिन्न बड़े शहरों जैसे शंघाई, बीजिंग और शेन्ज़ेन में इस तरह के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं जहां ब्रेकअप के बाद लाखों युआन (चीनी मुद्रा) का लेन-देन किया गया है। कुछ मामलों में तो विवाद इतना बढ़ गया कि बात पुलिस थानों और स्थानीय मध्यस्थता समितियों तक पहुंच गई, जहां आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से मामले को शांत कराया गया। इस ट्रेंड के कारण अब युवाओं में किसी भी नए रिश्ते में जाने से पहले उसके भविष्य और उससे जुड़े वित्तीय जोखिमों को लेकर एक अलग तरह की सतर्कता देखी जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस अनूठी प्रथा को लेकर दुनिया भर के लोग अपनी-अपनी संस्कृतियों के हिसाब से इसके अच्छे और बुरे परिणामों का आकलन कर रहे हैं।
What's Your Reaction?




