SSC GD परीक्षा अचानक रद्द होने से भड़का छात्रों का आक्रोश, परीक्षा केंद्र के बाहर युवाओं ने काटा भारी हंगामा।

कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली जनरल ड्यूटी परीक्षा के दौरान एक बेहद गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति

May 27, 2026 - 12:36
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SSC GD परीक्षा अचानक रद्द होने से भड़का छात्रों का आक्रोश, परीक्षा केंद्र के बाहर युवाओं ने काटा भारी हंगामा।
SSC GD परीक्षा अचानक रद्द होने से भड़का छात्रों का आक्रोश, परीक्षा केंद्र के बाहर युवाओं ने काटा भारी हंगामा।
  • कंप्यूटर सिस्टम में तकनीकी खराबी के बाद रद्द करनी पड़ी परीक्षा, आक्रोशित अभ्यर्थियों ने केंद्र पर की जमकर तोड़फोड़
  • भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाकर सड़क पर उतरे हजारों परीक्षार्थी, पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला

कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली जनरल ड्यूटी परीक्षा के दौरान एक बेहद गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति सामने आई है। देश के एक प्रमुख परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा को स्थगित या रद्द करने की घोषणा कर दी गई। इस अप्रत्याशित फैसले को सुनते ही परीक्षा केंद्र के भीतर और बाहर मौजूद हजारों अभ्यर्थियों का धैर्य पूरी तरह से जवाब दे गया। लंबे समय से इस भर्ती प्रक्रिया की तैयारी कर रहे युवाओं के भीतर का असंतोष एक झटके में उग्र विरोध प्रदर्शन में बदल गया। देखते ही देखते पूरा परीक्षा केंद्र एक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जहां आक्रोशित युवाओं ने प्रशासनिक व्यवस्था और परीक्षा कराने वाली एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

तनाव की शुरुआत तब हुई जब परीक्षा की पहली पाली में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी सुबह से ही लंबी लाइनों में खड़े थे। बायोमेट्रिक सत्यापन और सुरक्षा जांच के बाद जैसे ही छात्र अपनी आवंटित सीटों पर कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे, वैसे ही सर्वर डाउन होने और कंप्यूटर सिस्टम के काम न करने की शिकायतें सामने आने लगीं। परीक्षा केंद्र के तकनीकी अमले ने स्थिति को सुधारने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन समय बीतने के साथ ही समस्या और गंभीर होती चली गई। जब परीक्षा शुरू होने का निर्धारित समय काफी आगे निकल गया, तो केंद्र के अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से यह घोषणा की कि तकनीकी खामियों के कारण आज की परीक्षा को संचालित कर पाना संभव नहीं है और इसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है। इस सूचना ने आग में घी डालने का काम किया।

परीक्षा रद्द होने की आधिकारिक घोषणा सुनते ही छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने परीक्षा कक्ष के भीतर ही कुर्सियां, मेज और कंप्यूटर स्क्रीन को पलटना शुरू कर दिया। तोड़फोड़ की यह घटना केवल परीक्षा हॉल तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि बाहर खड़ी गाड़ियों, खिड़कियों के शीशों और मुख्य प्रवेश द्वार को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया। अभ्यर्थियों का आरोप था कि वे देश के दूर-दराज के इलाकों से भारी कठिनाइयों का सामना करते हुए, बसों और ट्रेनों में धक्के खाकर इस परीक्षा को देने पहुंचे थे। कई छात्र अपनी जमा-पूंजी खर्च करके एक दिन पहले ही परीक्षा शहर में आकर रुके थे। ऐसे में बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के परीक्षा को अचानक रद्द कर देना उनके आर्थिक और मानसिक शोषण के समान है। परीक्षा केंद्र पर सर्वर और स्थानीय कंप्यूटर नेटवर्किंग में आई गंभीर तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा को बीच में ही रोकना पड़ा, जिसके बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से स्थिति बेकाबू हो गई।

घटना की संवेदनशीलता और बढ़ते बवाल को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर रवाना किया। पुलिस के आला अधिकारियों ने दंगा नियंत्रण वाहनों और अतिरिक्त पुलिस कर्मियों के साथ परीक्षा केंद्र को चारों तरफ से घेर लिया। उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को हल्के बल का प्रयोग भी करना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शन कर रहे छात्र परीक्षा केंद्र परिसर से बाहर निकलकर मुख्य सड़क पर जमा हो गए। छात्रों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे पूरे इलाके में कई घंटों तक यातायात पूरी तरह से ठप रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और शिकायतों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को शांत करने का प्रयास करते हुए यह स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा आज तकनीकी कारणों से प्रभावित हुई है, उन्हें भविष्य में परीक्षा का एक और अवसर दिया जाएगा। उनके लिए परीक्षा की एक नई तिथि की घोषणा बहुत जल्द आधिकारिक माध्यमों से की जाएगी और उनके एडमिट कार्ड दोबारा जारी किए जाएंगे। अधिकारियों ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कई बार अप्रत्याशित तकनीकी बाधाएं आ जाती हैं, जिन्हें हल करने में समय लगता है। हालांकि, छात्र इस आश्वासन से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने मांग की कि नई परीक्षा की तारीखों का ऐलान तुरंत लिखित रूप में किया जाए ताकि उनका साल बर्बाद न हो।

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