Sitapur: नैनो उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु खैराबाद में कार्यशाला आयोजित। 

इफको द्वारा नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने एवं रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग को कम करने के

May 30, 2026 - 20:28
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Sitapur: नैनो उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु खैराबाद में कार्यशाला आयोजित। 
नैनो उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु खैराबाद में कार्यशाला आयोजित। 

रिपोर्ट-     संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

खैराबाद/सीतापुर शनिवार को इफको द्वारा नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने एवं रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग को कम करने के उद्देश्य से विकास खंड सभागार खैराबाद में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद सीतापुर की सहकारी समितियों के सचिव, इफको बिक्री केंद्र, अग्रिजंक्शन एवं अन्य उर्वरक विक्रेताओं ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम की शुरुआत इफको क्षेत्र अधिकारी सचिन प्रताप सिंह ने अतिथियों के स्वागत के साथ की। उन्होंने किसानों को जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि जीवाश्म कार्बन की मात्रा बढ़ाने के लिए जैविक खादों का प्रयोग बढ़ाना आवश्यक है। साथ ही NPK कॉन्सोर्टिया को खेती में शामिल करने तथा मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। उप महाप्रबंधक एस.सी. मिश्रा ने कहा कि खेती को लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए ऐसे उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए जिससे खेत, मिट्टी और वायुमंडल प्रदूषित न हों। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरक किसानों के हित में हैं तथा इनके प्रयोग से उत्पादन में वृद्धि होती है और भूमि पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया प्लस के उपयोग से 30 से 50 प्रतिशत तक दानेदार यूरिया की खपत कम की जा सकती है। इफको लखनऊ से आए उपमहाप्रबंधक डॉ. एस.के. सिंह ने किसानों से रासायनिक खादों के स्थान पर वैकल्पिक उर्वरकों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकांश रासायनिक उर्वरक विदेशों से आयात किए जाते हैं, जिन पर सरकार को भारी सब्सिडी देनी पड़ती है। नैनो उर्वरकों के प्रयोग से इस व्यय में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी से बीज एवं जड़ उपचार कर किसान दानेदार डीएपी के उपयोग को 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। साथ ही जैव उर्वरकों का बीज, जड़ एवं मिट्टी में प्रयोग करने की सलाह दी। जिला कृषि अधिकारी ने जानकारी दी कि भारत सरकार की नई योजना जून माह से उत्तर प्रदेश के दो जनपदों — सीतापुर एवं रामपुर — में लागू की जाएगी। इस योजना के तहत किसानों को QR कोड एवं NFSF प्रणाली के माध्यम से उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। किसान अपने मोबाइल अथवा CSC केंद्र के माध्यम से QR कोड बनाकर संबंधित केंद्र से अगले दिन उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने सभी सहकारी समितियों के सचिवों को निर्देशित किया कि योजना का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि किसान अधिक से अधिक लाभान्वित हो सकें।
कार्यशाला में जनपद सीतापुर की सहकारी समितियों के सचिव, गन्ना विकास समिति, क्रय-विक्रय समिति, इफको किसान सेवा केंद्र, IFFDC, इफको बाजार, DCDF बिक्री केंद्र सहित लगभग 350 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

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