JEE Advanced 2026 के नतीजों में आईआईटी दिल्ली जोन का ऐतिहासिक दबदबा, गया के शुभम कुमार बने ऑल इंडिया टॉपर
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण प्रवेश
- देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षा का परिणाम घोषित, मात्र एक अंक के अंतर से कबीर छिल्लर ने हासिल की दूसरी रैंक
- आईआईटी रुड़की ने जारी की मेरिट लिस्ट, कुल 56,880 परीक्षार्थी हुए सफल, बेटियों में आरोही देशपांडे ने मारी बाजी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण प्रवेश परीक्षा 'JEE Advanced 2026' के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस वर्ष परीक्षा का संचालन करने वाले संस्थान आईआईटी रुड़की द्वारा आधिकारिक मेरिट लिस्ट और कट-ऑफ जारी कर दी गई है। इस बार के परीक्षा परिणामों में शीर्ष स्थान पर आईआईटी दिल्ली प्रशासनिक क्षेत्र (Zone) का एकतरफा वर्चस्व देखने को मिला है। सामान्य रैंक सूची (CRL) में देश के शीर्ष तीन स्थानों पर इसी जोन के छात्रों ने अपना परचम लहराया है। बिहार के गया जिले के मूल निवासी शुभम कुमार ने इस कठिन परीक्षा में पूरे देश में प्रथम स्थान (All India Rank 1) प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, जिससे देश के शिक्षा जगत में उनकी इस सफलता की गूंज सुनाई दे रही है।
इस साल की परीक्षा में प्रतिस्पर्धा का स्तर कितना कड़ा था, इसका अंदाजा शीर्ष दो स्थानों के बीच के अंकों के अंतर को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। ऑल इंडिया टॉपर शुभम कुमार ने कुल 360 अंकों में से 330 अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। वहीं, हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले कबीर छिल्लर बेहद मामूली अंतर से शीर्ष स्थान चूक गए और उन्होंने 329 अंक पाकर पूरे देश में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की है। इन दोनों मेधावी छात्रों के बीच मात्र एक अंक का फासला रहा, जो यह दर्शाता है कि सफलता की इस दौड़ में एक-एक प्रश्न का सही उत्तर कितना निर्णायक साबित होता है। इसके साथ ही, इसी जोन के जतिन चाहर ने 319 अंक लाकर देश भर में तीसरा (AIR 3) स्थान हासिल किया है, जिससे दिल्ली जोन के दबदबे की कहानी पूरी तरह पुख्ता हो जाती है।
यदि कुल सम्मिलित परीक्षार्थियों और सफल छात्रों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो परीक्षा में शामिल होने वाले युवाओं की संख्या बहुत बड़ी थी। इस वर्ष JEE Advanced परीक्षा के लिए कुल 1,87,389 अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,79,694 छात्र-छात्राएं गत 17 मई 2026 को आयोजित पेपर 1 और पेपर 2 दोनों परीक्षाओं में उपस्थित हुए थे। कड़ी मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद इस वर्ष कुल 56,880 उम्मीदवारों ने आईआईटी में प्रवेश के लिए आवश्यक अर्हता (Qualify) प्राप्त की है। इस सफल समूह में छात्राओं की संख्या 10,107 रही है, जो तकनीकी शिक्षा के प्रति देश की बेटियों के बढ़ते कदम को दर्शाती है। छात्राओं की श्रेणी में भी दिल्ली जोन का ही प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा, जहां आरोही देशपांडे ने 280 अंक हासिल कर कुल रैंक सूची में 77वां स्थान पाया और वे देश की शीर्ष महिला उम्मीदवार बनकर उभरीं। देश की इस सर्वोच्च परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले शुभम कुमार ने अपनी दो साल की लंबी तैयारी के दौरान नकारात्मक खबरों और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी थी। मोबाइल का सीमित उपयोग केवल शिक्षकों और माता-पिता से संवाद के लिए करना तथा प्रतिदिन आठ से दस घंटे की नियमित पढ़ाई ही इस कठिन परीक्षा को पास करने का सबसे बड़ा मूलमंत्र साबित हुई।
परीक्षा परिणामों के विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि देश के अन्य जोन के विद्यार्थियों ने भी शीर्ष दस में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ा संघर्ष किया है। दिल्ली जोन के दबदबे के बीच आईआईटी मद्रास जोन के मोहित शेखर शुक्ला ने 319 अंकों के साथ देश भर में चौथा स्थान हासिल किया, जबकि इसी जोन के कुच्ची संदीप 318 अंकों के साथ पांचवें पायदान पर रहे। वहीं, आईआईटी बॉम्बे जोन के बी जयकृष्णा श्रीनिवास ने 314 अंक लाकर देश में छठी रैंक प्राप्त की। विभिन्न श्रेणियों (Categories) के तहत भी कट-ऑफ के अंकों में इस बार पिछले वर्षों के मुकाबले थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह साफ होता है कि इस वर्ष छात्रों की कुल तैयारी का स्तर काफी ऊंचा और गंभीर था।
सफलता की इस ऊंची उड़ान के पीछे छात्रों के व्यक्तिगत अनुशासन के साथ-साथ उनके अनुकूल वातावरण और पारिवारिक सहयोग की भी एक बहुत बड़ी भूमिका रही है। टॉपर शुभम कुमार के पिता बिहार के गया में एक हार्डवेयर व्यवसायी हैं और माता कुशल गृहणी हैं, जिन्होंने अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए उसे दो साल पहले राजस्थान के कोटा भेजा था। कोटा के प्रतिस्पर्धी माहौल में कई तरह की नकारात्मक खबरों के बावजूद, शुभम ने अपना ध्यान केवल अपनी पढ़ाई पर केंद्रित रखा। मानसिक तनाव से बचने के लिए वे नियमित रूप से प्रतिदिन सुबह कुछ मिनटों के लिए ध्यान (Meditation) करते थे और रविवार के दिनों में क्रिकेट तथा बैडमिंटन जैसे खेलों के जरिए खुद को तरोताजा रखते थे, जिससे उन्हें कठिन विषयों को समझने में मदद मिली।
नतीजों की घोषणा के साथ ही देश भर के आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और अन्य सरकारी सहायता प्राप्त तकनीकी संस्थानों (GFTIs) की कुल 23 हजार से अधिक सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। परीक्षा बोर्ड की तरफ से यह स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है कि परीक्षा में सफल घोषित किए गए सभी 56,880 अभ्यर्थी तुरंत शुरू होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। इस साल एडमिशन के नियमों में यह बड़ी सहूलियत दी गई है कि जो भी उम्मीदवार JEE Advanced में योग्य पाए गए हैं, वे अपनी कक्षा 12वीं के अंकों की प्रतिशतता की चिंता किए बिना इस केंद्रीय सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल होने के हकदार होंगे। हालांकि, अंतिम सीट की पुष्टि संस्थान की विशिष्ट पात्रता शर्तों के पूरा होने के बाद ही की जाएगी।
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