अभिनेता अजीत कुमार की मां के निधन पर सीएम विजय और अभिनेत्री तृषा ने दी श्रद्धांजलि
जिस समय यह दुखद घटना घटी, उस समय अभिनेता अजीत कुमार अपने पेशेवर दौरों और रेसिंग प्रतिबद्धताओं के सिलसिले में देश से बाहर दुबई में मौजूद थे। अपनी माता के महाप्रयाण की अत्यंत हृदयविदारक खबर सुनते ही वह पूरी तरह टूट गए और उन्होंने तत्काल आपा
- सीएम विजय और अभिनेत्री तृषा ने चेन्नई स्थित आवास पर पहुंचकर दिवंगत आत्मा को दी श्रद्धांजलि, भावुक पलों में साझा किया परिवार का गहरा दर्द।
- सिंध प्रांत से विस्थापन के संघर्ष से लेकर बेटे को महानायक बनाने तक का सफर, अजीत कुमार की मां के महाप्रयाण पर उमड़ा पूरे दक्षिण भारत का स्नेह।
दक्षिण भारतीय सिनेमा के शीर्ष अभिनेताओं में शुमार और पेशेवर रेसिंग ड्राइवर अजीत कुमार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अभिनेता की पूजनीय मां मोहिनी मणि का लंबी बीमारी और बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण शनिवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वह नवासी वर्ष की थीं और पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। चेन्नई के पलावक्कम और इंजमबाक्कम क्षेत्र के पास स्थित निजी चिकित्सालय में उन्होंने अंतिम सांस ली। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सोते समय अत्यंत शांति से इस नश्वर संसार को अलविदा कहा। मां के निधन की दुखद सूचना मिलते ही पूरे दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग और राजनीतिक जगत में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।
जिस समय यह दुखद घटना घटी, उस समय अभिनेता अजीत कुमार अपने पेशेवर दौरों और रेसिंग प्रतिबद्धताओं के सिलसिले में देश से बाहर दुबई में मौजूद थे। अपनी मां के महाप्रयाण की अत्यंत हृदयविदारक खबर सुनते ही वह पूरी तरह टूट गए और उन्होंने तत्काल आपातकालीन उड़ानों के माध्यम से चेन्नई वापसी की व्यवस्था की। शनिवार दोपहर बाद वह चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुंचे और सीधे अपने पैतृक निवास स्थान की ओर रवाना हुए ताकि वह इस अत्यंत कठिन समय में अपने भाइयों अनूप कुमार और अनिल कुमार के साथ खड़े हो सकें और अंतिम विदाई की रस्मों को पूरा कर सकें। अजीत कुमार के पिता पी. सुब्रमण्यम, जिन्हें पीएस मणि के नाम से भी जाना जाता था, का निधन भी लगभग तीन वर्ष पूर्व मार्च 2023 में पचासी वर्ष की आयु में हुआ था, जिसके बाद से मां ही पूरे परिवार की धुरी बनी हुई थीं।
इस दुखद समाचार के सार्वजनिक होते ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी तमाम राजनीतिक और प्रशासनिक व्यस्तताओं को एक तरफ रखते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विजय सीधे चेन्नई के तटीय उपनगर इंजमबाक्कम स्थित अजीत कुमार के निवास स्थान पर पहुंचे, जहां दिवंगत मोहिनी मणि के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था। मुख्यमंत्री ने वहां पहुंचकर अपने अत्यंत प्रिय मित्र अजीत कुमार को गले लगाया और उन्हें ढांधस बंधाया। दोनों ही दिग्गज कलाकारों के बीच दशकों पुराना पारिवारिक और व्यावसायिक रिश्ता रहा है, जिसे देखते हुए इस भावुक मुलाकात ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि एक ऐसी मां को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, जिसने अपने बेटे को हर कदम पर संबल दिया और उसे इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचते देखा।
मुख्यमंत्री विजय के साथ-साथ दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रख्यात अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी अजीत कुमार के आवास पर पहुंचीं। तृषा कृष्णन, जिन्होंने अजीत कुमार के साथ कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में सह-कलाकार के रूप में काम किया है, इस दुखद घड़ी में बेहद भावुक और स्तब्ध नजर आईं। उन्होंने अजीत कुमार और उनके शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। तृषा ने उस गरिमामयी मां को नमन किया जिन्होंने अजीत कुमार जैसे जमीन से जुड़े और अनुशासित व्यक्तित्व को गढ़ा। इस दौरान निवास स्थान पर दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के कई अन्य नामचीन चेहरे, निर्देशक और निर्मां भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे, जिससे माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।
पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो दिवंगत मोहिनी मणि का जीवन अत्यंत प्रेरणादायी और संघर्षों से भरा रहा है। वह मूल रूप से उस सिंधी समुदाय का हिस्सा थीं, जिसे भारत के विभाजन के समय अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने घर-बार को छोड़कर नए स्वतंत्र भारत में विस्थापित होना पड़ा था। बचपन में सब कुछ पीछे छोड़कर नए सिरे से जीवन की शुरुआत करने के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपने परिवार को हमेशा नैतिक मूल्यों की सीख दी। यही कारण है कि अजीत कुमार ने अपनी पूजनीय मां के सम्मान और उनके जन-कल्याणकारी विचारों को जीवित रखने के लिए 'मोहिनी मणि फाउंडेशन' नाम से एक सामाजिक कल्याण संस्था की स्थापना की थी। यह संस्था सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता जागरूकता और नागरिक जिम्मेदारियों से जुड़े विभिन्न सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर योगदान देती है, जो मां और बेटे के अटूट रिश्ते का प्रतीक है।
अजीत कुमार के भाई अनिल कुमार द्वारा साझा किए गए एक आधिकारिक पारिवारिक बयान में बताया गया कि उनकी मां ने एक लंबा और सार्थक जीवन जिया। वे खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें अपनी मां का निस्वार्थ प्रेम, मार्गदर्शन और शांत शालीनता देखने का अवसर मिला। इसके साथ ही परिवार ने इस अत्यंत निजी शोक के समय में सभी शुभचिंतकों और मीडिया जगत से अपनी गोपनीयता का सम्मान करने की भावुक अपील की। बयान में स्पष्ट किया गया कि उनकी मां का अंतिम संस्कार पूरी तरह से एक निजी पारिवारिक आयोजन होगा, जिसमें केवल परिवार के अत्यंत करीबी सदस्य ही शामिल होंगे, ताकि वे अपनी मां को उसी गरिमा, गरिमामयी शांति और सौम्य शक्ति के साथ विदा कर सकें जो उन्होंने अपने पूरे जीवन में प्रदर्शित की थी।
What's Your Reaction?




