Sambhal: सम्भल में नमाज़ पर रोक के मामले में हाईकोर्ट सख्त, कहा प्रशासन कानून लागू करने में असमर्थ है तो पद छोड़ दे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सम्भल में रमज़ान के दौरान नमाज़ पढ़ने पर प्रतिबंध से जुड़े मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि प्रशासन कानून

Mar 14, 2026 - 14:38
117 Views
Sambhal: सम्भल में नमाज़ पर रोक के मामले में हाईकोर्ट सख्त, कहा प्रशासन कानून लागू करने में असमर्थ है तो पद छोड़ दे।
प्रतीकात्मक तस्वीर

उवैस दानिश, सम्भल 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सम्भल में रमज़ान के दौरान नमाज़ पढ़ने पर प्रतिबंध से जुड़े मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या स्थानांतरण ले लेना चाहिए।

यह मामला सम्भल निवासी मुनाजिर खान द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्हें गाटा संख्या 291 स्थित मस्जिद में रमज़ान के दौरान नमाज़ अदा करने से रोका जा रहा है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि कानून व्यवस्था की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नमाज़ पढ़ने वालों की संख्या सीमित कर दी है और केवल 20 लोगों को ही नमाज़ की अनुमति दी गई है। इस पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि राज्य का कर्तव्य है कि वह कानून का राज सुनिश्चित करे। यदि स्थानीय प्रशासन को कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है और वह स्थिति संभालने में सक्षम नहीं है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या सम्भल से बाहर स्थानांतरण ले लेना चाहिए।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पूजा या नमाज़ किसी निजी संपत्ति पर की जा रही है तो इसके लिए राज्य से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होती। अनुमति की जरूरत तभी होती है जब धार्मिक आयोजन सार्वजनिक भूमि पर हो या सार्वजनिक संपत्ति को प्रभावित करता हो। हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ता से यह भी कहा कि वह मस्जिद या नमाज़ की जगह के फोटो और राजस्व अभिलेख रिकॉर्ड पर पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च 2026 को होगी, जब याचिकाकर्ता अतिरिक्त शपथपत्र के साथ सबूत पेश करेंगे।

Also Read- Lucknow : प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी से जारी की किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त, उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ किसानों को मिली सौगात

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow