हापुड़ में पुलिसिया दबिश और बुलडोजर का खौफ- 7 दिनों से फरार मुख्य आरोपी अरमान आखिरकार गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े प्रशासनिक और पुलिसिया अभियान का एक बड़ा असर
- में कानून का डर- मकान ढहाने के प्रशासनिक अल्टीमेटम और चौतरफा घेराबंदी के बाद मुख्य अभियुक्त ने टेके घुटने
- सहयोगियों की तलाश तेज- जघन्य चाकूबाजी की घटना के पांच अन्य नामजद आरोपी अभी भी फरार, पुलिस टीमों का छापा जारी
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े प्रशासनिक और पुलिसिया अभियान का एक बड़ा असर देखने को मिला है। इलाके के बहुचर्चित और जघन्य चाकूबाजी के मामले में पिछले 7 दिनों से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे मुख्य आरोपी अरमान को स्थानीय पुलिस ने एक बेहद नाटकीय घटनाक्रम के बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस गिरफ्तारी के पीछे पुलिस की चौतरफा घेराबंदी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर चलने वाले प्रशासनिक बुलडोजर का भारी खौफ भी एक मुख्य वजह बनकर सामने आया है। आरोपी को इस बात का लगातार डर सता रहा था कि यदि उसने समय रहते कानून के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं किया या वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया, तो प्रशासन उसके अवैध ठिकानों और पैतृक मकान पर ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दे सकता है।
यह पूरा सनसनीखेज मामला एक सप्ताह पूर्व का है, जब पुरानी रंजिश और आपसी खुन्नस के चलते कुछ दबंगों ने सरेराह एक युवक पर धारदार चाकुओं से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला बोल दिया था। इस क्रूर और जानलेवा हमले में पीड़ित बुरी तरह लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे नाजुक हालत में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस वारदात का एक बेहद खौफनाक वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद पूरे जिले की कानून व्यवस्था और शांति व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई थीं। घटना के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अरमान सहित छह नामजद लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास जैसी गंभीर और सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था।
घटना के दिन से ही पुलिस की कई विशेष टीमें और स्वाट दस्ता आरोपियों की धरपकड़ के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रहा था, लेकिन मुख्य आरोपी अरमान और उसके साथी अपने मोबाइल फोन बंद करके भूमिगत हो गए थे। पुलिसिया कार्रवाई को और अधिक धार देने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से अपराधियों के घरों पर नोटिस चस्पा करने और उनके अवैध निर्माणों का ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया था। इस प्रशासनिक हलचल और बुलडोजर एक्शन की तैयारी की खबर जैसे ही फरार आरोपियों के करीबियों के माध्यम से मुख्य अभियुक्त तक पहुंची, उसके भीतर कानून का खौफ चरम पर पहुंच गया। उसे यह भली-भांति आभास हो गया कि अब और अधिक दिनों तक फरार रहना उसकी पारिवारिक संपत्ति के लिए भारी नुकसानदेह साबित हो सकता है। पुलिस अधीक्षक के कड़े रुख और स्थानीय खुफिया इकाई से मिले इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने फरार आरोपियों के पूरे पारिवारिक और आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह से जाम कर दिया था। इसके कारण आरोपियों को छिपने के लिए रसद, पैसे और सुरक्षित ठिकानों की उपलब्धता पूरी तरह समाप्त हो गई थी, जिसने उन्हें पूरी तरह से असहाय बना दिया।
7 दिनों तक लगातार उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों में ठिकाने बदलने के बाद आखिरकार मुख्य आरोपी अरमान की लोकेशन पुलिस को एक निश्चित गुप्त स्थान पर मिली। पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए रणनीतिक जाल बिछाया और घेराबंदी करते हुए उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की, तो उसने स्वीकार किया कि पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश और उसके घर पर कुर्की व बुलडोजर चलने के डर ने उसकी रातों की नींद उड़ा दी थी। वह लगातार इस बात से भयभीत था कि यदि वह जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया, तो उसका पूरा आशियाना मिट्टी में मिला दिया जाएगा, जिसके डर से वह खुद ही आत्मसमर्पण की राह तलाश रहा था।
मुख्य आरोपी अरमान की गिरफ्तारी को पुलिस प्रशासन एक बड़ी कामयाबी मान रहा है, लेकिन इस पूरे मामले में अभी भी पूरी तरह राहत की स्थिति नहीं है क्योंकि घटना में शामिल पांच अन्य सह-आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहे हैं। फरार चल रहे इन पांचों आरोपियों की पहचान भी पुलिस रिकॉर्ड में पूरी तरह स्थापित हो चुकी है और वे सभी इस जघन्य अपराध में मुख्य रूप से अरमान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस इन फरार अभियुक्तों के घरों पर भी उसी तरह की सख्त विधिक कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है ताकि उन्हें भी जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जा सके।
इस बीच, अस्पताल में भर्ती पीड़ित युवक की स्थिति पर भी डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है, क्योंकि चाकुओं के वार इतने गहरे और घातक थे कि कई महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर क्षति पहुंची थी। पीड़ित परिवार ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर संतोष व्यक्त किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह मांग भी दोहराई है कि जब तक सभी पांचों फरार आरोपी जेल की सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाते, तब तक उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहेगा। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस से मांग की है कि ऐसे पेशेवर अपराधियों के खिलाफ इतनी सख्त कानूनी नजीर पेश की जाए ताकि भविष्य में कोई भी सरेराह ऐसी हिंसक हिमाकत करने की सोच भी न सके।
What's Your Reaction?




