रेप का राज छिपाने के लिए झारखंड की युवती की हत्या; सूटकेस में शव डालकर गन्ने के खेत में फेंका, पति-पत्नी गिरफ्तार।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है जहां रेप के मामले को छिपाने के लिए एक युवती की हत्या कर दी गई
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है जहां रेप के मामले को छिपाने के लिए एक युवती की हत्या कर दी गई और उसके शव को सूटकेस में भरकर गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। यह घटना पिलखुवा थाना क्षेत्र की है जहां 1 दिसंबर 2025 को एनएच-9 हाईवे किनारे रामा अस्पताल के पास गन्ने के खेत में एक काले सूटकेस से महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया था। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम, फोरेंसिक विशेषज्ञ और उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश करते हुए एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित कुमार और उसकी पत्नी कलिस्ता उर्फ काली के रूप में हुई है। अंकित हापुड़ के सिंभावली क्षेत्र का रहने वाला है जबकि कलिस्ता झारखंड की मूल निवासी है।
मृतका की पहचान झारखंड के सिमडेगा जिले की रहने वाली 22 वर्षीय सोनिया के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सृष्टि इंटरप्राइजेज नाम से एक प्लेसमेंट एजेंसी चलाते थे। इस एजेंसी के जरिए वे झारखंड और अन्य क्षेत्रों के गरीब परिवारों की युवतियों को नौकरी का लालच देकर दिल्ली-एनसीआर में घरेलू सहायिका के रूप में भेजते थे। वे मालिकों से मोटी रकम वसूलते थे लेकिन युवतियों को बहुत कम या कभी-कभी कोई वेतन नहीं देते थे। इसी क्रम में सोनिया को भी झारखंड से बुलाया गया था। कुछ समय पहले सोनिया को दिल्ली के वसंत विहार या विवेक विहार क्षेत्र में एक घर में काम पर भेजा गया था। आरोपी अंकित ने सोनिया के प्रति आसक्ति विकसित कर ली थी। उसने सोनिया को वापस हापुड़ बुलाया और अपने किराए के मकान में कैद कर लिया। यहां अंकित ने सोनिया के साथ कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए और उसकी अश्लील वीडियो बना ली। इन वीडियो से सोनिया को ब्लैकमेल किया जाने लगा। जब सोनिया ने पुलिस में शिकायत करने और आरोपियों को जेल भिजवाने की धमकी दी तो दोनों आरोपी घबरा गए। 27 या 28 अगस्त 2025 की रात दोनों ने मिलकर लाठी, डंडे और लात-घूंसों से सोनिया की पिटाई की जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के समय घर में मौजूद दूसरी घरेलू सहायिका ने यह पूरी घटना देखी थी।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को घर में कुछ दिन रखा और बदबू रोकने के लिए स्प्रे का इस्तेमाल किया। फिर 29 अगस्त के आसपास शव को सूटकेस में भरकर ऑटो या थ्री-व्हीलर से लगभग 30 किलोमीटर दूर एनएच-9 के किनारे गन्ने के खेत में फेंक दिया। शव तीन महीने तक सूटकेस में पड़ा रहा जिससे वह पूरी तरह सड़-गलकर कंकाल में बदल गया। पुलिस को मामले का सुराग दिल्ली में एक गुमशुदगी रिपोर्ट से मिला। वहां काम करने वाली दूसरी सहायिका ने मालिक को हत्या की जानकारी दी जिसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचा गया। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी डूहरी कट या कुचेसर रोड क्षेत्र से की। उनके कब्जे से मृतका का मोबाइल फोन, दो अन्य मोबाइल, दो कैश मीमो बुक और हत्या में इस्तेमाल डंडा बरामद किया गया। आरोपी दंपति कुचेसर रोड चौपला कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। कलिस्ता की यह दूसरी शादी थी। पुलिस ने मामले में हत्या, रेप और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां चला रहे थे और कई युवतियों का शोषण किया जा चुका था।
यह घटना हापुड़ पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई का नतीजा है। थाना प्रभारी और स्वाट टीम ने लगातार प्रयास कर आरोपियों को पकड़ा। शव बरामदगी के समय सूटकेस से तेज बदबू आ रही थी और खेत में काम कर रहे किसान ने इसे देखा था। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया और डीएनए आदि से पहचान की पुष्टि की। आरोपियों ने पूछताछ में पूरा अपराध कबूल कर लिया। वे पहले कपड़े का व्यापार करते थे लेकिन बाद में इस प्लेसमेंट एजेंसी में आ गए। सोनिया के परिवार को घटना की जानकारी मिलने पर वे सदमे में हैं। पुलिस आगे की जांच जारी रखे हुए है और अन्य संभावित पीड़िताओं की तलाश कर रही है। इस वारदात ने दिल्ली-एनसीआर में घरेलू सहायिकाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। आरोपी युवतियों को झांसा देकर लाते थे और उनका शोषण करते थे। सोनिया का मामला जब सामने आया तो उन्होंने हत्या कर सबूत मिटाने की कोशिश की लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामला खुल गया। शव को सूटकेस में भरकर दूर फेंकने की योजना भी नाकाम रही। पुलिस ने सभी साक्ष्य जुटा लिए हैं जिनमें हथियार और मोबाइल शामिल हैं। यह मामला रेप छिपाने के लिए की गई हत्या का जघन्य उदाहरण है जहां दो लोगों ने मिलकर एक मासूम जिंदगी छीन ली। हापुड़ में एनएच-9 के किनारे इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई हैं जहां शवों को फेंका गया है लेकिन इस बार पुलिस ने तेजी से खुलासा किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है। सोनिया झारखंड के गरीब परिवार से थी और बेहतर जीवन की तलाश में आई थी लेकिन उसका अंत इतना दर्दनाक हुआ। पुलिस ने दूसरी सहायिका की गवाही भी दर्ज की जो हत्या की थी। इस घटना ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है।
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