रायगढ़ RPF पोस्ट में सनसनीखेज हत्या: ड्यूटी पर बहस के बाद साथी जवान ने सर्विस रिवॉल्वर से सिर पर दागी चार गोलियां, मौके पर मौत।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स की पोस्ट पर तैनात एक प्रधान आरक्षक की उसके ही साथी जवान ने गोली मारकर
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स की पोस्ट पर तैनात एक प्रधान आरक्षक की उसके ही साथी जवान ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना 3 दिसंबर 2025 को सुबह करीब चार बजे रायगढ़ रेलवे स्टेशन की आरपीएफ पोस्ट पर हुई, जहां दोनों जवान रात्रि ड्यूटी पर तैनात थे। मृतक प्रधान आरक्षक की पहचान पीके मिश्रा के रूप में हुई है, जबकि आरोपी जवान का नाम केएस लादेर बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई, जो जल्द ही हिंसक रूप ले लेती है। आरोपी ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से मृतक के सिर पर सटाकर एक के बाद एक चार गोलियां दाग दीं, जिससे पीके मिश्रा मौके पर ही गिरफ्तार हो गए। अन्य जवानों ने शोर सुनकर पोस्ट पर पहुंचकर आरोपी को नियंत्रित किया तथा उसे हिरासत में ले लिया। स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी तथा आरोपी को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर तैनात अन्य आरपीएफ कर्मियों में हड़कंप मच गया। ड्यूटी के दौरान हुई इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे बिलासपुर रेल मंडल में चिंता की लहर पैदा कर दी। मृतक पीके मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे तथा लंबे समय से छत्तीसगढ़ में तैनात थे। वे रायगढ़ आरपीएफ पोस्ट पर प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत थे तथा अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित माने जाते थे। आरोपी केएस लादेर भी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में ही तैनात थे तथा दोनों की जोड़ी अक्सर रात्रि शिफ्ट में एक साथ ड्यूटी करती थी। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि बहस किसी व्यक्तिगत मुद्दे पर शुरू हुई, जो तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने रिवॉल्वर से चार राउंड फायरिंग की, जिसमें तीन गोलियां सिर में तथा एक कनपटी पर लगीं। घटनास्थल पर खून के धब्बे तथा खाली कारतूस बरामद किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक टीम द्वारा सील कर लिया गया है।
रायगढ़ पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है तथा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ जारी है, जिसमें बहस का सटीक कारण तथा कोई पूर्व शत्रुता का पता लगाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, दोनों जवानों के बीच संविधान संबंधी किसी विषय पर बहस हुई थी, जो गर्मागर्म हो गई। आरोपी ने बताया कि विवाद के दौरान मृतक ने उन पर हाथ उठाने का प्रयास किया, जिसके बाद उन्होंने गोली चला दी। हालांकि, यह दावा जांच का विषय है। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना की आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं तथा पूरे मंडल में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने का निर्देश जारी किया गया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए रायगढ़ जिला अस्पताल भेज दिया गया, जहां चिकित्सकों ने पुष्टि की कि मौत गोली लगने से तत्काल हुई।
यह घटना छत्तीसगढ़ में रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को उजागर करती है। राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ आरपीएफ की जिम्मेदारियां बढ़ी हैं, जिसमें ट्रेनों की सुरक्षा, स्टेशन पर निगरानी तथा अपराध रोकथाम शामिल है। रायगढ़ स्टेशन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का महत्वपूर्ण जंक्शन है, जहां प्रतिदिन दर्जनों ट्रेनें गुजरती हैं। घटना के समय पोस्ट पर केवल दोनों जवान मौजूद थे, तथा बाहर तैनात अन्य कर्मियों ने गोली की आवाज सुनकर दौड़ लगाई। आरोपी को नियंत्रित करने में कोई प्रतिरोध नहीं हुआ, तथा उन्होंने हथियार तत्काल समर्पण कर दिया। पुलिस ने रिवॉल्वर को बरामद कर लिया है तथा बैलिस्टिक जांच के लिए भेज दिया गया है। मृतक के परिवार को सूचना दे दी गई है तथा रेलवे प्रशासन ने मुआवजे तथा अन्य लाभों की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी केएस लादेर की मेडिकल जांच कराई जा रही है ताकि कोई मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा सामने आ सके। प्रारंभिक रिपोर्ट में कोई ऐसा संकेत नहीं मिला है, लेकिन विस्तृत जांच जारी है। रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि घटना ड्यूटी के दौरान हुई है, इसलिए रेलवे पुलिस बल के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। बिलासपुर मंडल के महाप्रबंधक ने भी बयान जारी कर कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशिक्षण तथा काउंसलिंग कार्यक्रमों को मजबूत किया जाएगा। मृतक पीके मिश्रा के सहकर्मियों ने बताया कि वे अनुशासित तथा सहयोगी स्वभाव के थे तथा हाल ही में प्रमोशन प्राप्त किया था। आरोपी लादेर भी कई वर्षों से सेवा में थे तथा कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
घटना के बाद रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जहां अतिरिक्त आरपीएफ दलों को तैनात किया गया। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्टेशन निदेशक ने विशेष निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है तथा फॉरेंसिक टीम ने पोस्ट का विस्तृत निरीक्षण किया। सर्किट हाउस में आरोपी को रखा गया है तथा कलाम अंडर 24 घंटे निगरानी में है। मृतक के पार्थिव शरीर को शाम तक परिजनों के हवाले करने की प्रक्रिया चल रही है। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के नियमों के अनुसार, ऐसी घटनाओं में आंतरिक समिति गठित की जाती है जो कारणों की पड़ताल करती है। यह समिति एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी।
रायगढ़ जिले में रेलवे सुरक्षा बल की पोस्टें महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यह क्षेत्र औद्योगिक तथा खनिज संपदा वाला है। ट्रेनों में चोरी तथा अन्य अपराधों को रोकने के लिए आरपीएफ सक्रिय रहती है। इस घटना ने बल के आंतरिक समन्वय पर सवाल उठाए हैं, हालांकि अधिकारियों ने इसे अलग थलग घटना बताया है। आरोपी के मोबाइल फोन तथा अन्य सामान की जांच की जा रही है ताकि कोई बाहरी प्रभाव हो। मृतक के परिवार ने शव प्राप्ति के बाद बयान दिया कि वे न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी तथा सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन ने रायगढ़ कलेक्टर को अवगत कराया, जिन्होंने सहायता टीम भेजी। रेल मंत्रालय को भी रिपोर्ट प्रेषित की गई है। छत्तीसगढ़ में ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन ड्यूटी दबाव तथा व्यक्तिगत तनाव के कारण कभी-कभी विवाद उभर आते हैं। आरपीएफ ने सभी पोस्टों पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। मृतक पीके मिश्रा का अंतिम संस्कार कल रायगढ़ में ही किया जाएगा, जहां रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। आरोपी केएस लादेर की पूछताछ में बहस का वीडियो फुटेज या रिकॉर्डिंग की तलाश की जा रही है, हालांकि पोस्ट पर सीसीटीवी की व्यवस्था सीमित है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने गोली चलाने के बाद शांत भाव से सहकर्मियों को सूचना दी तथा खुद को समर्पण कर दिया। यह व्यवहार जांच का हिस्सा है। रायगढ़ थाना प्रभारी ने कहा कि घटनास्थल से कोई अन्य सबूत नहीं मिला, लेकिन आसपास के गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। रेलवे ट्रैक पर ड्यूटी के दौरान जवानों को हथियारों का उपयोग सावधानी से करने का प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन इस मामले में व्यक्तिगत विवाद ने इसे प्रभावित किया। मृतक के सहकर्मी ने बताया कि दोनों जवान अक्सर साथ ड्यूटी करते थे तथा कोई बड़ा विवाद नहीं दिखा। जांच में यह स्पष्ट होगा कि बहस का ट्रिगर क्या था।
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