Sitapur : चार दिनों से बिजली गुल होने पर रेउसा पावर हाउस पर उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, प्रदीप अवस्थी के नेतृत्व में घेराव और धरना शुरू
ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ उन्हें बिजली की एक बूंद नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ स्मार्ट मीटर के माध्यम से लगातार बिल और भुगतान के संदेश भेजे जा रहे हैं। आक्रोशित पीड़ित उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब बिजली मिल ही नहीं रही, तो बिल किस बात
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर जिले के रेउसा में भीषण गर्मी और उमस के बीच पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से नाराज सैकड़ों उपभोक्ताओं ने रेउसा स्थित विद्युत उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप अवस्थी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पावर हाउस का घेराव करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि सेवता, थानगांव, रेउसा, चंद्र सैनी, सुपौली और भीठौली सहित सैकड़ों ग्रामीण इलाके पिछले चार दिनों से पूरी तरह अंधेरे में डूबे हुए हैं। ट्रांसफार्मर में आई खराबी और भूमिगत केबल में तकनीकी फॉल्ट के कारण पूरी विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली गुल रहने से क्षेत्र में पीने के पानी का संकट भी गहरा गया है। इस तपती गर्मी में बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं, जबकि स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी पूरी तरह ठप हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ उन्हें बिजली की एक बूंद नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ स्मार्ट मीटर के माध्यम से लगातार बिल और भुगतान के संदेश भेजे जा रहे हैं। आक्रोशित पीड़ित उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब बिजली मिल ही नहीं रही, तो बिल किस बात का दिया जाए। प्रदर्शन शुरू होने के कई घंटे बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी या प्रशासन का कोई प्रतिनिधि मौके पर बातचीत के लिए नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। धरने का नेतृत्व कर रहे प्रदीप अवस्थी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं की गई और इस समस्या का पक्का समाधान नहीं निकाला गया, तो इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जाएगा। ग्रामीणों ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक वे मौके से नहीं हटेंगे।
What's Your Reaction?




