Saharanpur : चौधरी चरण सिंह की नीतियों से ही देश की तरक्की संभव, सहारनपुर में पुण्यतिथि पर संगोष्ठी का आयोजन
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा और पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि चौधरी चरण सिंह एक व्यक्ति नहीं बल्कि अपने आप में पूरी संस्था थे। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ बेहद ईमानदार राजनेता थे, जिनकी
सहारनपुर के जाट भवन में आर्य जाट समाज निर्माण समिति के जिला अध्यक्ष चौधरी बख्तावर सिंह की अध्यक्षता में पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर हवन-यज्ञ कर उनके चित्र पर फूल चढ़ाए गए और प्रसाद बांटा गया। इसके बाद जाट भवन के सामने टपरी रोड बाईपास पर आने-जाने वाले राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाया गया। बाद में पूर्व प्रधानमंत्री के विचारों और सिद्धांतों को याद करने के लिए एक विचार गोष्ठी का आयोजन भी हुआ।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा और पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि चौधरी चरण सिंह एक व्यक्ति नहीं बल्कि अपने आप में पूरी संस्था थे। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ बेहद ईमानदार राजनेता थे, जिनकी ईमानदारी की कोई दूसरी मिसाल नहीं मिलती। उन्होंने आगे कहा कि चौधरी चरण सिंह सिर्फ किसानों के ही नहीं, बल्कि मजदूरों, गरीबों और छोटे व्यापारियों के भी सच्चे हितैषी थे। उनके विचारों और आर्थिक नीतियों को अपनाकर ही देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। देश के बड़े नेताओं को उनकी नीतियों को गंभीरता से लागू करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चौधरी चरण सिंह छोटे राज्यों के पक्ष में थे, इसलिए उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर एक अलग पश्चिम प्रदेश बनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे चौधरी बख्तावर सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने राजनीति में हमेशा ईमानदारी, मूल्यों और सिद्धांतों को सबसे ऊपर रखा। उनके दिखाए रास्ते पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने एक ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए बताया कि साल 1967 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए चौधरी चरण सिंह ने गन्ना किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया था और गन्ने का दाम सीधे 12 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये प्रति कुंतल कर दिया था। यह 40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी थी, जो आज तक किसी अन्य मुख्यमंत्री ने नहीं की। वे एक बड़े अर्थशास्त्री थे और आज की युवा पीढ़ी को उनकी लिखी किताबों को जरूर पढ़ना चाहिए। इस गोष्ठी को पूर्व ब्लॉक प्रमुख चौधरी विजेंद्र सिंह, मास्टर रणवीर सिंह, पुष्पेंद्र चौधरी, सत्येंद्र सोलंकी, रूपेंद्र, चौधरी रामकुमार, मास्टर स्वतंत्र सिंह, सुभाष चौधरी, मास्टर कृपाल सिंह, चौधरी धीरज सिंह, चौधरी रामवीर सिंह, मास्टर गुरदीप सिंह और विकास आर्य ने भी संबोधित किया।
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