ओडिशा के केंद्रापड़ा में खूनी संघर्ष में बदला वर्षों पुराना जमीन विवाद: भतीजे ने भारी पत्थर से कुचलकर सगे चाचा को सुलाया मौत की नींद।

ओडिशा के तटीय जिले केंद्रापड़ा से रिश्तों को कलंकित करने वाली एक बेहद सनसनीखेज और रूह कँपा देने वाली आपराधिक वारदात सामने

May 26, 2026 - 16:19
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ओडिशा के केंद्रापड़ा में खूनी संघर्ष में बदला वर्षों पुराना जमीन विवाद: भतीजे ने भारी पत्थर से कुचलकर सगे चाचा को सुलाया मौत की नींद।
ओडिशा के केंद्रापड़ा में खूनी संघर्ष में बदला वर्षों पुराना जमीन विवाद: भतीजे ने भारी पत्थर से कुचलकर सगे चाचा को सुलाया मौत की नींद।
  • शांतासाही गांव में पारिवारिक रंजिश ने धारण किया खौफनाक रूप: हत्याकांड के बाद पूरे तटीय क्षेत्र में पसरा भारी तनाव
  • परिजनों की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज: पुलिस ने पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर शुरू की कड़ाई से पूछताछ

ओडिशा के तटीय जिले केंद्रापड़ा से रिश्तों को कलंकित करने वाली एक बेहद सनसनीखेज और रूह कँपा देने वाली आपराधिक वारदात सामने आई है। यहां पिछले लंबे समय से दो परिवारों के बीच सुलग रही जमीन के टुकड़े की विवादित आग आखिरकार एक वृद्ध व्यक्ति की निर्मम हत्या का कारण बन गई। एक पारिवारिक झगड़े के हिंसक रूप अख्तियार करने के दौरान सगे भतीजे ने अपने ही चाचा पर एक बेहद विशालकाय और भारी पत्थर से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे बुजुर्ग ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से ही शांतासाही गांव और उसके आसपास के पूरे ग्रामीण इलाके में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है और स्थानीय निवासियों के बीच भारी आक्रोश के साथ-साथ तनाव का माहौल भी देखा जा रहा है। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की भारी टुकड़ी तुरंत हरकत में आई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में गश्त बढ़ा दी।

इस खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात में जान गंवाने वाले अभागे वृद्ध की आधिकारिक पहचान केंद्रापड़ा के शांतासाही निवासी सुभाष बारिक के रूप में की गई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, सुभाष बारिक और उनके भाई के परिवार के बीच पैतृक कृषि भूमि और रिहायशी जमीन की सीमाओं को लेकर पिछले कई वर्षों से कानूनी और सामाजिक विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए पूर्व में कई बार स्थानीय स्तर पर पंचायते भी बुलाई गई थीं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति न बन पाने के कारण कड़वाहट लगातार बढ़ती चली गई। वारदात वाले दिन जमीन पर किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर तीखी नोकझोंक शुरू हुई, जो कुछ ही पलों में एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई और लाठी-डंडे चलने लगे।

विवाद के चरम पर पहुंचने के दौरान आरोपी भतीजे के सिर पर खून सवार हो गया और उसने मर्यादा व रिश्तों की सभी कड़ियों को ताक पर रख दिया। आरोपी ने जमीन पर पड़ा एक बड़ा और वजनी पत्थर उठाया और सीधे अपने चाचा सुभाष बारिक के सिर और छाती को निशाना बनाते हुए उस पर जोरदार प्रहार कर दिया। पत्थर के इस जानलेवा और अचूक वार के कारण सुभाष बारिक का सिर बुरी तरह फट गया और वे अत्यधिक खून बह जाने के कारण वहीं जमीन पर गिर पड़े। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी और उसके परिवार के अन्य सक्रिय सदस्य मौके से फरार होने में सफल रहे। पीड़ित परिवार के अन्य लोग जब तक बदहवास हालत में बुजुर्ग को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाने की व्यवस्था करते, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

इस बर्बर हत्याकांड के बाद मृतक सुभाष बारिक के अत्यधिक आक्रोशित और दुखी परिजनों ने स्थानीय पुलिस थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए एक आधिकारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों ने अपनी तहरीर में कुल आठ लोगों को इस पूरी हिंसक घटना और सुनियोजित हत्या की साजिश का मुख्य हिस्सेदार बताते हुए उनके नाम दर्ज कराए हैं। पुलिस ने इस तहरीर को बेहद गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या) और अन्य संबंधित संगीन व गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई खोजी टीमों का गठन किया है जो फरार चल रहे अन्य नामजद आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

केंद्रापड़ा जिला पुलिस की टीमों ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस मामले से जुड़े कुल पांच संदिग्ध लोगों को विभिन्न गुप्त ठिकानों से हिरासत में ले लिया है। पुलिस के वरिष्ठ विधिक और अपराध शाखा के अधिकारी इन हिरासत में लिए गए लोगों से एक गोपनीय स्थान पर कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को पूरी तरह से आपस में जोड़ा जा सके। पुलिस इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस पत्थरबाजी और हमले की योजना पहले से ही तैयार की गई थी या यह अचानक आवेश में आकर उठाया गया कदम था। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम ने भी शांतासाही गांव में वारदात वाली जगह का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया है और वहां से खून से सने पत्थर के टुकड़े तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं।

इस हिंसक वारदात के सामने आने के बाद से पूरे केंद्रापड़ा क्षेत्र में जमीन विवादों के निपटारे की धीमी प्रशासनिक गति को लेकर भी दबी जुबान में चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन समय रहते इस तरह के संवेदनशील भूमि विवादों का विधिक निपटारा कर दे, तो ग्रामीण इलाकों में इस तरह भाई-भाई के खून का प्यासा नहीं बनेगा। गांव में दो पक्षों के बीच किसी भी संभावित जवाबी हमले या कानून व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका को भांपते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार गांव का दौरा कर रहे हैं और शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद स्थापित कर रहे हैं।

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