प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण- 26 मई 2014 को संभाली थी देश के 'प्रधान सेवक' की कमान; सेवा, सुशासन और लोक-कल्याण को समर्पित रही गौरवशाली विकास यात्रा।
भारत के राजनीतिक इतिहास में आज 26 मई का दिन एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो रहा है। देश
- 26 मई 2014 को संभाली थी देश के 'प्रधान सेवक' की कमान: राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में देश भर से मिल रही हैं बधाइयां
- 'नेशन फर्स्ट' की भावना और आत्मनिर्भरता का संकल्प: नए भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आर्थिक प्रगति का मना उत्सव
भारत के राजनीतिक इतिहास में आज 26 मई का दिन एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के सर्वोच्च प्रशासनिक पद यानी प्रधानमंत्री के रूप में अपने गौरवशाली और नीतिगत निर्णयों से भरे 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। साल 2014 में आज ही के दिन यानी 26 मई को नरेंद्र मोदी ने पहली बार देश के प्रधानमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली थी और स्वयं को देश का 'प्रधान सेवक' घोषित कर राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया था। इस युगांतकारी और दीर्घकालिक यात्रा के पूरा होने के विशेष अवसर पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) समेत देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं, मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निरंतर बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं। पूरे देश में इस दिन को विकास, सुशासन और जन-भागीदारी के एक बड़े उत्सव के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ऐतिहासिक कार्यकाल की पूर्णता पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी गहरी भावनाएं व्यक्त करते हुए एक अत्यंत विशेष संदेश साझा किया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता बताते हुए कहा कि उनके रूप में देश को एक ऐसा सशक्त नेतृत्व मिला है जिसने सेवा, सुशासन और लोक-कल्याण के सिद्धांतों को शासन के केंद्र में स्थापित किया है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रधानमंत्री के विजन के कारण ही पिछले 12 वर्षों में देश का सामाजिक और आर्थिक ताना-बाना पूरी तरह से बदल चुका है। इस दीर्घकालिक अवधि में गरीब कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहा, जिसने देश के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी मुख्यधारा से जोड़ने का युगांतकारी काम किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश की शासन व्यवस्था ने 'अंत्योदय' की मूल भावना को धरातल पर उतारने में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। अंत्योदय का यह संकल्प अब केवल एक नारा बनकर नहीं रहा, बल्कि यह देश के करोड़ों वंचितों की आत्मनिर्भरता की वास्तविक शक्ति में परिवर्तित हो चुका है। सरकार की योजनाओं ने सीधे तौर पर जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि विकास की इन तमाम सरकारी योजनाओं को केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित रखने के बजाय जन-भागीदारी के माध्यम से एक व्यापक और राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन का रूप दे दिया गया, जिससे देश का प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण की इस महायात्रा में स्वयं को एक महत्वपूर्ण भागीदार महसूस करने लगा है।
मुख्यमंत्री के वक्तव्य में इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इसी दूरदर्शी दृष्टि ने एक ऐसे 'नए भारत' की मजबूत संरचना तैयार की है, जहां बहुआयामी विकास एक साथ कदमताल कर रहा है। आज का भारत एक ऐसा मंच बन चुका है जहां नारी सशक्तीकरण को केवल सामाजिक सुधार नहीं, बल्कि देश की प्रगति का मुख्य आधार बनाया गया है। इसके साथ ही देश में नवाचार, अत्याधुनिक तकनीकी अनुसंधान, तीव्र आर्थिक प्रगति और भारत की प्राचीन गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का पुनर्जागरण एक साथ समानांतर दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आधुनिकता और रूढ़िवादिता से परे हटकर अपनी विरासत पर गर्व करने का यह अनूठा संगम नए भारत की पहचान बन चुका है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मोर्चे पर भी प्रधानमंत्री के इन 12 वर्षों के कार्यकाल को देश के इतिहास में सबसे निर्णायक और साहसिक कालखंड के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में देश की सामरिक शक्ति की सराहना करते हुए कहा कि हमारी सेनाएं आज सीमाओं पर अत्यंत अडिग हैं और देश की संप्रभुता से खिलवाड़ करने वाले आतंकवाद के विरुद्ध सरकार की नीतियां अत्यंत कठोर और निर्णायक साबित हुई हैं। आज भारत वैश्विक मंचों पर किसी देश के दबाव में आए बिना, पूरी आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास से परिपूर्ण होकर अपनी बात रखता है। भारत की इस बढ़ती कूटनीतिक धमक ने देश को विश्व पटल पर एक सशक्त, सुदृढ़ और अत्यंत विश्वसनीय वैश्विक नेतृत्व के रूप में मजबूती से स्थापित कर दिया है।
इस दीर्घकालिक और युगांतकारी यात्रा के लिए देश भर के कोने-कोने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा सम्मान और अभिनंदन व्यक्त किया जा रहा है। नेताओं का मानना है कि 'नेशन फर्स्ट' यानी राष्ट्र प्रथम की अडिग भावना और आत्मनिर्भर भारत के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यह विकास यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का मुख्य स्रोत बनेगी। पिछले 12 वर्षों में वित्तीय समावेशन, बुनियादी ढांचे का रिकॉर्ड विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस और वैश्विक आपदाओं के समय देश का कुशल प्रबंधन कुछ ऐसे ऐतिहासिक कार्य रहे हैं, जिन्होंने भारत की वैश्विक छवि को पूरी तरह से बदल दिया है। आम जनता के बीच भी इस दिन को लेकर एक अलग उत्साह देखा जा रहा है।
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