Lakhimpur- Kheri : पशुओं को भीषण गर्मी से बचाने के लिए अनूठी पहल, गौशालाओं में लगाए गए पानी की फुहार वाले फागर सिस्टम

इस मानवीय पहल को लेकर खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार तिवारी ने बताया कि मूक पशुओं की देखभाल करना और इस कठिन मौसम में उनका जीवन सुरक्षित रखना हमारी मुख्य जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी गौशालाओं के प्रभारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं

May 27, 2026 - 21:44
27 Views
Lakhimpur- Kheri : पशुओं को भीषण गर्मी से बचाने के लिए अनूठी पहल, गौशालाओं में लगाए गए पानी की फुहार वाले फागर सिस्टम
Lakhimpur- Kheri : पशुओं को भीषण गर्मी से बचाने के लिए अनूठी पहल, गौशालाओं में लगाए गए पानी की फुहार वाले फागर सिस्टम

लखीमपुर खीरी जिले के धौरहरा क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तापमान और झुलसाने वाली लू को देखते हुए बेसहारा पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने एक बेहतरीन कदम उठाया है। खंड विकास अधिकारी ने इस चिलचिलाती गर्मी में गौशालाओं में रह रहे मवेशियों को आराम देने के उद्देश्य से आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं, जिससे उन्हें तेज धूप से राहत मिल सके।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक धौरहरा के खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार तिवारी ने एक नई शुरुआत करते हुए क्षेत्र की अस्थाई गौशालाओं में बंद पशुओं को लू के प्रकोप से बचाने का इंतजाम किया है। इसके तहत नरुपुर और बसन्तापुर सहित विकास खंड की तमाम मुख्य गौशालाओं में विशेष फागर सिस्टम (पानी की फुहार छोड़ने वाले फव्वारे) लगवाए गए हैं। यह तकनीक आसमान से बरसती आग और गर्म हवाओं के कारण पशुओं को होने वाली गंभीर दिक्कतों को ध्यान में रखकर अपनाई गई है। टीन शेड के नीचे लगाए गए इन फागर से निकलने वाली बारीक फुहारों की मदद से गौशाला परिसर का तापमान काफी कम और आरामदायक बना रहेगा।

इस मानवीय पहल को लेकर खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार तिवारी ने बताया कि मूक पशुओं की देखभाल करना और इस कठिन मौसम में उनका जीवन सुरक्षित रखना हमारी मुख्य जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी गौशालाओं के प्रभारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि इन फव्वारों को नियमित अंतराल पर चलाया जाए। इसके साथ ही पशुओं के चारे, छाया और पीने के साफ पानी की व्यवस्था में कोई कमी न रखी जाए। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के इस संवेदनशील और अनोखे प्रयास की खूब तारीफ की है। इस नई व्यवस्था से इन केंद्रों में रह रहे सैकड़ों लावारिस मवेशियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Also Click : Gonda : गोंडा के युवा वैज्ञानिक ने वैश्विक मंच पर बनाई पहचान, दुनिया के शीर्ष पांच प्रतिशत वैज्ञानिकों में हुए शामिल

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow