गोसेवा के दावों पर सवाल: चारे-पानी के अभाव में गोशालाओं में तड़प रहे गोवंश, हीटस्ट्रोक से मौतों का आरोप। 

नौतपा की भीषण गर्मी में बीकेटी विकासखंड के नगुवामऊ गांव सहित क्षेत्र में संचालित स्थाई और अस्थाई गोशालाओं

May 30, 2026 - 19:18
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गोसेवा के दावों पर सवाल: चारे-पानी के अभाव में गोशालाओं में तड़प रहे गोवंश, हीटस्ट्रोक से मौतों का आरोप। 
गोसेवा के दावों पर सवाल: चारे-पानी के अभाव में गोशालाओं में तड़प रहे गोवंश, हीटस्ट्रोक से मौतों का आरोप। 

बीकेटी लखनऊ: नौतपा की भीषण गर्मी में बीकेटी विकासखंड के नगुवामऊ गांव सहित क्षेत्र में संचालित स्थाई और अस्थाई गोशालाओं में गोवंश बेहाल हैं।चारे-पानी की कमी और दमघोंटू हालात के कारण कई जगह मौतों के मामले सामने आ रहे हैं।लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और प्रशासन पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मौजूदा समय में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटस्ट्रोक से गायों की दर्दनाक मौत हो रही है। वहीं अधिकांश गोशालाओं में हरे चारे के साथ साथ भूसे की भी भारी कमी है। गुरुवार को नगुवामऊ गांव की गोशाला का स्वदेश की टीम ने ग्रामीणों की शिकायत पर बीकेटी क्षेत्र की कई गोशालाओं में जाकर पड़ताल की तो मौके पर गोशालाओं का हाल बद से बदतर दिखा। नगुवामऊ गांव की गोशाला में गंदगी का अंबार मिला।गोवंशो को खाने के लिए हरा चारा तो छोड़िए सूखा भूसा भी नसीब नहीं है। जबकि सरकार गोशालाओं में संरक्षित गायों और गोवंशो के भरण पोषण के लिए प्रतिदिन 50 रुपए के हिसाब से खर्च भी कर रही है। फिर भी नगुवामऊ गांव में संचालित स्थाई गोशाला में सरकारी धन उपलब्ध होने के बाद भी गोवंश भूख प्यास से आए दिन दम तोड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गोशाला में बीमार गोवंश भूख प्यास से तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते गोशालाओं की गंभीर स्थिति होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं,जिससे स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (लू) के बीच टीन शेड के नीचे रहने से बेजुबान गोवंश बिना चारे पानी के हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकते हैं।

गर्म पानी पीकर गोवंश हो रहे बीमार

बीकेटी ब्लाक की नगुवामऊ सहित क्षेत्र की कई गोशालाओं की पड़ताल में सामने आया कि गोशालाओं में गोवंशों के पानी पीने के लिए खुले आसमान के नीचे हौद में पानी भरा जाता है। जो दोपहर में छूते ही हाथ झुलसने जैसा अहसास हुआ।यही पानी गोवंश पीने को मजबूर हैं। भगौतीपुर, कठवारा सहित अन्य ग्राम पंचायतों में भीषण गर्मी में हालात बद से बदतर हैं। गर्मी लू से बचाव के कोई इंतजाम न होने से गोवंश तेज धूप में खड़े-खड़े हांफ रहे हैं। यही नहीं इस भीषण गर्मी में जिम्मेदार खाने में सिर्फ सूखा भूसा खिला रहे हैं। जो गोवंश बीमार हो गया उसे ठीक होना मुश्किल हो गया है। पशु चिकित्सक कहते हैं कि इस मौसम में ठंडा पानी और छाया जरूरी है,लेकिन यहां तो बुनियादी इंतजाम तक नहीं जिम्मेदारों ने गोवंशों को गर्मी में मरने के लिए छोड़ दिया है।

डीएम के निर्देश का भी जिम्मेदार नहीं कर रहे पालन 

जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर के निर्देश का भी जिम्मेदार पालन करना उचित नहीं समझ रहे हैं। जबकि जिलाधिकारी इस बाबत गाइड लाइन जारी कर चुके हैं। उन्होंने जिले भर में संचालित गोशालाओं में पानी और छांव के पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश सभी को दिए थे। इसकी लगातार मॉनीटरिंग के भी निर्देश जारी किए थे भी। फिर भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे,तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की है।

इनका कहना है 
मैने मौके पर जाकर गोशाला का स्थलीय निरीक्षण किया है। मौके पर भूसा नहीं था। जिसके लिए पत्र लिखा है।
डा. अजय यादव 
मुख्य चिकित्सा अधिकारी 
बीकेटी लखनऊ

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