Sambhal: ईरान में जंग के बीच सिरसी के छात्रों की सलामती की खबर, परिवारों की सरकार से सुरक्षित वापसी की अपील।
सम्भल जनपद के कस्बा सिरसी से बड़ी संख्या में छात्र इस समय ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं। ईरान में जारी जंग के हालात के बीच यहां के परिवारों
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल जनपद के कस्बा सिरसी से बड़ी संख्या में छात्र इस समय ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं। ईरान में जारी जंग के हालात के बीच यहां के परिवारों की चिंता बढ़ी हुई है, हालांकि अब तक मिली जानकारी के मुताबिक अधिकतर छात्र सुरक्षित हैं और समय-समय पर संपर्क में बने हुए हैं।
सिरसी निवासी मोहम्मद अब्बास जैदी ने बताया कि कस्बे की तकरीबन तीन से चार फैमिलीज किसी न किसी रूप में ईरान से जुड़ी हुई हैं। वहां इंजीनियरिंग, डॉक्टरी और इस्लामिक स्टडीज की पढ़ाई करने वाले छात्र मौजूद हैं। इस्लामिक स्टडीज के अधिकतर छात्र कुम में हैं, जबकि कुछ छात्र तेहरान, इस्फ़हान और मशहद में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इंटरनेट की रफ्तार धीमी है, लेकिन मैसेज के जरिए खैरियत मिलती रहती है और जिनसे बात हुई है, वे फिलहाल सुरक्षित हैं। वहीं सिरसी के ही मिस्बाह ने बताया कि उनके परिवार के तीन सदस्य इस समय ईरान में हैं—दो बेटियां एमबीबीएस कर रही हैं और एक बेटा सोशल तालीम हासिल कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में बातचीत हुई है और हालात सामान्य बताए गए हैं।
उनके मुताबिक सिरसी से करीब 50-60 छात्र इस वक्त ईरान में पढ़ाई के सिलसिले में मौजूद हैं। उन्होंने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार को इंसाफ का साथ देना चाहिए और हालात पर गंभीर रुख अपनाना चाहिए। रिटायर्ड शिक्षक खुर्शीद अनवर ने बताया कि उनके बेटे मोहम्मद फ़राज़ ज़ैदी को ईरान गए लगभग साढ़े चार साल हो चुके हैं। वे शिया मौलवी की धार्मिक पढ़ाई कर रहे हैं और उनका साढ़े पांच साल का कोर्स अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि इस समय इंटरनेट पूरी तरह बंद है, लेकिन कभी-कभी फोन पर बात हो जाती है। सुबह 5 बजे बेटे का फोन आया था। वे कुम में हैं और वहां के हालात फिलहाल नियंत्रित हैं, हालांकि जंग की वजह से माहौल में ग़म और बेचैनी है। खुर्शीद अनवर ने भारत सरकार से अपील की कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था की जाए। उनके अनुसार सिरसी से लगभग 10-12 लोग इस समय ईरान में हैं, जिनमें कुछ परिवार लंबे समय से वहीं रह रहे हैं और कुछ छात्र पिछले दो से चार वर्षों में पढ़ाई के लिए गए हैं। ईरान में जारी तनाव के बीच सिरसी के परिवार लगातार अपने बच्चों की सलामती की दुआ कर रहे हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल राहत की बात यह है कि जिन छात्रों से संपर्क हुआ है, वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन जंग के हालात को देखते हुए परिजनों की चिंता स्वाभाविक है।
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