Saharanpur : सहारनपुर में फर्जी रोयल्टी और आईएसटीपी चोरी का आरोप, विभागों में मिलीभगत का दावा
इन लोगों के साथ बिजनौर से शहजाद, नाजिम और फैसल भी शामिल बताए जाते हैं। कंपनी की आईएसटीपी रमनदीप सिंह (निवासी प्रोफेसर कॉलोनी, यमुनानगर, हरियाणा) बनाते हैं, लेकि
सहारनपुर : ऑल ग्रेस डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के झबीरण बड़गांव कंस्ट्रक्शन प्लांट की यूपी माइनिंग साइट से आईएसटीपी चोरी करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि मुजम्मिल और नईम (निवासी निवाड़ा, जिला बागपत) ने साइट हैक करके कंपनी की आईएसटीपी चुराई और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा मंडी समिति जैसे विभागों में ठेकेदारों की फाइलों में सस्ते दामों पर चढ़ा दी।
इन लोगों के साथ बिजनौर से शहजाद, नाजिम और फैसल भी शामिल बताए जाते हैं। कंपनी की आईएसटीपी रमनदीप सिंह (निवासी प्रोफेसर कॉलोनी, यमुनानगर, हरियाणा) बनाते हैं, लेकिन इन आरोपियों ने उसकी आईडी हैक कर ली और करीब 12 हजार घन मीटर रोयल्टी व आईएसटीपी डाउनलोड करके एडिट कर विभागों में इस्तेमाल किया। एक विभागीय कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ये लोग कई विभागों के रोयल्टी चढ़ाने वाले कर्मचारियों से सांठगांठ करके यूपी माइनिंग साइट हैक कर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन टीपी चोरी कर ठेकेदारों को बेच रहे हैं। इससे लगता है कि विभाग के उच्च अधिकारी या तो मिले हुए हैं या आंखें मूंदे बैठे हैं, क्योंकि बार-बार ऐसी खबरें आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
यह खेल सिर्फ सहारनपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि रामपुर, बिजनौर और बागपत जैसे जिलों में भी इनका नेटवर्क चल रहा है। सहारनपुर से साबिर चौधरी और एक अन्य साबिर नाम के व्यक्ति मारुति स्विफ्ट कार में घूमकर महोबा, मुरादाबाद और रामपुर की फर्जी रोयल्टी लाकर ठेकेदारों को बेच रहे हैं। वहीं खनन माफिया मोनू राणा (निवासी खजूर वाला गांव, सहारनपुर) हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की आईएसटीपी रामपुर के स्टोन क्रेशरों पर चढ़वाकर रामपुर की नदियों से अवैध खनन करवा रहा है और दूसरे राज्यों की रोयल्टी की आड़ में नदियों को नुकसान पहुंचा रहा है।
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