सम्भल में ग्राम समाज की ज़मीन पर मस्जिद-दरगाह निर्माण का मामला, तहसीलदार कोर्ट ने दिया बेदखली का आदेश; करीब 7 करोड़ का जुर्माना।
सम्भल कोतवाली क्षेत्र के गांव सैफ खां सराय में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में तहसीलदार कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल कोतवाली क्षेत्र के गांव सैफ खां सराय में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में तहसीलदार कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। तहसीलदार सम्भल की अदालत ने मस्जिद, दरगाह और मकान बनाकर कब्जा करने के आरोप में दो व्यक्तियों के खिलाफ बेदखली का आदेश देते हुए करीब 6 करोड़ 94 लाख 79 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जानकारी के अनुसार, सम्भल चंदौसी मार्ग स्थित गांव सैफ खां सराय में गाटा संख्या 452 (करीब 0.134 हेक्टेयर) भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज की संपत्ति के रूप में दर्ज है। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान इस भूमि को पेड़ लगाने के स्थान के लिए आरक्षित किया गया था। वर्ष 1972 में तहसीलदार सम्भल ने इस गाटा से सभी पट्टेदारों के नाम निरस्त कर इसे पुनः ग्राम समाज की संपत्ति घोषित कर दिया था। राजस्व विभाग के अनुसार, इस जमीन पर आफताब हुसैन और मेहताब हुसैन द्वारा कब्जा कर आवास, मस्जिद और दरगाह जैसी धार्मिक संरचनाएं बना ली गईं। करीब छह-सात महीने पहले हल्का लेखपाल ने धारा 67 के अंतर्गत अवैध कब्जे की रिपोर्ट तहसीलदार कोर्ट में प्रस्तुत की थी। मामले की सुनवाई के बाद तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने शनिवार को आदेश पारित करते हुए दोनों आरोपितों को जमीन से बेदखल करने के साथ 6,94,79,000 रुपये हर्जाना और 1,250 रुपये निष्पादन शुल्क जमा कराने का निर्देश दिया है। राजस्व अधिकारियों को जुर्माने की वसूली और मौके पर बेदखली की कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह जमीन आज भी ग्राम समाज की संपत्ति है और इस पर अवैध कब्जा किया गया है। मामले में सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय द्वारा बेदखली का आदेश पारित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संबंधित पक्ष एक महीने के भीतर उच्च स्तर पर अपील नहीं करता है तो प्रशासन द्वारा जल्द ही डिमोलिशन और कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अपील की स्थिति में आगे की कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार की जाएगी। उधर, बताया जा रहा है कि संबंधित पक्ष द्वारा पहले ही इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिस पर सुनवाई लंबित है। मामले को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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