Saharanpur : जानलेवा हमले के मामले में दो दोषियों को दस-दस साल की जेल, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्माना
यह पूरा मामला वर्ष 2014 का है, जब नकुड़ थाना क्षेत्र के रहने वाले सुखपाल (पीड़ित) ने पुलिस में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी शीशपाल और बिन्दर ने उनके बेटे चन्दन पर जान से मारने के इरादे से बंदूक से अंधाधुंध फायरिंग की
सहारनपुर में हत्या के प्रयास के एक पुराने और चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-01) ने मामले की सुनवाई करते हुए दो आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें दस-दस वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों दोषियों पर पचास-पचास हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना (अर्थदंड) भी लगाया है।
यह पूरा मामला वर्ष 2014 का है, जब नकुड़ थाना क्षेत्र के रहने वाले सुखपाल (पीड़ित) ने पुलिस में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी शीशपाल और बिन्दर ने उनके बेटे चन्दन पर जान से मारने के इरादे से बंदूक से अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस जानलेवा हमले को लेकर नकुड़ थाने में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत इस मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष द्वारा कोर्ट में बेहद प्रभावी पैरवी की गई। गवाहों और सबूतों की नियमित मॉनिटरिंग के नतीजे के रूप में अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों को जानलेवा हमले का दोषी माना और यह कड़ा फैसला सुनाया। अदालत में इस मामले की मजबूत पैरवी शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह द्वारा की गई।
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