लोन रिकवरी में बदतमीजी पर रोक: RBI के नए नियमों से एजेंट्स पर लगेगी लगाम, उधारकर्ताओं को राहत।
RBI ने लोन रिकवरी एजेंट्स के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनका उद्देश्य उधारकर्ताओं को उत्पीड़न से बचाना और वसूली प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना
- RBI की नई गाइडलाइंस: रिकवरी एजेंट्स के लिए सख्त समय सीमा और आचरण नियम लागू
- उधार वसूली में नैतिकता जोर: RBI ने जारी किए तीन मुख्य नियम, विजिट पर सहमति अनिवार्य
RBI ने लोन रिकवरी एजेंट्स के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनका उद्देश्य उधारकर्ताओं को उत्पीड़न से बचाना और वसूली प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना है। ये गाइडलाइंस सभी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर लागू होती हैं। गाइडलाइंस में रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति, उनके आचरण और संपर्क के तरीकों पर सख्त प्रावधान हैं। RBI ने उधारकर्ताओं की शिकायतों में वृद्धि को देखते हुए इन नियमों को अपडेट किया है। गाइडलाइंस में स्पष्ट किया गया है कि रिकवरी एजेंट्स को केवल अधिकृत और प्रशिक्षित व्यक्तियों को ही नियुक्त किया जा सकता है। एजेंट्स को उधारकर्ताओं से संपर्क करने के लिए निर्धारित समय सीमा का पालन करना होगा। कोई भी एजेंट उधारकर्ता के घर या कार्यस्थल पर बिना पूर्व सहमति के नहीं जा सकता। एजेंट्स को धमकी, अपशब्द या सार्वजनिक अपमान जैसे तरीकों का उपयोग करने से मना किया गया है। RBI ने यह भी निर्देश दिया है कि लेंडर्स एजेंट्स के कार्यों के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। यदि कोई उल्लंघन होता है, तो उधारकर्ता शिकायत दर्ज करा सकता है। ये नियम 2026 से प्रभावी हैं और पहले के दिशानिर्देशों को मजबूत बनाते हैं। गाइडलाइंस में डिजिटल माध्यमों से वसूली पर भी समान नियम लागू किए गए हैं।
RBI की गाइडलाइंस की शुरुआत 2008 में हुई थी, जब उधारकर्ताओं से उत्पीड़न की शिकायतें बढ़ी थीं। तब से इनमें कई अपडेट्स आए हैं, जैसे 2022 का नोटिफिकेशन जो एजेंट्स के लिए कोड ऑफ कंडक्ट निर्धारित करता है। 2026 के अपडेट में उधारकर्ताओं की गरिमा, गोपनीयता और निष्पक्षता पर जोर दिया गया है। गाइडलाइंस में कहा गया है कि बैंकों को रिकवरी एजेंट्स की सूची अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करनी होगी। एजेंट्स को उधारकर्ता से संपर्क करने से पहले लिखित सूचना देनी होगी। यदि उधारकर्ता डिफॉल्ट करता है, तो एजेंट्स को पहले डिफॉल्ट की नोटिस जारी करनी होगी। गाइडलाइंस में एजेंट्स को प्रशिक्षण देना अनिवार्य है, जिसमें उधारकर्ताओं के अधिकारों और गोपनीयता नियमों पर फोकस है। एजेंट्स को पहचान पत्र और अधिकृत पत्र साथ रखना होगा। कोई भी एजेंट उधारकर्ता की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले कार्य नहीं कर सकता।
- गाइडलाइंस का ऐतिहासिक संदर्भ
RBI ने 24 अप्रैल 2008 को रिकवरी एजेंट्स पर पहली व्यापक गाइडलाइंस जारी की थीं। ये गाइडलाइंस उधारकर्ताओं से जबरदस्ती वसूली की शिकायतों के जवाब में आईं। उसके बाद कई नोटिफिकेशंस जारी हुए, जिनमें नियमों को और विस्तृत किया गया। 12 अगस्त 2022 का नोटिफिकेशन एजेंट्स के लिए कोड ऑफ कंडक्ट पर केंद्रित है। हाल के वर्षों में अनसिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो में तनाव बढ़ने से एजेंट्स की संख्या बढ़ी है, जिससे आक्रामक तरीकों की संभावना बढ़ी है। 2026 के अपडेट इन चुनौतियों को संबोधित करते हैं।
RBI की गाइडलाइंस में तीन मुख्य नए नियमों पर विशेष जोर है। पहला नियम रिकवरी एजेंट्स की अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग से संबंधित है। एजेंट्स को RBI द्वारा अधिकृत बॉडी से प्रमाणित और प्रशिक्षित होना चाहिए। बैंकों और एनबीएफसी को केवल रजिस्टर्ड प्रोफेशनल्स को ही नियुक्त करने की अनुमति है। यह नियम नैतिक वसूली की ओर बदलाव लाता है और उधारकर्ताओं को अनधिकृत व्यक्तियों से बचाता है। दूसरा नियम संपर्क समय पर है। एजेंट्स उधारकर्ताओं से केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इस समय सीमा के बाहर कॉल, मैसेज या विजिट प्रतिबंधित हैं और इसे उत्पीड़न माना जाएगा। तीसरा नियम विजिट पर सहमति से जुड़ा है। एजेंट्स उधारकर्ता के घर या कार्यस्थल पर बिना पूर्व सहमति के नहीं जा सकते। यह गोपनीयता की रक्षा करता है और सार्वजनिक शर्मिंदगी को रोकता है। ये नियम उधारकर्ताओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए हैं।
गाइडलाइंस में एजेंट्स के आचरण पर सख्त प्रावधान हैं। एजेंट्स को धमकी, अपशब्द या असंवेदनशीलता दिखाने से मना किया गया है, विशेष रूप से दुख या बीमारी के समय। एजेंट्स को उधारकर्ता की गोपनीयता का सम्मान करना होगा और लोन डिटेल्स को अनधिकृत व्यक्तियों से साझा नहीं करना होगा। परिवार के सदस्यों या सहकर्मियों से संपर्क करने के लिए उधारकर्ता की स्पष्ट सहमति आवश्यक है। एजेंट्स को सोशल मीडिया या मोबाइल पर अनुचित मैसेज भेजने से रोका गया है। गाइडलाइंस में डिजिटल रिकवरी पर भी समान नियम लागू हैं, जैसे एसएमएस, व्हाट्सएप या ऐप नोटिफिकेशन। डिजिटल माध्यम से धमकी या उत्पीड़न को गंभीरता से लिया जाएगा। लेंडर्स को एजेंट्स के कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। यदि कोई उल्लंघन होता है, तो लेंडर्स पर दंड लग सकता है।
- संपर्क समय और विजिट नियमों का विवरण
संपर्क समय सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक सीमित है। सोमवार से शनिवार तक संपर्क अनुमत है, लेकिन रविवार और छुट्टियों पर नहीं। एजेंट्स को असामान्य समय पर संपर्क करने से मना किया गया है। घर या कार्यस्थल पर विजिट के लिए लिखित सूचना और सहमति जरूरी है। विजिट गोपनीय और सम्मानजनक होनी चाहिए। कोई सार्वजनिक शर्मिंदगी नहीं की जा सकती।
RBI की गाइडलाइंस में उधारकर्ताओं के अधिकारों पर जोर है। उधारकर्ताओं को उत्पीड़न से सुरक्षा, गोपनीयता और सामाजिक गरिमा का अधिकार है। एजेंट्स को पहचान और लोन का लिखित प्रमाण दिखाना होगा। यदि उधारकर्ता डिफॉल्ट करता है, तो उसे पुनर्भुगतान विकल्पों की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। गाइडलाइंस में शिकायत निवारण प्रक्रिया शामिल है। लोन स्वीकृति के समय बैंकों को एक समर्पित अधिकारी के संपर्क विवरण प्रदान करने होंगे। शिकायतों का त्वरित निपटारा अनिवार्य है। यदि लेंडर शिकायत का समाधान नहीं करता, तो उधारकर्ता बैंकिंग ओम्बड्समैन या RBI के कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम से संपर्क कर सकता है। उधारकर्ता इंटरैक्शन को डॉक्यूमेंट कर सकते हैं, जैसे ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग। यदि धमकी मिलती है, तो पुलिस में शिकायत दर्ज की जा सकती है। गाइडलाइंस में उधारकर्ताओं को लोन रिस्ट्रक्चरिंग या सेटलमेंट के लिए लेंडर्स से संवाद करने की सलाह दी गई है।
RBI ने गाइडलाइंस में एजेंट्स की ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया है। ट्रेनिंग में RBI गाइडलाइंस, उधारकर्ता अधिकारों और गोपनीयता नियमों पर फोकस होता है। बैंकों को एजेंट्स को सावधानी से चुनना और ट्रेनिंग सुनिश्चित करनी होगी। एजेंट्स को झूठे या भ्रामक प्रतिनिधित्व करने से मना किया गया है। गाइडलाइंस में कहा गया है कि एजेंट्स को उधारकर्ता की स्थिति को समझते हुए कार्य करना चाहिए। यदि उधारकर्ता की वित्तीय स्थिति खराब है, तो सेटलमेंट विकल्प पेश किए जा सकते हैं, जैसे वन-टाइम सेटलमेंट या टर्म सेटलमेंट। ये विकल्प क्रेडिट स्कोर को प्रभावित किए बिना संभव हैं यदि ठीक से हैंडल किए जाएं। गाइडलाइंस उधारकर्ताओं को केवल RBI रजिस्टर्ड संस्थाओं से लोन लेने की सलाह देती हैं, ताकि शिकायत तंत्र उपलब्ध हो।
- ट्रेनिंग और आचरण प्रावधान
एजेंट्स की ट्रेनिंग अनिवार्य है, जिसमें गाइडलाइंस और अधिकारों पर शिक्षा शामिल है। आचरण में सभ्यता, शिष्टाचार और गोपनीयता का पालन जरूरी है। कोई धमकी, अपशब्द या शारीरिक उत्पीड़न नहीं। सोशल मीडिया पर अनुचित मैसेज प्रतिबंधित। डिजिटल वसूली पर समान नियम।
गाइडलाइंस में लेंडर्स की जिम्मेदारी पर जोर है। लेंडर्स को एजेंट्स के कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाता है। यदि एजेंट उल्लंघन करता है, तो उधारकर्ता लेंडर को शिकायत कर सकता है। लेंडर्स को शिकायतों का समयबद्ध समाधान करना होगा। गाइडलाइंस में उधारकर्ताओं को स्पष्ट जानकारी प्रदान करने का प्रावधान है, जैसे लोन डिटेल्स और सेटलमेंट ऑप्शंस। RBI ने गाइडलाइंस को उधारकर्ताओं की बढ़ती शिकायतों के आधार पर मजबूत किया है। ये नियम वसूली को कुशल और सहानुभूतिपूर्ण बनाते हैं। उधारकर्ताओं को लोन डिफॉल्ट की स्थिति में लेंडर्स से संवाद करने की सलाह दी गई है, ताकि एजेंट्स की जरूरत कम पड़े। गाइडलाइंस में महिलाओं के लिए विशेष नियम हैं, जैसे केवल महिला एजेंट्स का उपयोग।
- शिकायत निवारण प्रक्रिया
शिकायत के लिए लेंडर के ग्रिवांस रिड्रेसल ऑफिसर से संपर्क करें। यदि समाधान नहीं, तो बैंकिंग ओम्बड्समैन या RBI के सिस्टम का उपयोग। इंटरैक्शन डॉक्यूमेंट करें। पुलिस में शिकायत यदि धमकी हो। RBI की गाइडलाइंस उधारकर्ताओं को सशक्त बनाती हैं। नियमों का पालन न करने पर लेंडर्स पर जुर्माना लग सकता है। गाइडलाइंस में संपर्क घंटों का सख्ती से पालन अनिवार्य है। एजेंट्स को उधारकर्ता की सहमति के बिना परिवार या पड़ोसियों से संपर्क नहीं करना चाहिए। गाइडलाइंस वसूली को कानूनी और नैतिक रखती हैं। उधारकर्ताओं को लोन लेते समय इन अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। ये नियम हाल के वर्षों में अपडेट किए गए हैं, जिसमें सोशल ह्यूमिलिएशन और प्राइवेसी इंट्रूजन पर रोक शामिल है। गाइडलाइंस का उद्देश्य उधारकर्ताओं को अनुचित दबाव से बचाना है।
Also Read- सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की जिंतान में गोली मारकर हत्या, हमलावरों ने घर पर धावा बोला।
What's Your Reaction?











