Sambhal: मदरसों पर बयानबाज़ी से देश को बांटने की कोशिश न हो: एआईएमआईएम नेता सय्यद असलम।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सचिव सय्यद असलम ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे
उवैस दानिश, सम्भल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सचिव सय्यद असलम ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे द्वारा मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देश को बांटने और समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं।
सय्यद असलम ने कहा कि मदरसों पर लांछन लगाना और उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जैसे अन्य मामलों में विवादित बयान देने वालों पर कार्रवाई की गई है, वैसे ही इस मामले में भी सख्त कदम उठाए जाएं। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। अगर कोई समाज में तनाव फैलाने की कोशिश करता है तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मदरसों के ऐतिहासिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में मदरसों और उलेमा की अहम भूमिका रही है। असलम ने उदाहरण देते हुए कहा कि मौलाना फ़ज़्ल-ए-हक़ खैराबादी, मौलाना हुसैन अहमद मदनी और मौलाना महमूद उल हसन जैसे अनेक आलिमों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और कठोर सजाएं झेलीं। उन्होंने दावा किया कि कई उलेमा ने फांसी और काले पानी जैसी सजाएं काटीं, लेकिन देश की आजादी के लिए पीछे नहीं हटे। सय्यद असलम ने कहा कि मदरसों में केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी और अन्य विषयों की भी पढ़ाई कराई जाती है। मदरसे भाईचारे, देशप्रेम और तरक्की का पाठ पढ़ाते हैं। यहां के छात्र प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। अंत में उन्होंने अपील की कि किसी भी संस्था या समुदाय को निशाना बनाकर राजनीति न की जाए और देश में आपसी सौहार्द बनाए रखा है।
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