Sambhal : नमाज़ पर रोक के मामले में हाईकोर्ट के फैसले का सपा सांसद बर्क ने किया स्वागत, बोले मज़हबी आज़ादी में दखल बर्दाश्त नहीं
सांसद बर्क ने कहा कि प्रदेश और देश में प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए होती है, लेकिन यदि कोई अधिकारी यह कहे कि इतने लोग नमाज़ नहीं पढ़ सक
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने नमाज़ पर रोक से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को अपनी मज़हबी आज़ादी के साथ इबादत करने का अधिकार देता है और किसी भी अधिकारी को इन अधिकारों में दखल देने का अधिकार नहीं है।
सांसद बर्क ने कहा कि प्रदेश और देश में प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए होती है, लेकिन यदि कोई अधिकारी यह कहे कि इतने लोग नमाज़ नहीं पढ़ सकते या इबादत पर रोक लगाए, तो इसका कोई औचित्य नहीं बनता। यह सीधे तौर पर नागरिकों की मज़हबी आज़ादी का हनन है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला इस बात को स्पष्ट करता है कि संविधान से मिले अधिकारों को सीमित नहीं किया जा सकता। किसी भी अधिकारी को मज़हबी मामलों में अनावश्यक दखल देने का अधिकार नहीं है।
सपा सांसद ने यह भी कहा कि अगर किसी अधिकारी द्वारा इस तरह की कार्रवाई की जाती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी ज़िले के डीएम और एसपी की होती है कि वे ऐसे आदेशों को निरस्त करें और संविधान के अनुरूप व्यवस्था बहाल करें। बर्क ने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट के इस फैसले से सिर्फ सम्भल ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अधिकारियों को यह संदेश जाएगा कि किसी भी मज़हब की आज़ादी पर पाबंदी लगाने से पहले संविधान और कानून का ध्यान रखना होगा।
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