Lakhimpur- Kheri : तराई में गहराया संकट- गैस और तेल के लिए उमड़ी भीड़, कागजों पर सिमटे गेहूं खरीद केंद्र
सरकारी गेहूं खरीद व्यवस्था पूरी तरह ठप नजर आ रही है। जिले में सरकारी खरीद केंद्रों का आवंटन तो हुआ है, लेकिन धरातल पर ये केंद्र केवल बैनरों तक ही सीमित हैं। पर्याप्त संसाधनों और व्यवस्थाओं की कमी के चलते कें
लखीमपुर खीरी के धौरहरा और तराई क्षेत्रों में आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। वैश्विक हालातों के असर से घरेलू और व्यावसायिक गैस के साथ-साथ अब डीजल और पेट्रोल के लिए भी पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। शादी-ब्याह के सीजन और तपती धूप में फसलों की सिंचाई के वक्त तेल की इस किल्लत ने किसानों और व्यापारियों को संकट में डाल दिया है। लोग अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए सुबह से ही लाइन में लगने को मजबूर हैं।
दूसरी ओर, सरकारी गेहूं खरीद व्यवस्था पूरी तरह ठप नजर आ रही है। जिले में सरकारी खरीद केंद्रों का आवंटन तो हुआ है, लेकिन धरातल पर ये केंद्र केवल बैनरों तक ही सीमित हैं। पर्याप्त संसाधनों और व्यवस्थाओं की कमी के चलते केंद्रों पर खरीद शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में किसान अपनी मेहनत की फसल को बिचौलियों के हाथों कम दामों पर बेचने को विवश हैं। एसडीएम धौरहरा शशिकांत मणि ने बताया कि गैस और तेल की किल्लत से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। गेहूं खरीद के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा है जिन्होंने अपनी रजिस्ट्री करा ली है। संसाधनों की कमी और अन्य समस्याओं के कारण क्षेत्र में आम आदमी से लेकर किसान तक भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
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