ग्वालियर में खाकी को शर्मसार करने वाली हैवानियत: चरित्र शंका में पुलिस जवान ने सोती हुई पत्नी को गर्म प्रेस से बुरी तरह दागा।
मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर से एक बेहद सनसनीखेज, विचलित करने वाली और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली
- चौदह साल के वैवाहिक रिश्ते और दो बच्चों की ममता भी न पिघला सकी दिल: विशेष सशस्त्र बल के शासकीय आवास में हुआ रूह कंपा देने वाला अत्याचार।
- पीड़िता की शिकायत पर माधवगंज थाना पुलिस ने दर्ज किया आपराधिक मुकदमा: घरेलू हिंसा और क्रूरता के आरोपी पुलिसकर्मी की तलाश में जुटी कानून व्यवस्था।
मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर से एक बेहद सनसनीखेज, विचलित करने वाली और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली आपराधिक वारदात सामने आई है। इस घटना ने समाज के उस रक्षक वर्ग के चेहरे पर गहरा दाग लगा दिया है, जिसके कंधों पर आम नागरिकों की जान-माल और सुरक्षा का बहुत बड़ा जिम्मा होता है। ग्वालियर में पदस्थ एक पुलिस जवान ने कानून और मानवीय संवेदनाओं की सारी हदें पार करते हुए अपनी ही जीवनसंगिनी के साथ क्रूरता की ऐसी खौफनाक कहानी लिख डाली, जिसे सुनकर पूरा प्रशासनिक अमला और आम जनता हतप्रभ है। आरोपी पुलिसकर्मी ने अपनी पत्नी के चरित्र पर बेबुनियाद शक के चलते न केवल उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि क्रूरता की पराकाष्ठा पार करते हुए सोते समय उसके शरीर को धधकती हुई गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से कई जगह बुरी तरह जला दिया।
इस रूह कंपा देने वाले हादसे का शिकार हुई महिला के शरीर पर मौजूद गहरे और काले पड़ चुके जख्म उस भयानक रात की दर्दनाक आपबीती को खुद-ब-खुद बयां कर रहे हैं। इस असहनीय जुल्म को सहन करने के बाद जब पीड़िता किसी तरह अपने हौसले को समेटकर पुलिस थाने पहुंची, तो उसकी हालत देखकर वहां मौजूद पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए। स्थानीय माधवगंज थाना पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए बिना किसी देरी के पीड़ित महिला की लिखित शिकायत पर आरोपी पुलिस जवान के खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत आपराधिक मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें अब इस पूरे मामले की गहनता से तकनीकी और व्यावहारिक जांच कर रही हैं, ताकि कानून की रक्षा करने वाले इस वर्दीधारी अपराधी को सलाखों के पीछे भेजा जा सके। भारतीय कानून व्यवस्था में विवाहित महिलाओं को घरेलू प्रताड़ना और क्रूरता से बचाने के लिए बेहद कड़े कानून बनाए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता के तहत किसी महिला के साथ उसके पति या रिश्तेदारों द्वारा की जाने वाली शारीरिक और मानसिक क्रूरता एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आती है। इसके अतिरिक्त, घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत पीड़ित महिला को तत्काल अंतरिम राहत, निवास का अधिकार और सुरक्षा आदेश प्रदान किए जाने का स्पष्ट प्रावधान है, ताकि वह बिना किसी भय के न्याय की लड़ाई लड़ सके।
पीड़ित महिला ने पुलिस के सामने दिए अपने प्राथमिक बयान में बताया कि उसकी शादी को लगभग चौदह लंबे साल बीत चुके हैं और इस लंबी अवधि के दौरान उनके दो मासूम बच्चे भी हुए, जो अब धीरे-धीरे बड़े हो रहे हैं। वह अपने पूरे परिवार के साथ ग्वालियर के माधवगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एसएएफ (विशेष सशस्त्र बल) के सरकारी क्वार्टर में रह रही थी। महिला का जीवन पिछले कई वर्षों से एक बंदिश और खौफ के साए में कट रहा था, क्योंकि उसका पति छोटी-छोटी बातों को लेकर उस पर अत्यधिक संदेह करता था। यदि वह घर की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए या बच्चों की पढ़ाई के सिलसिले में घर की दहलीज से बाहर कदम भी रखती थी, तो पति का शक गहरा जाता था और वह हिंसक व्यवहार पर उतारू हो जाता था।
प्रताड़ना का यह सिलसिला केवल घर से बाहर जाने तक सीमित नहीं था, बल्कि पीड़िता का अपनी सहेलियों, रिश्तेदारों या मायके पक्ष के लोगों से फोन पर सामान्य बातचीत करना भी आरोपी को नागवार गुजरता था। मोबाइल फोन की घंटी बजते ही आरोपी पुलिसकर्मी अपनी पत्नी का फोन छीन लेता था और कॉल हिस्ट्री से लेकर संदेशों तक की जासूसी करने लगता था। इसके बाद मामूली बात पर गाली-गलौज करना, बच्चों के सामने बेइज्जत करना और लात-घूसों से बेरहमी से मारना-पीटना उसकी दैनिक आदत बन चुकी थी। महिला अपने बच्चों के भविष्य और समाज में परिवार की प्रतिष्ठा की खातिर इस असहनीय दर्द को चुपचाप सहती रही, लेकिन उसका यह मौन आरोपी के हौसलों को और अधिक बढ़ाने वाला साबित हुआ।
वारदात वाली रात को लेकर जो विवरण सामने आया है, वह किसी भी संवेदनशील इंसान के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है। रात के समय जब पूरा परिवार खाना खाकर सो गया और महिला गहरी नींद में थी, तब आरोपी पति के दिमाग में न जाने क्या सनक सवार हुई कि उसने घर में कपड़े प्रेस करने वाली आयरन को बिजली के बोर्ड में लगाकर अत्यधिक गर्म कर लिया। इसके बाद वह दबे पांव सोती हुई पत्नी के पास पहुंचा और बिना किसी हिचकिचाहट के उस बेहद गर्म प्रेस को महिला के संवेदनशील अंगों और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर पूरी ताकत से दबा दिया। अचानक लगी इस भयानक आग जैसी तपन और दर्द से तड़पती हुई महिला चीखते हुए उठी, लेकिन आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और उसे जान से मारने की धमकी देते हुए कमरे में बंद कर दिया।
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