Mrunal Thakur Deepfake Warning: 'अब बर्दाश्त नहीं करूंगी', डीपफेक बनाने वालों पर भड़कीं मृणाल ठाकुर, दी सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
बॉलीवुड अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने अपने फर्जी डीपफेक वीडियो पर सख्त एतराज जताया है। उन्होंने इसे बनाने और शेयर करने वालों को कानूनी कार्रवाई की कड़ी चेतावनी दी है।
- Mrunal Thakur Reaction On Deepfake Video: मृणाल ठाकुर ने डीपफेक बनाने वालों को दिया अल्टीमेटम, साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की कही बात
- "अब और बर्दाश्त नहीं..." डीपफेक वीडियो पर फूटा अभिनेत्री मृणाल ठाकुर का गुस्सा, फर्जी कंटेंट बनाने वालों को दी सीधी चेतावनी
- Mrunal Thakur Deepfake Issue: डीपफेक का शिकार हुईं अभिनेत्री मृणाल ठाकुर, वीडियो बनाने और फैलाने वालों को दी कड़ी चेतावनी
बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने इंटरनेट पर अपने नाम और चेहरे का गलत इस्तेमाल कर बनाए जा रहे डीपफेक वीडियो को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर फर्जी तकनीक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए तैयार किए गए आपत्तिजनक वीडियो के सामने आने के बाद अभिनेत्री ने ऐसा करने वालों को अंतिम चेतावनी जारी की है। मृणाल ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी निजता और गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को अब बख्शने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने ऐसा गैर-कानूनी काम करने वाले असामाजिक तत्वों और उन वीडियो को वायरल करने वाले सोशल मीडिया पेजों को सख्त कानूनी कार्रवाई और साइबर सेल में मामला दर्ज कराने का अल्टीमेटम दिया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग का शिकार अब अभिनेत्री मृणाल ठाकुर भी हो गई हैं। पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही थीं, जिनमें आधुनिक डिजिटल उपकरणों की मदद से मृणाल ठाकुर के चेहरे को किसी अन्य व्यक्ति के शरीर पर मॉर्फ करके दिखाया गया था। इन वीडियो को वास्तविक बताकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रचारित किया जा रहा था। जब यह मामला अभिनेत्री के संज्ञान में आया, तो उन्होंने इस गंभीर डिजिटल अपराध के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और सार्वजनिक रूप से एक बयान जारी कर ऐसे कृत्य में शामिल लोगों को सीधी चेतावनी दी।
सिनेमाई हस्तियों को निशाना बनाने वाली डीपफेक समस्या पिछले कुछ समय से लगातार गंभीर रूप धारण कर रही है। रश्मिका मंदाना, कटरीना कैफ और आलिया भट्ट जैसी शीर्ष अभिनेत्रियों के बाद अब मृणाल ठाकुर को भी इस साइबर जालसाजी का सामना करना पड़ा है। कुछ अज्ञात पेजों और यूजर्स द्वारा एआई टूल्स की मदद से मृणाल के चेहरे का इस्तेमाल कर भ्रामक और अश्लील सामग्री तैयार की गई।
जैसे ही यह कंटेंट डिजिटल मीडिया पर प्रसारित हुआ, उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों ने इस पर आपत्ति जताई और अभिनेत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया। इसके बाद मृणाल ठाकुर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से एक बेहद कड़ा संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि तकनीक का इस्तेमाल किसी की गरिमा को ठेस पहुँचाने के लिए करना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा, "मैं इसे अब और बर्दाश्त नहीं करूंगी। जो लोग मेरे चेहरे और नाम का इस्तेमाल कर डीपफेक वीडियो बना रहे हैं या उन्हें शेयर कर रहे हैं, वे तुरंत इन्हें हटा लें। अन्यथा मैं ऐसे सभी खातों और व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस और साइबर अधिकारियों के पास कानूनी शिकायत दर्ज कराऊंगी।"
मृणाल ठाकुर के इस सख्त कदम का फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया है। कई बॉलीवुड हस्तियों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने अभिनेत्री के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है। फिल्म बिरादरी का कहना है कि एआई का इस तरह का अनियंत्रित उपयोग न केवल कलाकारों की निजता पर हमला है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए भी एक बड़ा खतरा बन चुका है।
वहीं, कानूनी और साइबर मामलों के विशेषज्ञों ने अभिनेत्री के इस रुख को सही ठहराते हुए कहा है कि डीपफेक बनाना और उसे इंटरनेट पर प्रसारित करना भारतीय न्याय संहिता (BJS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की विभिन्न धाराओं के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मशहूर हस्तियां ऐसे मामलों में कड़ा रुख नहीं अपनाएंगी, तब तक साइबर अपराधियों पर लगाम कसना संभव नहीं होगा।
मृणाल ठाकुर द्वारा दी गई इस कानूनी चेतावनी का सीधा असर सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है। कई अनधिकृत पेजों और यूजर्स ने कानूनी पचड़े में फंसने के डर से इन मॉर्फ्ड वीडियोज को हटाना शुरू कर दिया है। यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि कैसे नई तकनीक का इस्तेमाल बिना किसी कड़े नियमन के किसी भी नागरिक की छवि को धूमिल करने के लिए किया जा सकता है।
इस पूरे प्रकरण ने मनोरंजन उद्योग में कलाकारों की डिजिटल सुरक्षा और इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर एक नई बहस छेड़ दी है। इससे आम इंटरनेट प्रयोक्ताओं में भी यह जागरूकता बढ़ी है कि ऐसे फर्जी वीडियो को लाइक, कमेंट या शेयर करना भी कानूनी अपराध का हिस्सा बन सकता है।
इस पूरे मामले में मृणाल ठाकुर की विधिक टीम उन सभी सोशल मीडिया लिंक्स और पेजों का ब्योरा जुटा रही है जहां से यह सामग्री प्रसारित हुई थी। यदि तय समय सीमा के भीतर आपत्तिजनक सामग्री को नहीं हटाया गया, तो अभिनेत्री की ओर से साइबर क्राइम सेल में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जा सकती है। इसके साथ ही, आईटी मंत्रालय और केंद्र सरकार द्वारा एआई जनित कंटेंट और डीपफेक पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून और दिशानिर्देश तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है, ताकि भविष्य में इस प्रकार के डिजिटल अपराधों पर पूर्ण रोक लगाई जा सके।
What's Your Reaction?




