PM Modi Social Media Post Case: पीएम मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाला बेंगलुरु का वेंडर गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल
Bengaluru News: पीएम मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने के आरोप में बेंगलुरु पुलिस ने एक स्ट्रीट वेंडर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है।
- बेंगलुरु: पीएम मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अमर्यादित टिप्पणी मामला, स्ट्रीट फूड वेंडर न्यायिक हिरासत में भेजा गया
- पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी पड़ी भारी: बेंगलुरु में स्ट्रीट वेंडर गिरफ्तार, कोर्ट ने सुनाया न्यायिक हिरासत का आदेश
- Bengaluru News: पीएम मोदी पर अभद्र सोशल मीडिया पोस्ट का मामला, बेंगलुरु पुलिस ने स्ट्रीट वेंडर को किया गिरफ्तार
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक और आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक स्ट्रीट फूड वेंडर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी द्वारा इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक वीडियो (रील) बनाकर अपलोड करने के बाद यह मामला तूल पकड़ गया था। शिकायत के आधार पर हरकत में आई बेंगलुरु की बाणसवाड़ी थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके बाद अदालत में पेश किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी वेंडर को न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश जारी कर दिया है। पुलिस अब मामले की तकनीकी पहलुओं से जांच कर रही है।
बेंगलुरु के पूर्वी इलाके में ठेले पर स्ट्रीट फूड बेचने वाले एक 21 वर्षीय युवक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अमर्यादित टिप्पणियां और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की थी। इस पोस्ट का संज्ञान लेते हुए स्थानीय नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में आरोपी द्वारा साझा की गई सामग्री को सामाजिक शांति में बाधा पहुंचाने और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का दोषी पाया गया, जिसके आधार पर सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी बेंगलुरु में फुटपाथ पर अपना फूड स्टॉल चलाता है। उसने हाल ही में अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो रिकॉर्ड कर शेयर किया था, जिसमें प्रधानमंत्री के खिलाफ अनुचित व अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था। वीडियो के इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद जब स्थानीय लोगों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के नजर में यह बात आई, तो बाणसवाड़ी पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक शिकायत पत्र दिया गया।
शिकायत मिलने के बाद बाणसवाड़ी पुलिस की एक विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित डिजिटल लिंक और वीडियो क्लिप की जांच की। आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी वेंडर को चिन्हित कर उसके ठिकाने से हिरासत में लिया। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी बात कहने के लिए किया जा सकता है, लेकिन किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अश्लील, भड़काऊ और अमर्यादित टिप्पणी करना कानून का उल्लंघन है। शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है।
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के नफरती भाषण (Hate Speech) या शांति भंग करने की नीयत से साझा की गई आपत्तिजनक पोस्ट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग पर बहस छेड़ दी है। कानून विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी नागरिक को अपनी राय रखने की स्वतंत्रता है, लेकिन संविधान द्वारा निर्धारित मर्यादाओं का पालन करना भी उतना ही अनिवार्य है। बेंगलुरु में हुई इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देश के शीर्ष अधिकारियों या पदों के खिलाफ की गई अनुचित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग गंभीर कानूनी संकट खड़ा कर सकता है।
अदालत के आदेश के बाद आरोपी वर्तमान में जेल में न्यायिक हिरासत में है। पुलिस अब उसके मोबाइल डिवाइस की फोरेंसिक जांच करा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उस पोस्ट के पीछे कोई अन्य मंशा थी या किसी अन्य व्यक्ति के उकसावे पर यह वीडियो तैयार किया गया था। पुलिस जल्द ही इस मामले में सभी फॉरेंसिक साक्ष्यों को एकत्र कर अदालत में आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल करेगी।
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