मस्जिद में नमाज़ पर रोक का आरोप! सम्भल में मुस्लिम युवक बोला- अपने ही समाज के लोग नहीं पढ़ने दे रहे नमाज़, एसपी ने दिए FIR के आदेश
सम्भल जिले के मांडली समसपुर गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को चौंका दिया। यहां एक मुस्लिम युवक ने आरोप
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल जिले के मांडली समसपुर गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को चौंका दिया। यहां एक मुस्लिम युवक ने आरोप लगाया है कि उसी के समुदाय के कुछ लोगों ने उसे और उसके परिवार को मस्जिद में नमाज़ अदा करने से रोक दिया है। पीड़ित मोहम्मद वसीम ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई से मिलकर कार्रवाई की मांग की।
वसीम का आरोप है कि गांव के तुर्क बिरादरी के कुछ लोग उन्हें मस्जिद में नमाज़ पढ़ने नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि वह धुनिया (बुन्ना) बिरादरी से हैं और इसी वजह से उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि मस्जिद के मुतवल्ली अतीक अहमद, उसके बेटे शाने आलम समेत कुछ अन्य लोग पिछले डेढ़ साल से उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, जकात लेने और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने से भी रोका जा रहा है। वसीम के अनुसार, गांव में उनकी बिरादरी के पांच-छह परिवार हैं, जिनमें से कुछ लोग विरोधी पक्ष के साथ हैं, जबकि बाकी परिवारों को मस्जिद में अपनी परंपरा के अनुसार नमाज़ पढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही। मामले को गंभीर बताते हुए एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित की तहरीर लेकर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वह बिना किसी रोक-टोक के अपने धार्मिक अधिकारों का पालन कर सके। एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद काफी समय से चला आ रहा है और पहले पुलिस स्तर पर समझौते का प्रयास भी किया गया था, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। अब कानूनी कार्रवाई के जरिए मामले का समाधान कराया जाएगा।
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