Sitapur : खैराबाद में बीडीओ के व्यवहार से नाराज दिव्यांगों का प्रदर्शन, एसडीएम के आश्वासन पर शांत हुए लोग
दिव्यांगजनों का आरोप था कि आवास योजना का लाभ दिलाने के बदले में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने उनसे दस हजार रुपये ले लिए और अब और पैसों की मांग की जा रही है। जब दो पीड़ित महिलाओं ने इस घूसखोरी की शिकायत बीडीओ नीरज दुबे से करने का
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर जिले के खैराबाद विकास खंड में अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे दिव्यांगजनों और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के बीच हुई बहस ने बड़ा रूप ले लिया। आत्मनिर्भर दिव्यांग एकता फाउंडेशन की प्रबंधक और सचिव बिंदु मौर्या के नेतृत्व में काफी संख्या में दिव्यांगजन अपनी परेशानियां लेकर ब्लॉक कार्यालय पहुंचे थे।
दिव्यांगजनों का आरोप था कि आवास योजना का लाभ दिलाने के बदले में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने उनसे दस हजार रुपये ले लिए और अब और पैसों की मांग की जा रही है। जब दो पीड़ित महिलाओं ने इस घूसखोरी की शिकायत बीडीओ नीरज दुबे से करने का प्रयास किया, तो उन्होंने बात सुनने के बजाय नाराजगी जताई। आरोप है कि बीडीओ दिव्यांगों की बात को अनसुना कर उनके साथ खराब व्यवहार करते हुए अपने वातानुकूलित (एसी) कमरे में चले गए। इस बात से नाराज होकर दिव्यांगों ने ब्लॉक परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। संस्था के पदाधिकारियों और बीडीओ के बीच तीखी बहस के बाद माहौल गरमा गया, जिसके बाद मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। आईटीआई चौक प्रभारी योगेंद्र सिंह ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कोई हल न निकलता देख नाराज दिव्यांगजन न्याय के लिए चिलचिलाती धूप में पैदल ही जिला मुख्यालय की तरफ बढ़ गए।
कड़ी गर्मी और तेज धूप में पैदल चलते हुए दिव्यांगजन जब वैदेही वाटिका के पास पहुंचे, तो वहां एसडीएम सदर जनार्दन और लेखपाल विवेक पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे। एसडीएम ने सभी दिव्यांगजनों की शिकायतों को बहुत ध्यान से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि १५ दिनों के भीतर उनकी इस समस्या का पूरा समाधान कर दिया जाएगा। अधिकारियों से ठोस आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन कर रहे लोग वापस लौटे। इस दौरान एसडीएम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए थक चुके दिव्यांगजनों को सम्मान के साथ बिठाया और उनके लिए ठंडे पानी व फल की व्यवस्था कराई, जिससे लोगों को काफी राहत मिली। इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष विजयपाल, गुड्डू, कालिंद्री, फूलमती, मानसी, शांति देवी और रामचंद्र मौर्य समेत कई लोग मौजूद रहे।
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