Lucknow: बाल श्रम उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित, श्रमिक कल्याण योजनाओं की दी जानकारी
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित "12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के" अभियान के
लखनऊ: केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित "12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के" अभियान के अंतर्गत 05 जून से 21 जून 2026 तक प्रदेश में समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को कार्यालय अपर श्रमायुक्त, 23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ के सभागार में अपर श्रमायुक्त, लखनऊ कल्पना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा बाल श्रम उन्मूलन विषयक जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में सहायक श्रमायुक्त शिप्रा चतुर्वेदी सहित श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी शरद, संतोष कुमार, राकेश कुमार पाल, अंकित सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, राम कुमार, इम्तेयाज अहमद अंसारी, पंकज कुमार शुक्ला तथा हिन्द मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री उमा शंकर एवं टीयूसीसी के महामंत्री प्रमोद पटेल सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अभियान के तहत लेबर अड्डा इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारियों अंकित सिंह एवं शरद ने वहां एकत्रित श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस दौरान 15 श्रमिकों का मौके पर ही पंजीकरण किया गया तथा अन्य पात्र श्रमिकों को भी श्रमिक पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी प्रकार बोर्ड की कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना (आरपीएल) के अंतर्गत आरपीएल टीम द्वारा विकास खंड मलिहाबाद एवं मोहनलालगंज में विशेष शिविर आयोजित कर श्रमिकों का पंजीकरण किया गया। वहीं विकास खंड बक्शी का तालाब में भी उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के प्रचार-प्रसार, श्रमिक पंजीकरण तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं में आवेदन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विशेष स्टॉल एवं शिविर लगाए गए।
अपर श्रमायुक्त ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य सुनिश्चित किया जाए।
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