Sambhal: धर्मांतरण रोकथाम सेल पर मौलाना वसी अशरफ का बयान: ईमानदार लोग हों, साज़िश और झूठे मामलों पर भी लगे रोक
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल Anandiben Patel द्वारा मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में धर्मांतरण रोकथाम सेल गठित करने के फैसले
उवैस दानिश, सम्भल
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल Anandiben Patel द्वारा मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में धर्मांतरण रोकथाम सेल गठित करने के फैसले पर मौलाना वसी अशरफ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुसलमानों को इस व्यवस्था पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, बशर्ते सेल में ईमानदार और निष्पक्ष लोगों की नियुक्ति की जाए।
मौलाना वसी अशरफ ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करता है तो भारतीय कानून उसे इसकी अनुमति देता है और किसी को भी उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जबरन धर्म परिवर्तन इस्लाम में भी जायज़ नहीं है और यदि सरकार ऐसे मामलों को रोकने के लिए कदम उठाती है तो यह स्वागत योग्य है। हालांकि उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि धर्मांतरण के नाम पर कई बार झूठे और मनगढ़ंत आरोप भी लगाए जाते हैं। उनका कहना था कि कुछ मामलों में वर्षों तक साथ रहने के बाद अचानक धर्म छिपाने या धोखा देने जैसे आरोप लगाए जाते हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार ऐसे मामलों की आड़ में मुसलमानों और इस्लाम को बदनाम करने की कोशिश की जाती है।
मौलाना ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए जाने वाले सेल में ऐसे लोगों को शामिल किया जाना चाहिए जो निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ काम करें तथा किसी भी समुदाय के खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित न हों। उन्होंने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष होगी तो समाज में विश्वास बढ़ेगा और वास्तविक मामलों में न्याय सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसके नाम पर किसी निर्दोष व्यक्ति या समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने राज्यपाल के फैसले का स्वागत करते हुए निष्पक्ष व्यवस्था की मांग उठाई।
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