Deoband : गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से क्यों पीछे हट रही सरकार- मौलाना अरशद मदनी

मौलाना अरशद मदनी ने अपने बयान में कहा कि अगर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाता है, तो देश के मुसलमानों को इस पर कोई एतराज नहीं होगा। इसके विपरीत वे खुश होंगे क्योंकि इससे समाज में फैला नफरत और तनाव का माहौल खत्म होगा। उन्होंने सवाल किया कि

May 20, 2026 - 22:09
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Deoband : गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से क्यों पीछे हट रही सरकार- मौलाना अरशद मदनी
Deoband : गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से क्यों पीछे हट रही सरकार- मौलाना अरशद मदनी

देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलने से गाय के नाम पर होने वाली हिंसा और मारपीट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। ऐसे में सरकार इसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने से क्यों कतरा रही है, यह एक बड़ा सवाल है।

मौलाना अरशद मदनी ने अपने बयान में कहा कि अगर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाता है, तो देश के मुसलमानों को इस पर कोई एतराज नहीं होगा। इसके विपरीत वे खुश होंगे क्योंकि इससे समाज में फैला नफरत और तनाव का माहौल खत्म होगा। उन्होंने सवाल किया कि जब देश की बड़ी आबादी गाय को माता मानती है, तो सरकार को यह कदम उठाने में क्या परेशानी है। यह मांग केवल मुस्लिम समाज ही नहीं बल्कि कई साधु-संत भी लंबे समय से कर रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि गाय को एक राजनीतिक और भावुक हथियार बना दिया गया है। पशु तस्करी के नाम पर बेकसूर लोगों पर हमले किए जाते हैं, जिससे एक खास समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचता है।

उन्होंने आगे कहा कि पहले बहुत से मुस्लिम परिवार गाय पालने और दूध के कारोबार से जुड़े थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में बदले माहौल की वजह से अब लोग सुरक्षा के लिहाज से भैंस पालना ज्यादा ठीक समझते हैं। जमीयत हमेशा से लोगों को दूसरे धर्मों की आस्था का सम्मान करने और प्रतिबंधित पशुओं से दूर रहने की सीख देती आई है। उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में गोवंश और पशु वध को लेकर बने अलग-अलग कानूनों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई राज्यों में गोमांस खाया जाता है और वहां सरकारें भी हैं, लेकिन वहां कोई विवाद नहीं होता। कुछ राज्यों में इसे केवल राजनीति चमकाने के लिए मुद्दा बनाया जाता है। उन्होंने मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु मानकर पूरे देश में एक जैसा कानून बनाया जाए, ताकि भेदभाव और विवाद हमेशा के लिए खत्म हो सके।

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